कहानी में विक्की के मां-बाप उसकी शादी अपनी मर्जी से कराना चाह रहे हैं विक्की के ना आने पर विक्की की मां विकी के पिताजी की बीमारी का झूठा बहाना बनाती है इधर विक्की भी किसी दूसरे धर्म की लड़की से प्रेम करता है यह बात वह सिर्फ अपनी बहन को बताता है क्या मां-बाप के दबाव में विक्की शादी करेगा बहन का इस संदर्भ में क्या सोचना है मालती जोशी की पारिवारिक पृष्ठभूमि पर लिखी हुई कहानी शर्मनाक जिसे आवाज दी है शिवानी खरे ने
उत्तरा 50 साल की एक महिला है जिसका विवाह गिरीश से हुआ है |उसकी दो बेटियां हैं निशि और आशु |उत्तरा के जीवन में कहीं ना कहीं एक सन्नाटा पसरा हुआ है |उत्तरा को ऐसा क्यों महसूस हो रहा है| क्या वह अपने अंदर चल रहे इन बातों को को समाज को दिखा पाती है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं मालती जोशी की लिखी कहानी सन्नाटा, पूजा श्रीवास्तव की आवाज में…
जेवर और पीहर बुढ़ापे तक इन दो चीजों का मुंह नहीं टूटता |पीहर के प्रति लगाव इतना जबरदस्त होता है कि उसे बरकरार रखने के लिए कई बार बेटियां अपना जायज हक तक छोड़ देती है| चंद्रहार कहानी में भावनाओं का ताना-बाना इसी बात को लेकर बुना गया है| कहानी ने मीनू 3 साल के बाद अपनी मां से मिलने भारत आती है | मां उसको उसकी पसंद का चंद्रहार देना चाहती है किंतु मीनू उसे लेने से इनकार कर देती है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं मालती जोशी जी की आवाज में कहानी चंद्रहार
शादी एक जुआ है।सही दाव लग गया तो पौ बारह, लेकिन अगर दाव उल्टा पड़ गया तो जिंदगी जहन्नुम बन जाती है।इस फ़न में हर कोई माहिर नही होता।वो विरले ही होते है जो इस फ़न में माहिर होते हैं ।
मां बाप के लिए अपने बच्चे ना कोई बोझ होते हैं ना कोई अवसाद होते हैं वह अपने बच्चों को पूरे स्नेह के साथ उनका लालन-पालन करते हैं क्या कभी बच्चे भी अपने मां-बाप कीउसी प्रकार उनकी देखभाल कर पाते हैं इसी भावना से ओतप्रोत है मालती जोशी जी की लिखी कहानी वो तेरा घर यह मेरा घर ,सुनते हैं पूजा श्रीवास्तव की आवाज में
कभी कभी जीवन में कुछ फैसले लेने में इतनी देर हो जाती है कि फिर सारा जीवन पछताना पड़ता है। वैसे तो माँ-बाप की जिम्मेदारी बेटों पर होती है लेकिन कभी-कभी यह जिम्मेदारी बेटियाँ भी उठाती है या यूँ कहें कि उन्हें उठानी पड़ती है। तब , जब बेटे माँ बाप से मुँह मोड़ लेते हैं। वीणा ने भी अपने माँ-बाप की जिम्मेदारी उठाई और अपने जीवन की सारी खुशियों को ताक पर रख दिया । लेकिन क्या वह वास्तव में जी रही थी ?
रीना ने अभी तक शादी नहीं की है क्योंकि उसे अपने हिसाब से उपयुक्त जीवनसाथी नहीं मिल रहा है इसी बात को छेड़ते हुए उसकी मित्र अनुजा उसे कविता मैडम का उदाहरण देती है कविता मैडम ने काफी उम्र बढ़ने पर शादी की है कविता मैडम की जिंदगी में क्या-क्या उतार-चढ़ाव आए और उन्होंने इतनी बड़ी उम्र में विवाह क्यों किया पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं मालती जोशी की लिखी कहानी हादसे और हौसले शिवानी खरे की आवाज में .
लखि बाबुल मोरे एक बेहद ही दिल को छू लेने वाली कहानी है. कैसे एक लड़की अपने दादी दादा के साथ रह कर अपना और अपने पिता के परिचय को ढूंढने की कोशिश करती है? अपने दादा दादी के मनोभावों को किस प्रकार समझने की कोशिश करते हुए उसमे दुनियादारी और समझदारी आती है? उसका चित्रण इस कहानी में बखूबी किया है
कहानी मंदी में जान सकते हैं कि मंदी के दौर में किस प्रकार ग्राहकों को लुभाने की कोशिश की जा रही है |नायक किस प्रकार इन बातों को अनुभव कर रहा है |जानने के लिए सुनते हैं मोहन राकेश के द्वारा लिखी गई कहानी मंदी ,सुमन वैद्य की आवाज में
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Alekh Shrivastava
Shivani Khare