रश्मिरथी — रामधारी सिंह दिनकर
महाभारत के विराट पात्रों में कर्ण — एक ऐसा नाम, जिसकी कहानी केवल युद्ध की नहीं, बल्कि सम्मान, संघर्ष और आत्मसम्मान की गाथा है।
“रश्मिरथी” में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर कर्ण के जीवन को शब्दों में नहीं, बल्कि भावों में जीवंत कर देते हैं।
यह काव्य हमें उस वीर की यात्रा से रूबरू कराता है जो जन्म से नहीं, अपने कर्म और संकल्प से महान बनता है।
अपमान, दानवीरता, मित्रता और धर्म के द्वंद्व के बीच कर्ण का चरित्र हमें जीवन के कठिन प्रश्नों से सामना कराता है।
यह केवल एक काव्य नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, त्याग और वीरता का अद्भुत अनुभव है।
🎧 सुनिए “रश्मिरथी” — Gaatha पर
जहाँ शब्द नहीं, भावनाएँ जीवित होती हैं।
खुसरो के लेखन शैली की अति उत्कृष्ट ग़ज़ल की पंक्तियां “जिहाले मिस्किन “ जिसमें हिंदी और फारसी दोनों का एक साथ प्रयोग किया गया है |पंक्तियों का आशय इस प्रकार है अगर मुझ गरीब को यूं आंखें इधर-उधर दौड़ाकर और बातें बना कर नजरअंदाज ना करो ,मैं अब और जुदाई बर्दाश्त नहीं कर सकता | पूरा सुनने के लिए सुनते हैं रवि शुक्ला की आवाज में अमीर खुसरो द्वारा लिखी गई इस ग़ज़ल के छंद…
वह एक दिन हीरा मंडी का रास्ता चौबारा छोड़ कर शाहर के सबसे बड़े होटल फ्लैटी में आ गयी थी। वही शहर था, पर सारा शहर जैसे रातों रात उसका नाम भूल गया हो, सबके मुंह से सुनायी देता था -शाह की कंजरी। गजब का गाती थी। कोई गाने वाली उसकी तरह मिर्जे की सद नहीं लगा सकती थी। इसलिये चाहे लोग उसका नाम भूल गये थे पर उसकी आवाज नहीं भूल सके| शाह की कंजरी के नाम से जाने वाली नीलम महफिलों में गाने बजाने एक युवती है शाहनी जी के बड़े बेटे की शादी में उसे बुलाया जाता है तब शाहनी नीलम के साथ किस प्रकार का बर्ताव करती है अमृता प्रीतम के द्वारा लिखी गई कहानी शाह की कंजरी में …
एक भारतीय अभिनेता, फिल्म निर्माता, फिल्म निर्देशक, लेखक और राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने हिंदी सिनेमा के मूक युग में अपना करियर शुरू किया था । वह इप्टा के संस्थापक सदस्यों में से एक के रूप में जुड़े थे और उन्होंने 1944 में मुंबई स्थित एक ट्रैवलिंग थिएटर कंपनी, पृथ्वी थिएटर की स्थापना की थी। वह हिंदी फिल्मों के कपूर परिवार के पितामह थे , जिनमें से चार पीढ़ियों ने उनसे शुरुआत की थी1969 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया इसके अलावा 1972 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी इन्हें नवाजा गया
अनु आज अपना 50 वां जन्मदिन मना रही है सुबह-सुबह उसके बचपन के दोस्त शेखर का फोन आता है कि उसके साथ उसका जन्मदिन बनाना चाह रहा है किंतु आज भी अनु उसी सामाजिकता के दायरों में भी वही परंपरागत डरपोक भारतीय नारी की तरहजो पति की पसंद-नापसंद से आगे कोई सोच नहीं रखती है |क्या अनु शेखर को अपने यहां बुला पाएगी |अनु आगे क्या निर्णय लेती है जानने के लिए सुनते हैं स्वाति तिवारी की लिखी कहानी बंद मुट्ठी में चाकलेट ,अंजू जेटली की आवाज
बजट ट्रिप के लिहाज से देश की पांच सबसे खूबसूरत जगहें – संजय शेफर्ड – पल्लवी
बजट ट्रिप के लिहाज से भारत के जैसलमेर से अच्छी कोई जगह हो नहीं सकती ।जैसलमेर एक खूबसूरत शहर है यहां पर दूर-दूर तक फैले रेत के टीले और उनके पीछे सूर्यास्त होता हुआ एक अद्वितीय नजा़रा। आपकी कल्पनाओं से बहुत आगे है ।खुला आसमान, ऊंट की सवारी और बड़े-बड़े किले। तो देर किस बात की सुनिए घुमंतू के साथ, पल्लवी की आवाज़ में, संजय शेफर्ड की डायरी से Budget Friendly destination
सुमेश नंदा एक प्रख्यात चित्रकार है उसके चित्रों की चित्रकला प्रदर्शनी लगी हुई है लेखिका की आंखें दो विशेष चित्रों को बहुत गौर से देख रही है इन दोनों विशेष चित्रों में एक चित्र चाय बागान में चाय की पत्तियों का है और दूसरा एक खूबसूरत पहाड़ी लड़की के साथ एक जाम की तस्वीर | सुमेश नंदा के इन दोनों विशेष चित्रों के पीछे एक बेहद भावुक और उसके जिंदगी से जुड़ी कहानी है क्या है पहाड़ी लड़की की तस्वीर से सुमेश नंदा का कोई संबंध ? क्या है इसके पीछे की कहानी? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं अमृता प्रीतम के द्वारा लिखी गई कहानी एक लड़की एक जाम अनुर्वी मेहरा के द्वारा
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