कहानी के मुख्य पात्र निशिकांत के मन की उस दशा को चित्रित किया गया है जहां पर वह स्वयं शादीशुदा होकर भी किसी दूसरी स्त्री के रूप ,सौंदर्य की तरफ आकर्षित है किंतु जब वह अपनी पत्नी को इस रूप में सोचता है कि जैसे वह किसी पराई स्त्री के प्रति आकर्षित है वैसे कोई और भी उसकी पत्नी के प्रति भी आकर्षित हो सकता है |तो क्या वह इसे स्वीकार कर पाएगा| निशिकांत की इस बंद को मन के द्वंद को समझते हैं विष्णु प्रभाकर के द्वारा लिखी गई कहानी निशिकांत नयनी दिक्षित की आवाज में
आज हम बच्चों को उनकी गलतियों के लिए डांटते हैं, मारते भी हैं लेकिन याद कीजिए क्या वही सब गलतियां हमसे कभी ना कभी हो चुकी होती है?ऐसा ही कुछ आज निशिकांत के साथ हो रहा है ,जब उसे एहसास हो रहा है कि जिस बात के लिए वह आज अपनी बेटी को डांट रहा है वह गलती कभी उससे हो चुकी है और उससे पहले उसके पापा से तो यह क्रम क्या ऐसे ही चलता रहेगा .इसे जानने के लिए सुनते हैं विष्णुप्रभाकर द्वारा लिखी गई कहानी यह क्रम, नयनी दीक्षित की आवाज में..
सहानुभूति और प्रेम के बिना दुनिया में कुछ भी नहीं |जब अपनापन किसी को वास्तव में मिलता है तो दुनिया की किसी भी चुनौती का सामना कर सकता है |कहानी ने कुछ ऐसा ही है निशीकांत घर में अकेला है और ज्वर से पीड़ित है |कमला उसकी देखभाल हेतु आती है फिर क्या निशिकांत को काफी अच्छा लगता है| आखिर क्या है कमला का निशीकांत से क्या रिश्ता है इस रहस्य को समझने के लिए सुनते हैं विष्णु प्रभाकर की कहानी रहस्य नयनी दीक्षित की आवाज में…
नारी का अस्तित्व उसके नारीत्व से है ना कि उनकी शारीरिक सुंदरता से | कहानी का मुख्य पात्र निशिकांत सहस्त्रधारा घूमने गया हुआ है| वहां पर निशिकांत की मुलाकात बेहद गुणवान युवती चंद्रा से होती है जो अभी तक अविवाहित है एक युवती चंद्रा से होती है उसका विवाह ना हो पाने का कारण सिर्फ उसकी कुरूपता निशिकांत चंद्रा के बारे में क्या अपनी अंतर्वेदना रखता है इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं विष्णु प्रभाकर की लिखी कहानी अंतर्वेदना नए नयनी दीक्षित की आवाज में
निशिकांत ट्रेन से दिल्ली जा रहा है |कहीं ना कहीं उसका निजी अनुभव अहिंदू कौम के लिए कुछ खट्टास पैदा कर रहा है लेकिन ट्रेन में कुछ ऐसी घटना होती है जिससे निशिकांत की सोच में एक बहुत बड़ा परिवर्तन आता है|क्या है वह घटना ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं विष्णु प्रभाकर के द्वारा लिखी गई कहानी परिवर्तन नयनी दीक्षित की आवाज में
निशिकांत पंडित नंद राम बाबू जी के यहां किराएदार के तौर पर रह रहे हैं |पंडित जी की बड़ी-बड़ी आंखें हमेशा निराशा ,अभिमान और क्रोध से तमतमायी सी रहती है अपनी मान्यताओं किसी भी कीमत पर समझौता नहीं कर सकते और पंडित जी स्वभाव कुछ बेबाक किस्म का है इस वजह से सभी लोग उनसे कन्नी काटते हैं |निशिकांत भी पंडित जी के स्वभाव को से हमेशा खिन्न सा रहता है किंतु निशिकांत के जीवन में ऐसी घटना घटी है तब उन्हें सिवाय पंडित जी के अलावा कोई साथ देने वाला नहीं नजर आया |ऐसा क्या हुआ था निशिकांत के जीवन में ?पंडित जी ने किस प्रकार निशिकांत की उस समय मदद करी ? विष्णु प्रभाकर के द्वारा लिखी गई रोचक कहानी पंडित जी ,जानते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि गोपाल शंकर और मिस्टर केमिन किले पर धावा बोल चुके हैं। किस तरह नगेंद्र नरसिंह गोपाल शंकर को रोज़ के साथ तहखाने में कैद कर , गुब्बारे की सहायता से ऊपर चले गए ।क्या गोपाल शंकर और रोज़ की मौत हो गई ?गोपाल शंकर और मि. केमिन के द्वारा बनाई गई योज़ना सफल हो पाई । इसके आगे के भाग को सुनने के लिए सुनते हैं कहानी का यह हिस्सा
धीरेंद्र अस्थाना की कहानी चीख में, एक अबोध बालक के मन पर मारपीट का प्रभाव उसके जीवन को कहां तक उधर- पुथल के रास्ते पर ले जा सकता है ? इन बातों का प्रभाव एक छोटे से बच्चे के मन पर पड़ता है जो युवा होने के बाद भी उसका पीछा नहीं छोड़ता और किस तरफ अपना मानसिक संतुलन खो बैठता है | यह कहानी समाज के सामने एक प्रश्न रखती है कि क्या इस तरह की चीजों से निपटना सामाजिक दायित्व नहीं है?
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
हाशना ने एक बार फिर से न्यूड पेंटिंग के.लिये सोहराब के सामने गुहार लगायी । इधर श्रेया के होश उड़ गये जब से बताया गया कि शेयाली की मौत हो चुकी है क्या इन बातों से श्रेया का कोई धागा जुड़ा हुआ है? या फिर इसके पीछे कोई तीसरा आदमी का हाथ है क्या स्याली की मौत के पीछे श्रे? शेयाली की डुप्लीकेट का क्या हुआ ?वह पकड़ी गई कि नहीं? सोहराब हाशना को पेंटिंग दिलवा पाया कि नहीं ?शेयाली के बंगले में किस चीज की चोरी हुई इन सवालों का जवाब पाने के लिए सुनते हैं शोलागढ़ @ 34 किलोमीटर का यह भाग…
नकली नाक – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
इब्ने सफ़ी अपने जानदार जासूसी उपन्यासों के लिए जाने जाते हैं । जिसमें बहुत सारी कल्पना और जानकारियाँ शामिल होती है। नकली नाक कहानी का मुख्य किरदार जैसे जाबिर एक चालबाज बूढ़ा है जाबिर बेहद पेचीदा श़ख्स है जिसे किसी भी किस्म का इंसानी ज़ज्बा छू भी नहीं पाता और वह आखिर में फ़रीदी जैसे होशियार डिटेक्टिव को भी चकमा देकर हर बार निकल जाता है ।क्या अंत में जाबिर पकड़ा जायेगा ?मगर कैसे? जासूसी कथा नकली नाक मेंजानिए नयनी दीक्षित की आवाज. में…
जब पंडित गोपाल शंकर को रक्त मंडल गिरोह से चिट्ठी मिली जो उससे पहले कई धनी लोगों को मिल चुकी थी तो उन्होंने मिस्टर केमिन की मदद लेनी चाहिए गोपाल शंकर का नेपाल जाना रक्त मंडल के गिरोह को पता चल गया अब पंडित गोपाल शंकर नेपाल जाकर कौन सा काम करते थे जिसका राज मिस्टर केम इन के अलावा किसी और को नहीं पता क्या वह कोई अनैतिक या गैर कानूनी काम करते थे और भक्त मंडल के गिरोह को इसके बारे में पता चल गया था इसके आगे के किस्से को जानने के लिए सुनते हैं कहानी रक्त मंडल का भाग 4 नयनी दीक्षित की आवाज में
रूढ़िवादी परिवार से होने तथा पति के द्वारा दी गई यातना के बावज़ूद एक अबला सी लगने वाली महिला कैसे करोड़ों रुपए की कंपनी की मालकिन बनी? जानिए अबला से सबला बनने का पूरा सफ़र भारती सुमारिया जी का ,आम आदमी की खास कहानी में….
निशा निमंत्रण से लिया गया यह गीत जिसमें शाम होने पर किस प्रकार वातावरण बदल जाता है बड़ी ही खूबसूरती के साथ उल्लेख किया गया है
मैडम मार्टिन जिसका पहला पति एक समुद्री यात्रा में समुद्र में जहाज के डूबने पर लापता हो गया था| उसे मृत समझकर 3 वर्ष के बाद मैडम मार्टिन का दोबारा विवाह लिर्वोस्क्यू के साथ हुआ किंतु आज उसका पहला पति उसके सामने आ चुका है ऐसी स्थिति में मैडम मार्टिन की क्या निर्णय लेती है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं गाय दी मोपासां की कहानी पहला पति, नयनी दीक्षित की आवाज में…
जयशंकर प्रसाद जी द्वारा लिखित कहानी, संदेह एक मनोवैग्यानिक कहानी है . जिसमें उन्होंने मनुष्य को मनोविज्ञान को साहित्य के रूप में चित्रण किया है . … रामनिहाल इस संदेह को अपने मन में जगह देते हैं की मनोरमा उससे प्रेम करती है और श्यामा को इस बात पर संदेह है क्योंकि उसे लगता है की मनोरमा रामनिहाल से प्रेम नहीं करती है
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