उसकी देखने की अदा बड़ी मोहक थी, किसी को भी आमंत्रित करने वाली |मैंने भी घर के भीतर शीशे के सामने जाकर कई बार उसकी तरह ही इशारा करने का अभ्यास किया और मैं तुमसे क्या कहूं मैं उससे कहीं बेहतर कर पाई| इसके बाद मैं खिड़की के पास उसी अदा से बैठ गयी| शायद ही उसके बाद कोई भी ग्राहक उसकी तरफ गया हो| तुम तो जानती हो मेरी सनक और मेरी जिद्द को |मैं जिस चीज को करने के लिए सोच लेती हूं ,उसे कर के ही रहती हूं |यह सब बातें बॉरोनस अपनी फ्रेंड मॉरसिनस से कह रही है लेकिन बॉरोनस के बिना सोचे समझे की गई किसी की नकल, आज उसे एक बुरे चक्कर में फंसा गई है |क्या आप जानना नहीं चाहेंगे कि बॉरोनस किस चक्कर में फंस गई है? और उसकी फ्रेंड उसे किस बात की सलाह दे रही है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं| गाय दी मोपासां की कहानी नकल,नयनी दीक्षित की आवाज में …
लाल क्रॉस – गाय दी मोपासां – नयनी दीक्षित
धर्म जब अंधविश्वास का आवरण ओढ़ लेता है तब समाज में कुरीतियों, अलगाव, भेदभाव की स्थितियां पैदा होती हैं और इसका कारण स्वयं धर्म नहीं होता बल्कि वह लोग होते हैं जो इस का प्रभुत्व रखना चाहते हैं ।धर्म की आड़ लेकर कुछ इसी तरह की कहानी है लाल क्रॉस जिसमें एक वृद्ध व्यक्ति जो कि एक केंद्र किरदार है जब उसकी मृत्यु होती है तो किस प्रकार गांव के लोग अंधविश्वास का आवरण पहनाने के लिए उसमें तरह-तरह की कही -अनकही बातें जोड़ देते हैं। इसके पीछे से यह कारण होता है कि वह वृद्ध व्यक्ति किसी एक धर्म का अनुयाई नहीं होता। पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं नयनी दीक्षित की आवाज़ में 19वीं शताब्दी के बेहद प्रसिद्ध लेखक guy de maupassant की लिखी कहानी लाल क्रॉस
चुडैल – गाय दी मोपासां – नयनी दीक्षित
एक अविवाहित स्त्री का मां बनना और बच्चा जन्म लेना, उसके चरित्र हीनता की निशानी है।इस कहानी की नायिका अविवाहित है और अपने जन्मे बच्चे के साथ जाने-अनजाने अत्याचार करती है। समाज़ में अपने जीवन-यापन के लिए वह किस तरीके से पाप के गर्त में गिरती चली जाती है और समाज़ उसे चुड़ैल का नाम देता है।एक पुरुष प्रधान समाज़ में ऐसी एक नारी की क्या स्थिति होती है इस पर समाज़ से प्रश्न करती हुई फ्रेंच लेखक Guy de Maupassant की कहानी चुड़ैल ,जिसे भाव प्रधान आवाज़ दी है नयनी दीक्षित ने…
कहानी में दो कबाड़ उठाने वाले दो दोस्त लिबॉयस और मेलचॉन,एक स्त्री से पांच ट्रेंट में 5 फ्रै़ंक मिनट में एक गधा खरीदते हैं और सिर्फ अपने आमोद -प्रमोद के लिए उस गधे को बड़ी क्रूरतासे उसका वध करते हैं लेकिन इसके बाद कहानी में बहुत मरे हुए गधे से क्या करते हैं? इसे जानने के लिए सुनते हैं गाय दी मोपासां की कहानी गधा ,नयनी दीक्षित की आवाज में …
मेरे बच्चों, मेरे प्रिय बच्चों, कदाचित में कब्र में भी शांति से नहीं सो पाऊंगा |अगर मैंने अपने अपराधों को सबके सामने कुबूल नहीं किया| एक ऐसे गुनाह जिसका मैं पूरी ईमानदारी से, पूरे शिद्दत से पश्चाताप करता रहा और जिस गलती ने मेरी सारी जिंदगी को ज़हर बना दिया|यह सब बातें पॉदान ने मृत्यु से पहले एक खत के जरिए लिख कर रखा था| जिसे आज वसीयत के साथ पढ़ा जा रहा है आखिर पॉदान से अपने जीवन में ऐसी कौन सी गलती की थी ?जिसका पश्चाताप पूरी जिंदगी करता रहा और अंत में अपना एक कुबूल नामा सबके लिए छोड़ कर गया है इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं गाय दी मोपासां की कहानी कुबूल नामा,नयनी दीक्षित की आवाज में …
मैडम मार्टिन जिसका पहला पति एक समुद्री यात्रा में समुद्र में जहाज के डूबने पर लापता हो गया था| उसे मृत समझकर 3 वर्ष के बाद मैडम मार्टिन का दोबारा विवाह लिर्वोस्क्यू के साथ हुआ किंतु आज उसका पहला पति उसके सामने आ चुका है ऐसी स्थिति में मैडम मार्टिन की क्या निर्णय लेती है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं गाय दी मोपासां की कहानी पहला पति, नयनी दीक्षित की आवाज में…
शिव एक युगपुरुष है।आदि और अंत वही है। यह अनूठी होली की दास्तान है जोकि शमशान में खेली जाती है। जहां कवि ने शिव के माध्यम से जीवन के आरंभ और अंत का बखूबी से वर्णन किया है…
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कहानी उस ओर संकेत करती है कि समाज में पुरुष सिर्फ अपने पुरुषत्व को दिखाने की चाहत में स्त्रियों पर अत्याचार करने में अपना गौरव महसूस करते हैं |कहानी का मुख्य पात्र कन्हैयालाल की जब नई-नई शादी होती है तो आपके दोस्तों के समझाने पर अपनी नई नवेली दुल्हन लाजो पर अत्याचार शुरू कर देता है |करवा चौथ वाले दिन भी लाजो के प्रति रूखे व्यवहार से लाजो खिन्न हो जाती हो जाती है |कहानी में आगे क्या होता है? क्या लाजो कन्हैयालाल को छोड़ देती है? कन्हैयालाल को अपनी भूल का अहसास होता है ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं यशपाल के द्वारा लिखी गई कहानी करवा का व्रत, नयनी दीक्षित की आवाज में…
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रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि पंडित गोपाल शंकर मुरारी को सभी काम समझा कर काशी के लिए रवाना हो जाते हैं ।दूसरी तरफ मिस्टर केमिन गंगा किनारे घूमते हुए एक छोटे से लड़के को डूबने से बचाते हैं। कौन है यह लड़का ?और उसको डूबता हुआ छोड़कर नाव में सवार दो आदमी क्यों भाग गए ?कौन है वह नौजवान जो उन आदमियों से उस डूबते हुए बच्चे के बारे में पूछ रहा है ?नाव को डुबोकर बज़ड़े को कहां ले जाया गया और इसके आगे क्या हुआ जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल का यह भाग.
सत्य की जीत’ खण्डकाव्य के आधार पर धृतराष्ट्र सत्य और असत्य को असत्य कहकर अपने नीर-क्षीर विवेक का परिचय देते हैं। वह लोकमत का आदर करते हुए सभासदों को शान्त करते हुए कहते हैं वे यह भी स्वीकार करते हैं कि विश्व के सन्तुलित विकास के लिए हृदय और बुद्धि का समन्वित विकास आवश्यक है। वह दुर्योधन को आदेश देते हैं कि पाण्डवों को मुक्त कर दो एवं उन्हें उनका राज्य लौटा दो।
ख़ौफ़नाक इमारत – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
क्या ऐसी कोई इमारत आपने देखी है जिसके अंदर बनी हुई सालों पुरानी कब्र से मुर्दा निकलकर लोगों का मर्डर कर दे? और आखिर वह मुर्दा ऐसा क्यों कर रहा है? क्या सचमुच उसके अंदर मुर्दा है या कहानी कुछ और ही है ?क्या इस सीरीज़ का जासूस इमरान इन लोगों का पता लगा पाएगा? कौन है यह मुर्दा? मुर्दा है या फिर कोई जिंदा व्यक्ति? कौन कातिल है और कौन शिकारी ? इब्रेसफ़ी की सस्पेंस और थ्रिलर से भरपूर कहानियों की सीरीज़ सुनिए ख़ौफ़नाक इमारत मे, नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
सुमेश नंदा एक प्रख्यात चित्रकार है उसके चित्रों की चित्रकला प्रदर्शनी लगी हुई है लेखिका की आंखें दो विशेष चित्रों को बहुत गौर से देख रही है इन दोनों विशेष चित्रों में एक चित्र चाय बागान में चाय की पत्तियों का है और दूसरा एक खूबसूरत पहाड़ी लड़की के साथ एक जाम की तस्वीर | सुमेश नंदा के इन दोनों विशेष चित्रों के पीछे एक बेहद भावुक और उसके जिंदगी से जुड़ी कहानी है क्या है पहाड़ी लड़की की तस्वीर से सुमेश नंदा का कोई संबंध ? क्या है इसके पीछे की कहानी? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं अमृता प्रीतम के द्वारा लिखी गई कहानी एक लड़की एक जाम अनुर्वी मेहरा के द्वारा
वे तीन दिन – आर्या झा – शेफ़ाली कपूर
आदित्य एक सरकारी कर्मचारी है ।16 साल पुराना प्यार जब उसके सामने आ रहा है तो आदित्य के जीवन में मानो फिर से एक नया रंग भर रहा है। अपनी पुरानी प्रेमिका और पत्नी के बीच आदित्य के जीवन में यह आने वाले 3 दिन एक बहुत बड़ा बदलाव लेकर आ रहे हैं ।क्या आदित्य अपने पुराने प्रेम के खातिर अपनी पत्नी को त्याग देगा या फिर आदित्य को अपनी पत्नी की कदर पहले से अधिक महसूस होने लगेगी? आर्या झा के द्वारा लिखी गई कहानी वे तीन दिन में जानिए, शेफ़ाली कपूर की आवाज़ में…
मिस पदमा एक प्रभावशाली वकील है |उसकी अच्छी प्रैक्टिस भी चल रही है |यूं तो मिस पर पदमा के पास रिश्तो की कोई कमी नहीं है, किंतु मिस पदमा ऐसे व्यक्ति को अपना जीवनसाथी बनाना चाहती हैं जो पूरी तरीके से आत्मसमर्पण कर दें |ऐसे में प्रसाद से उसे प्रेम हो जाता है| क्या मिस पदमा को जीवन की वो खुशी प्रसाद के द्वारा प्राप्त होती है ?प्रसाद किस प्रकार का इंसान है ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद जी की कहानी मिस पद्मा सुमन वैद्य जी की आवाज में
अगर मर्द बिना मूछों के रहे तो वह मर्द नहीं लगता |एक मूंछ ही तो मर्दाना चेहरे के लिए अनिवार्य होती है और मेरे पति ने एक नौकरानी की भूमिका निभाने के लिए अपनी मूंछे कटवा ली |अब तो शायद ने उन्हें प्यार भी ना कर सकूं| और मर्दों में मूछों के बिना कोई आकर्षण नहीं | मर्दों की मूछों को लेकर एक स्त्री अपनी दोस्त से यह सब बातें क्यों कह रही है ?इसके पीछे क्या वजह हो सकती है? इसे जानने के लिए सुनते हैं गाय दी मोपासां की कहानी मूंछ,नयनी दीक्षित की आवाज में …
चन्द्रदेव एक ताल्लुकेदार का युवक पुत्र था। अपने मित्र देवकुमार के साथ मसूरी के ग्रीष्म-निवास में सुख और स्वास्थ्य की खोज में आया था। इनकी मुलाकात एक श्याम वर्ण युवती नेरा से होती है जो सांप पकड़ने का काम करती है आगे कहानी में क्या होता है जानने के लिए सुनते हैं जयशंकर प्रसाद के द्वारा लिखी गई कहानी सुनहरा सांप, शिवानी आनंद की आवाज में
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