मोहब्बत – Arvind saxena – Priya bhatia
कभी कोई अपनी मोहब्बत से ना बिछड़े, कसम से ऐसे हालत मे बहोत तक़लीफ़ होती हे…
धुंए के छल्ले – Arvind saxena – Priya bhatia
जो तूने_दिया उसे हम याद करेंगे, हर पल तेरे मिलने की #फ़रियाद करेंगे, चले_आना जब कभी ख्याल आये मेरा, हम रोज़ खुदा से पहले “तुझे” याद करेंगे।
एकता का पाठ घर से ही शुरू होता है तो विषम परिस्थितियों में कैसे परिवार अलग हो जाते हैं ये कविता बखूबी बता रही है।
सीने में उठने वाला वो दर्द जब अलग हो जाए हमसे वो इंसान जिससे हम बेहद मोहब्बत करते हैं। उसी दर्द को दर्शाती है यह कविता।
तुम मुझे कभी भुला न पाओगे – Arvind saxena – Priya bhatia
हमरी किस्मत में तो सिर्फ यादें हैं तुम्हारी, जिसके नसीब में तू है उसे ज़िन्दगी मुबारक।
न बुझा तू बत्तिया – Arvind saxena – Priya bhatia
लुटी है एक बेटी, तो लुटा सम्मान सबका है!!
“मां हमारे जीवन का आधार होती है। बचपन से वही हमें सब कुछ सिखाती है। यह कविता बखान कर रही है मां के ऐसे ही अनमोल गुणों को”
अच्छे पलों को किसी की नजर लग जाना आम बात है और अगर वही पल हम किसी के साथ बिताएं तो ये डर और बढ़ जाता है। तो ऐसे ही भावों को दर्शा रही है ये कविता।
तूफान अपने साथ क्या मंजर लेकर आता है इन पंक्तियों में इसका उल्लेख किया गया है
मैडम मार्टिन जिसका पहला पति एक समुद्री यात्रा में समुद्र में जहाज के डूबने पर लापता हो गया था| उसे मृत समझकर 3 वर्ष के बाद मैडम मार्टिन का दोबारा विवाह लिर्वोस्क्यू के साथ हुआ किंतु आज उसका पहला पति उसके सामने आ चुका है ऐसी स्थिति में मैडम मार्टिन की क्या निर्णय लेती है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं गाय दी मोपासां की कहानी पहला पति, नयनी दीक्षित की आवाज में…
“तीखा जीवित कांटा बनू ,शवों पर निर्जीव फूल नहीं “, हमें जीवन इस ढंग से जीना चाहिए कि खुद हम अपने ऊपर गर्व महसूस कर सकें |इसी भावना को सजग करते हुए अनुपम ध्यानी की आवाज में खूबसूरत कविता “राख बनो धूल नहीं”…
किसी भी कवि की यह नैतिक जिम्मेदारी होती है कि वह समाज को अपने गीतों के माध्यम से समाज को मानवता का संदेश दे | इसी तरह की भावनाओं से ओतप्रोत है राजीव राज के द्वारा लिखा हुआ यह गीत
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