एकता का पाठ घर से ही शुरू होता है तो विषम परिस्थितियों में कैसे परिवार अलग हो जाते हैं ये कविता बखूबी बता रही है।
मां हमारे जीवन में क्या महत्व रखती है ये कविता ये बखूबी बताती है। मां जैसा अगर कोई है तो वो मां ही है।
“मां का हमारे जीवन में क्या महत्व है ये कविता बख़ूबी बताती है। मां के होने से ही हमारा जीवन सुखी है। कविता के भाव जानने के लिए जरूर सुनें ये कविता।”
अच्छे पलों को किसी की नजर लग जाना आम बात है और अगर वही पल हम किसी के साथ बिताएं तो ये डर और बढ़ जाता है। तो ऐसे ही भावों को दर्शा रही है ये कविता।
धुंए के छल्ले – Arvind saxena – Priya bhatia
जो तूने_दिया उसे हम याद करेंगे, हर पल तेरे मिलने की #फ़रियाद करेंगे, चले_आना जब कभी ख्याल आये मेरा, हम रोज़ खुदा से पहले “तुझे” याद करेंगे।
“मां हमारे जीवन का आधार होती है। बचपन से वही हमें सब कुछ सिखाती है। यह कविता बखान कर रही है मां के ऐसे ही अनमोल गुणों को”
आशा की किरण दिखा रही है ये कविता,,,कविता को जरूर सुनें।
धुंए के छल्ले – Arvind saxena – Priya bhatia
जो तूने_दिया उसे हम याद करेंगे, हर पल तेरे मिलने की #फ़रियाद करेंगे, चले_आना जब कभी ख्याल आये मेरा, हम रोज़ खुदा से पहले “तुझे” याद करेंगे।
“हालात और वक़्त के साथ सबको बदलना पड़ता है। इंसान के बदलाव के बारे में दर्शाती यह कविता जरूर सुनें।
समुद्री जलपोत में दो बंदी बैठे हैं स्त्री चंपा और दूसरा पुरुष बुद्ध गुप्त | बुद्ध गुप्त , चंपा के प्रति आकृष्ट है और उसके सामने विवाह का प्रस्ताव रखता है किंतु चंपा उस प्रस्ताव को अस्वीकार कर देती है चंपा ऐसा क्यों करती है इसके पीछे क्या आशय है पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं जयशंकर प्रसाद जी द्वारा लिखी कहानी आकाशदीप अमित तिवारी जी की आवाज में
मिस पदमा एक प्रभावशाली वकील है |उसकी अच्छी प्रैक्टिस भी चल रही है |यूं तो मिस पर पदमा के पास रिश्तो की कोई कमी नहीं है, किंतु मिस पदमा ऐसे व्यक्ति को अपना जीवनसाथी बनाना चाहती हैं जो पूरी तरीके से आत्मसमर्पण कर दें |ऐसे में प्रसाद से उसे प्रेम हो जाता है| क्या मिस पदमा को जीवन की वो खुशी प्रसाद के द्वारा प्राप्त होती है ?प्रसाद किस प्रकार का इंसान है ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद जी की कहानी मिस पद्मा सुमन वैद्य जी की आवाज में
4 नवंबर, 1845 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के शिरढोणे गांव में जन्मे वासुदेव बलवंत फड़के ब्रिटिश सरकार के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह का संगठन करने वाले पहले क्रांतिकारी के रूप में जाने जाते हैं. उन्होंने ही 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की विफलता के बाद आज़ादी के महासमर की पहली चिंगारी जलाई थी
Credit: Josh Talk
यह कहानी हिंदुस्तान- पाकिस्तान बंटवारे के समय की है |एक वृद्ध मुसलमान महिला अपनी बेटी की तलाश कर रही है उसे अपने ऊपर पूरा विश्वास है कि उसकी बेटी अभी जीवित है |यही बात उसे जीने का हौसला दे रही है |किंतु क्या उसका यह विश्वास सत्य है? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं सआदत हसन मंटो के द्वारा लिखी गई कहानी खुदा की कसम अनुपम ध्यानी जी की आवाज में…
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