लॉर्ड इर्विन ने इग्नोर किया और गांधी एक लंबे धूल भरे रास्ते पर चलते-चलते दांडी पहुँच गए। गांधी को वहाँ अरब सागर मिला। नमक से बेपनाह भरा सागर। बस्तर का कोई सागर नहीं। भूगोल में उसकी जमीन इस तरह बरती हुई है कि उसके हिस्से कभी कोई नमकीन सागर नहीं होगा। हजारों, लाखों किलोमीटर की वे जंगली दुर्गम पहाड़ी दूरियाँ कभी नापी नहीं जा सकीं जिनसे चल कर उतरना बीमार होना था, मौत था… और इस तरह बरसों तक पहुँचते रहना था नमक की एक दुकान तक। दांडी का इतिहास हुआ। इतिहास, बस्तर के जंगल के बहुत बाहर पड़ा एक तुच्छ शब्द।
पिताजी ने महात्मा के मरने की ख़बर को ज़्यादा तव्वजो नहीं दी।वे अपने पैर पोंछने में मशगूल रहे।महात्मा के मरने की बात पर वे इस तरह चुप रहे जैसे उस बात का होना ना होना दोनों बराबर हों।महात्मा को ज़्यादातर लोग स्वामी जी कहते थे।लोगों को उनका नाम नहीं पता था।पिताजी अपने पैर पोंछते रहे। दत्ता अंकल भी थोडी देर चुप रहे। हमारे घर के ठीक सामने से एक कच्ची सड़क गुज़रती है।घर से सटी हुई यह सड़क बजरी के कारण लाल रंग की है।रोड पार घर के ठीक सामने एक कम्यून है।लोग इस कम्यून को आश्रम कमोहल्ले कम्यून है जिस का रहस्य बच्चों को बहुत कौतूहल करता है आखिर ऐसा क्या है कम्यून में जाने के लिए सुनते हैं कहानी कौन सी मौत
एक नौजवान मुसाफिर जो एक अंतहीन सफर पर चला जा रहा है रहा है उसकी अचानक एक सराय खाने की खूबसूरत मालकिन से मुलाकात होती है उसे मालकिन से मोहब्बत हो जाती है मालकिन किंतु बाद में उसका यह भ्रम टूटता है उसके बाद उस मुसाफिर का क्या हुआ पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं एक मुसाफिर की डायरी से मुकेश श्रीवास्तव जी के द्वारा लिखी गई कहानी अमित तिवारी जी की आवाज में
ZOHO कंपनी के संस्थापक श्रीधर वेम्बू का अमेरिका छोड़कर अपने देश भारत वापस लौट कर आना और18000 करोड़ की कंपनी के मालिक बनने का सफर कैसा रहा? जानिए बेहद सादा जीवन व्यतीत करने वाले श्रीधर वेम्बू की असाधारण कहानी अमित तिवारी की आवाज़ में…
घबराहट में किसी ने गाड़ी का रेडियो चला दिया था। रेडियो में भी अब उतनी जिद नहीं बची थी शायद, नहीं तो रात के बारह बजे, भला कोई समय है राग यमन कल्याण बजाने का… स्वप्नमय बाबू कचहरी में कार्यरत हैं| उनका टाइपिंग में अनुभव कमाल का है| अब स्वप्नमय बाबू और रेडियो के बीच में क्या संबंध है इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं पंकज मित्र के द्वारा लिखी गई कहानी जिद्दी रेडियो अमित तिवारी जी की आवाज में
मगर तुम यह कैसे कह सकती हो कि जहां तुम जाकर रहोगी, वहां हर चीज़ वैसी ही होगी जैसी तुम चाहती हो मैं तो समझता हूं कि इन्सान जहां भी चला जाए, अच्छी और बुरी तरह की चीज़ें उसे अपने आसपास मिलेंगी ही सूचना विभाग में काम करने वाली महिला मिस पाल की कहानी है मिस कॉल को अपने ऑफिस का माहौल कुछ नहीं आता संगीत और चित्रकला की शौकीन मिस कॉल ऑफिस छोड़कर एक नए शांतिप्रिय स्थान जाना चाहती है मिस पाल आती है क्या होता है पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं मोहन राकेश की लिखी कहानी मिस पाल अमित तिवारी जी की आवाज में
Thriller और सस्पेंस से भरी एक कहानी अमेरिका शहर के एक लेक्चरर युवक इकबाल की है| जिससे एक खूबसूरत युवती शकीरा से प्रेम हो जाता है और वह उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखता है | इस घटना के बाद उसके साथ कुछ विचित्र घटता है |ऐसा क्या होता है?? और आखिर यह शकीरा कौन है??? इसे जानने के लिए सुनते हैं कहानी “ मेहमान का प्रेत “
धीरेंद्र अस्थाना जी की कहानी ओरंगउटान इस ओर संकेत करती है कि क्या एक मनुष्य अपने आप को एक ऐसे जीव से तुलना कर सकता है जिसमे की वह अपना अक्स देखता हो? उसी तरह जिस तरह जंगल मे रहने वाला ओरंगउटान काफी बुद्धिमान वनमानुष है किंतु इसके बावजूद भी अकेला रहता है| कभी-कभी इंसान में धीरे-धीरे ऐसी प्रवृत्ति सामाजिक दबाव के चलते उत्पन्न हो जाती है |मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और अपने आप को अकेला महसूस करता है और धीरे-धीरे मानव जाति का हर इंसान ओरंगउटान होता जा रहा|
गोपालदास नीरज की कविता संग्रह फिर फिर दीप जलेगा से ली गयी कविता मिट्टी वाले में कवि ने उन सभी पर कटाक्ष किया है जो मिट्टी का मोल लगाते ह़ै कवि का मानना है कोई भी इसका मोल नहीं लगा सकता। क्या इस मिट्टी का इतिहास इतना सस्ता है कि कुछ मोल चुका कर इसे कोई भी खरीद सकता है ?आज इसी मिट्टी के लिए हम युद्ध की स्थिति तक पहुंच जाते हैं, तो क्या ऐसी मिट्टी का कोई मोल हो सकता है ,वह तो अमूल्य है | कवि अपने स्पष्ट शब्दों में समझाना चाह रहा है कि यह मिट्टी अपना मोल नहीं चाहती बल्कि सिर्फ मिट्टी अपनी कुर्बानी चाहती है| कविता के माध्यम से इसका पूर्ण भाव को समझते हैं, भावना तिवारी की आवाज में…
भारत और पाकिस्तान के पर्वतीय सीमावर्ती इलाके पर कैप्टन समीर और उनका दोस्त पराग शिकार के उद्देश्य से वहां जाते हैं| रात होने पर रैन बसेरा के उद्देश्य से वे दोनों पेड़ों के पीछे छुप कर बैठ जाते हैं सुनसान रात में अपनी आंखों से जो दृश्य देखते हैं उससे वह बहुत अचंभित होते हैं| उन्होंने अपनी आंखों से क्या दृश्य देखा? क्या है उस बात का रहस्य? जानने के लिए सुनते हैं कहानी घुड़सवार सैनिकों की प्रेतआत्माएं ,अमित तिवारी की आवाज में..
भून के अपने दिल को – Arvind saxena – Priya bhatia
तेरे रोने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता ऐ दिल.. जिनके चाहने वाले ज्यादा हो.. वो अक्सर बे दर्द हुआ करते हैं….
रामदयाल एक श्रेष्ठ अभिनेता है| रामदयाल का विवाह उर्मिला से होता है जो कि सुंदर- सुशिक्षित और उच्च घराने की है युवती है |रामदयाल नवयुग पत्रिका में प्रकाशित एक महिला अंक को पढ़कर उसकी विवेचना करते -करते उसे अपने जीवन में सत्यापित करने का प्रयास करता है| और उसी प्रयास के जरिए उससे एक बहुत बड़ी भूल हो जाती है| रामदयाल ने ऐसा क्या किया पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं उपेंद्र नाथ अश्क द्वारा लिखी गई कहानी पहेली अमित तिवारी जी की आवाज में
Reviews for: Lord irvin ne ignore kiya (लॉर्ड इर्विन ने इग्नोर किया)