कहानी उस गंदी राजनीति को दर्शाती है जहां राजनीतिज्ञ बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा में भी अपनी गंदी और घिनौनी राजनीति करने से बाज नहीं आते |उनके लिए मानव संवेदनाएं और भावनाएं कोई महत्व नहीं रखती जानते हैं किस प्रकार? फणीश्वर नाथ रेणु द्वारा लिखी गई कहानी पुरानी कहानी: नया पाठ” ,सुमन वैद्य जी की आवाज में
देश एक है, देशवासी भी एक हैं, राज्य अलग हैं, भाषाएँ अलग हैं और इसी की बुनियाद पे कई बार लोग आपस में बट जाते हैं|भेदभाव करने लगते हैं, पर इन सबसे अलग हो कर कोई अपनी धुन में मस्त होकर जीना चाहे भी तो लोग उसे जीने नहीं देते |फिर भी जीवन आगे बढ़ता जाता है , और इंसान खुश रहने के रास्ते निकाल ही लेता हैं , भाषाओं के आगे भी बहुत कुछ है…
अकल बड़ी या भैंस , ये तो हम कई सालो से और युगो से सुनते आ रहे हैं , पर आज तक इसका सही उतार नहीं मिला,,,एक नजर में तो ऐसा लगता है की अकाल बड़ी है पर दूसरे ही पल कोई कहता है की जिसके पास जिस चीज़ की कमी होगी वो इंसान उसी को चुनेगा ,,ये बात मज़ाकिया लग सकती है , पर सवाल भी कुछ ऐसा ही है ,,,आइये इस कहानी को सुनते हैं ,,और आनंद लेते हैं अकाल और भैंस का
एक अनाथ की मानसिकता क्या हो सकती है? एक वो चाहे तो हमेशा खुद को अनाथ ,अकेला ,बेसहारा महसूस करता रहे और अपनी किस्मत को कोसता रहे|दूसरा वो हर जगह परिवार बनाने के बारे में सोचे , हर जगह परिवार बनाये और अपनी ज़िंदगी में खुशियां भर ले | यह सब आपके ऊपर है कि आप अपनी ज़िंदगी में क्या चाहते हैं? ये कहानी है एक ऐसे शख्श की जिसकी ज़िंदगी की रेल गाडी में कई स्टेशन आये पर वो तलाश में था अपने परिवार के स्टेशन की….
क्या आपने कभी उस नदी का खौफ महसूस किया है, जिसे पूरा देश ‘माँ’ कहकर पूजता है? जब जीवनदायिनी गंगा ही अपना रौद्र रूप धारण कर ले और पल भर में बस्तियों को निगलने लगे… तो प्रकृति के आगे इंसान की हैसियत क्या रह जाती है?
‘जय गंगा’ हिंदी साहित्य के दिग्गज कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला रिपोर्ताज (जीवंत कथा) है। यह मात्र एक कोरी कल्पना नहीं, बल्कि 1947 की उस खौफनाक बाढ़ का आँखों देखा और दिल दहला देने वाला सच है, जिसने पूरे इलाके की छाती पर तांडव किया था।
यह दास्तां सिर्फ पानी के कहर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के उस कड़वे सच को भी बेनकाब करती है जो आपदा के समय सामने आता है। एक तरफ कहानी में वो बेबस और गरीब ग्रामीण हैं, जो केले के पत्तों का ‘भेला’ (जुगाड़ की नाव) बनाकर लहरों से लड़ते हुए अपनी जान बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ… समाज का वो अमीर और संवेदनहीन तबका है, जो मौत के इस खौफनाक मंजर के बीच भी अपनी सुरक्षित और बड़ी नावों पर ‘हारमोनियम और तबले’ के साथ जल-विहार (पिकनिक) का लुत्फ़ उठा रहा है।
रेणु जी की जादुई लेखनी आपको सीधे उस उफनती नदी के बीच ले जाकर खड़ा कर देती है। भूख, खौफ, बेबसी और इन सबके बीच भी ज़िंदा रहने की इंसान की कभी न टूटने वाली हिम्मत—यही ‘जय गंगा’ की असली आत्मा है।
किताब के पन्नों पर लिखी बाढ़ को आप सिर्फ पढ़ते हैं, लेकिन जब आप इसे सुनते हैं, तो आप उसे महसूस करते हैं। जब तेज़ लहरों की डरावनी गड़गड़ाहट, टूटते हुए कच्चे मकानों का दर्द और रेणु जी के ठेठ देसी किरदारों की आवाज़ आपके कानों तक पहुँचेगी, तो यह कहानी आपके ज़हन से हफ्तों तक नहीं उतरेगी।
प्रकृति के खौफ और इंसानियत की इस सबसे सच्ची और झकझोर देने वाली दास्तां को महसूस करें। अपनी आँखें बंद करें और लहरों के बीच ज़िंदा रहने की इस जंग का हिस्सा बनें।
पँचकौड़ी मिरदंगिया एक छोटी जात का बूढ़ा कलाकार है |जो मृदंग बजाता है |पहले तो लोग उसी कला को पसंद करते थे ,किंतु धीरे-धीरे लोग उससे अलग होते गए | पँचकौड़ी मिरदंगिया को एक 10 से 12 साल के लड़के मोहना से विशेष लगाव होता है और उसे अपने द्वारा गाए रसप्रिया सुनाना और सिखाना चाहता है |क्या है मोहना और मिरदंगिया का रिश्ता पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं फणीश्वर नाथ रेणु द्वारा लिखी गई कहानी रसप्रिया , सुमन वैद्य जी की आवाज में
हकीम जिला का किसी प्रयोजन से लेखक को अपने घर आने का निमंत्रण दिया जाता है |अब पूरी जगह यह चर्चा होने लगती है कि लेखक और हकीम जिला की बहुत गहरी दोस्ती है| अब इस बात का प्रभाव लेखक के जीवन पर किस प्रकार पड़ता है ,जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद्र जी के द्वारा लिखी गई कहानी मुफ्त का यश ,सुमन वैद्य जी की आवाज में
मिस पदमा एक प्रभावशाली वकील है |उसकी अच्छी प्रैक्टिस भी चल रही है |यूं तो मिस पर पदमा के पास रिश्तो की कोई कमी नहीं है, किंतु मिस पदमा ऐसे व्यक्ति को अपना जीवनसाथी बनाना चाहती हैं जो पूरी तरीके से आत्मसमर्पण कर दें |ऐसे में प्रसाद से उसे प्रेम हो जाता है| क्या मिस पदमा को जीवन की वो खुशी प्रसाद के द्वारा प्राप्त होती है ?प्रसाद किस प्रकार का इंसान है ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद जी की कहानी मिस पद्मा सुमन वैद्य जी की आवाज में
हेमंत और सुधा 3 वर्ष के वैवाहिक जिंदगी के बाद एक दूसरे से अलग होने का निर्णय ले रहे हैं| उनकी वैवाहिक जिंदगी में तलाक लेने की नौबत क्यों आ रही है ?यह निर्णय उनकी जिंदगी में क्या प्रभाव डालता है ? उनकी जिंदगी को समझने के लिए सुनते हैं अज्ञेय जी के द्वारा लिखी गई कहानी वे दूसरे ‘सुमन वैद्य जी की आवाज में…
कहानी चिड़िया घर में चिड़ियाघर की वास्तविकता को बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया है |कहानी जान ने के लिए अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी चिड़ियाघर,सुमन वैद्य जी की आवाज में
कहानी का नायक कड़ाके की सर्दी में प्लेटफार्म में अपने गाड़ी के आने का इंतजार कर रहा है |नायक एक गरीब तबके का है किंतु दूसरे से मांगे हुए ओवरकोट पहनकर अपने को रौबदार महसूस कर रहा है | प्लेटफार्म में ज्यादातर यात्री गरीब तबके से ही है | तभी प्लेटफार्म में उसकी मुलाकात एक लड़के से होती है जो कड़ाके की सर्दी में गर्म कपड़े नहीं पहने हुए हैं | नायक उसे अपने बिस्तार पर जगह देता है | उस लड़के के चले जाने के बाद नायक सोच में पड़ जाता है | आखिर उसकी सोच क्या है ?पूरी कहानी सुनने के लिए जानते हैं गजानन मुक्तिबोध द्वारा लिखी गई कहानी जंक्शन सुमन वैद्य जी की आवाज में
बोलने वाली लड़की – ममता कालिया – शैफाली कपूर
कॉलेज के दिनों से दीपशिखा अपना नाम हमेशा अग्निशिखा बतलाती थी, क्योंकि उसे अग्नि की तरह प्रज्वलित रहना पसंद था ।बोलने में निडर ,वाचाल ।उसके इन्हीं गुणों से प्रभावित होकर कपिल ने दीपशिखा से विवाह किया किंतु शादी के बाद कपिल को दीपशिखा के यही गुण क्यों अच्छे नहीं लग रहे? क्या दीपशिखा भी अपने ससुराल में गुमसुम हो जाएगी? सुनिए बेहद भावपूर्ण कहानी बोलने वाली लड़की, शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।
कैदी ~ मानसरोवर भाग-4127 आइवन मास्को के सम्पन्न और सम्भ्रान्त कुल का दीपक था। उसने विद्यालय में ऊँची शिक्षा पायी थी, खेल में अभ्यस्त था, निर्भीक था। उदार और सह्रदय था। दिल आईने की भाँति निर्मल, शील का पुतला, दुर्बलों की रक्षा के लिए जान पर खेलनेवाला, जिसकी हिम्मत संकट के सामने नंगी तलवार हो जाती । उसके साथ हेलेन नाम की एक युवती पढ़ती थी, जिस पर विद्यालय के सारे युवक प्राण देते थे। वह जितनी रूपवती थी, उतनी ही तेज थी, बड़ी कल्पनाशील; पर अपने मनोभावों को ताले में बन्द रखनेवाली। आइवन में क्या देखकर वह उसकी ओर आकर्षित हो गयी, यह कहना कठिन है। दोनों में लेशमात्रा भी सामंजस्य न था। आइवन सैर और शराब का प्रेमी था, हेलेन कविता एवं संगीत और नृत्य पर जान देती थी। विपरीत स्वाभाव होने के कारण भी होने के बावजूद दोनों में प्रेम विवाह हुआ |लेकिन क्या ऐसी परिस्थितियां घटी कि आज आइवन एक कैदी के रूप में है, और आज जब जो जेल से छूटा है तो उसके मन में क्या उथल-पुथल थल मच रही है ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद द्वारा लिखी गई कहानी कैदी , सुमन की आवाज में
मिस पदमा एक प्रभावशाली वकील है |उसकी अच्छी प्रैक्टिस भी चल रही है |यूं तो मिस पर पदमा के पास रिश्तो की कोई कमी नहीं है, किंतु मिस पदमा ऐसे व्यक्ति को अपना जीवनसाथी बनाना चाहती हैं जो पूरी तरीके से आत्मसमर्पण कर दें |ऐसे में प्रसाद से उसे प्रेम हो जाता है| क्या मिस पदमा को जीवन की वो खुशी प्रसाद के द्वारा प्राप्त होती है ?प्रसाद किस प्रकार का इंसान है ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद जी की कहानी मिस पद्मा सुमन वैद्य जी की आवाज में
पैसे की चाहत में हम कभी कभी अपने अपने सबसे प्रिय और उपयोगी चीज का भी सौदा करने से पहले नहीं सोचते | ऐसा ही कुछ बड़ी संजीदगी के साथ उल्लेख किया गया है अंजना वर्मा जी की कहानी सौदा में, सुनते हैं विनीता श्रीवास्तव की आवाज में…
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