यह कहानीराजकुमारी अंजलि की है जो एकचुड़ैल के कब्जे में है राहुल, विजय सविता,मानसी और उसके पिता एक दिन एक नदी के किनारे खेल रहे होते हैं अचानक से उन्हें राजकुमारी अंजली का पता चलता है क्या राहुल विजय सविता मानसी और उसके पिता अपनी कोशिशों से अंजलि को उस चुड़ैल के कब्जे से बचा पाते हैं क्या होता है उस चुड़ैल का पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं मंजरी गायकवाड के द्वारा लिखी गई कहानी कहानियों की दुनिया ..शिल्पा की आवाज में |
बच्चे बेहद मासूम होते हैं किंतु सही मार्गदर्शन से वह योद्धा की भांति कुछ ऐसा कर जाते हैं जो अकल्पनीय होता है ऐसे ही कहानी एक मासूम से बच्चे रोहन की है जो क्लास फर्स्ट का एक बच्चा है जिसने भूखे प्यासे जानवरों के प्रति हमदर्दी जताते हुए लोगों को जागरूक किया सुभाष चौधरी की बेहद प्रेरणादायक कहानी मासूम वारियर्स शिल्पा की आवाज में
मनोहर लाल जब मंत्री बने तो उन्होंने जनता के सामने जिन बातों का वादा किया |क्या वह खुद उन बातों पर अडिग रहे? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं सुभाष नीरव के द्वारा लिखी गई कहानी रंग परिवर्तन ,शिवानी आनंद की आवाज में
कुंवर अमरनाथ के बुंदेलखंड जाने की बात सुनकर मनोरमा का मन अनिष्ट शंका से घिर गया । वह कुंवर के साथ चलने की हठ्ठ करने लगी ।कुंवर ने वचन दिया कि वह प्रतिदिन एक पत्र लिखेंगे और जल्द लौटेंगे ।किंतु कुछ समय पश्चात पत्र आने बंद हो गए । मनोरमा को बुरे बुरे ख्याल आने लगे वह स्वयं कुंवर के पास जाती है लेकिन रेल -दुर्घटना में उसकी मृत्यु हो जाती है और उसकी कुछ अनिष्ट होने की शंका सत्य साबित होती है।
पूस की अँधेरी रात में आकाश पर तारे भी ठिठुरते हुए मालूम हो रहे हैं । ऐसी ठंडी रात में हल्कू अपने खेत के किनारे ऊख के पतों की एक छतरी के नीचे बॉस के खटाले पर अपनी पुरानी गाढ़े की चादर ओढ़े पड़ा है |कड़कड़ाती ठंडी रात में हल्कू और उसका वफादार कुत्ता जबरा किस प्रकार ठंड से बचने के लिए जद्दोजहद करते रहे और उनके खेतों का क्या हुआ ? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद द्वारा लिखी गई कहानी पूस की रात ,अमित तिवारी की आवाज में …
अच्छे पलों को किसी की नजर लग जाना आम बात है और अगर वही पल हम किसी के साथ बिताएं तो ये डर और बढ़ जाता है। तो ऐसे ही भावों को दर्शा रही है ये कविता।
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