बच्चे बेहद मासूम होते हैं किंतु सही मार्गदर्शन से वह योद्धा की भांति कुछ ऐसा कर जाते हैं जो अकल्पनीय होता है ऐसे ही कहानी एक मासूम से बच्चे रोहन की है जो क्लास फर्स्ट का एक बच्चा है जिसने भूखे प्यासे जानवरों के प्रति हमदर्दी जताते हुए लोगों को जागरूक किया सुभाष चौधरी की बेहद प्रेरणादायक कहानी मासूम वारियर्स शिल्पा की आवाज में
यह कहानीराजकुमारी अंजलि की है जो एकचुड़ैल के कब्जे में है राहुल, विजय सविता,मानसी और उसके पिता एक दिन एक नदी के किनारे खेल रहे होते हैं अचानक से उन्हें राजकुमारी अंजली का पता चलता है क्या राहुल विजय सविता मानसी और उसके पिता अपनी कोशिशों से अंजलि को उस चुड़ैल के कब्जे से बचा पाते हैं क्या होता है उस चुड़ैल का पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं मंजरी गायकवाड के द्वारा लिखी गई कहानी कहानियों की दुनिया ..शिल्पा की आवाज में |
उपनिषदों की कथाएं अनादि काल से हमारे मनोरंजन और ज्ञान का स्रोत रही है। जो बातें वेदों में जटिलता से कही गयी है उन्हें उपनिषदों में सरल ढंग से समझाया गया है। उपनिषदों में देवता-दानव, ऋषि-मुनि, पशु-पक्षी, पृथ्वी, प्रकृति, चर-अचर, सभी को माध्यम बना कर रोचक और प्रेरणादायक कथाओं की रचना की गयी है।
“Mother’s Day”
माँ…
वो नाम, जिसे सुनते ही
मन अचानक बचपन की किसी सुरक्षित जगह पर लौट जाता है।
उसकी डाँट में चिंता होती है,
उसकी चुप्पी में दुआएँ,
और उसके हर त्याग में
हमारी पूरी दुनिया छिपी होती है।
माँ सिर्फ़ वह नहीं होती
जो जन्म देती है…
कभी-कभी रिश्तों में कुछ लोग
ममता का वही स्पर्श चुपचाप निभा जाते हैं।
इस भावनात्मक कहानी में
अमिता और उसके पति प्रवीण
अपने नवजात शिशु की देखभाल के लिए
बुआ सास को दिल्ली बुलाते हैं।
वह भी सब कुछ छोड़कर,
निस्वार्थ भाव से बच्चे को अपना स्नेह, समय और ममता देती हैं —
ठीक एक माँ की तरह।
लेकिन क्या रिश्तों में दिया गया प्रेम
हमेशा सम्मान भी पाता है?
जब विदा का समय आता है,
तो प्रवीण उनके वर्षों के अपनत्व और ममता को
कुछ पैसों में समेट देने की कोशिश करता है।
और यही पल दिल में एक गहरा सवाल छोड़ जाता है—
क्या हर वह स्त्री
जो माँ की तरह प्रेम और त्याग देती है,
उसे वही सम्मान नहीं मिलना चाहिए?
🎧 रिश्तों, संवेदनाओं और ममता की अनकही परतों को छूती
अंजना वर्मा की मार्मिक कहानी
“Mother’s Day”
आवाज़: विनीता श्रीवास्तव
केवल Gaatha पर।
बड़े बुजुर्ग घर की शान होते हैं उनकी बातों में एक तजुर्बा होता है उनके सानिध्य में सब कुछ कितना सरल हो जाता है बच्चों के लिए उनकी दादी तो पूरा स्नेह का खजाना होती है इसी रिश्ते के मधुर संबंधों काअवलोकन कराती हुई कविता है दादी पल्लवी की आवाज में
एक कंजूस व्यक्ति के पास बहुत सारा सोना था लेकिन वह उसका सदुपयोग ना करके उसे जमीन में गाडे रखता था ।एक दिन उसका यह सारा सोना चोरी हो गया। इस बात से कंजूस को क्या सीख मिली और उसने क्या किया जाने के लिए सुनते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी द्वारा लिखी गई कहानी कंजूस और सोना निधि मिश्रा जी की आवाज में
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Pragati Sharma
Saurabh Chaudhary
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