मीराबाई जी किस तरह भगवान श्री कृष्ण की भक्ति में लीन है इस पद में बताया गया है
होली का नाम सुनते ही मन में कृष्ण और राधा की लीलाएं उभर आती हैं। इसी भाव को जब मीराबाई ने अपने भजन में व्यक्त किया है तो उसमें चार -चांद और लग जाते हैं। किस तरह मीराबाई ने कृष्ण की होली का बखान किया है ?आइए सुनते हैं…https://gaathaonair.comwp-content/uploads/2021/03/Hori-khelat-hain-girdhari-by-meerabai..wav
मीराबाई के पद संकलन से लिया गया प्रसंग जिसमें मीराबाई कृष्ण जी से कह रही है आपको पाने की खातिर मैंने सभी सुखों का त्याग कर दिया है
कविता के अंश में सिंदूरी शाम की सुंदरता का वर्णन किया गया है
“रोम-रोम में बसते राम”
भगवान श्रीराम का नाम मात्र स्मरण भी मन को पवित्र कर देता है और जीवन को एक नई दिशा देता है।
उनकी महिमा, उनकी मर्यादा और उनके आदर्शों का यह भावपूर्ण काव्य-गान आपको भीतर तक स्पर्श करेगा।
🎧 सुनिए —
“रोम-रोम में बसते राम”
भावना तिवारी की सुमधुर आवाज़ में
निशा निमंत्रण से लिया गया यह गीत जिसमें शाम होने पर किस प्रकार वातावरण बदल जाता है बड़ी ही खूबसूरती के साथ उल्लेख किया गया है
न बुझा तू बत्तिया – Arvind saxena – Priya bhatia
लुटी है एक बेटी, तो लुटा सम्मान सबका है!!
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pragati sharma