बद्री प्रसाद अपनी सरकारी नौकरी के कारण मुंबई में रहते हैं जबकि उनकी पत्नी उमा अपने दोनों बच्चों के साथ एक अलग शहर में है उमा एक अध्यापिका है बद्री प्रसाद चाहते हैं अपनी नौकरी छोड़कर उनके साथ मुंबई में रहे किंतु उमा अपनी नौकरी छोड़ना नहीं चाहती है बद्री प्रसाद इन परिस्थितियों में क्या निर्णय लेते हैं जाने के लिए सुनते हैं कहानी फैसले
सृष्टि की बागडोर इंसान के हाथों में आ गई. आज वह समय की दी हुई उसी छूट का लाभ अच्छे और बुरे दोनों तरह के कार्यों के लिए करता आ रहा है. ओमप्रकाश कश्यप जी के द्वारा लिखी गई बाल कहानी खेल जिसमें किस प्रकार सृष्टि का निर्माण हुआ ?समय के साथ साथ किस प्रकार के बदलाव आए ?जीव धारियों का निर्माण हुआ और सबसे सुंदर कृति किस प्रकार मनुष्य मनुष्य की रचना हुई| बेहद रोचक ढंग से उल्लेख किया गया है
कमज़ोर और टूटन भरे हिस्से दिखाते हैं। उन पलों में यकायक सारे फासले ख़त्म हो जाते हैं, सारी दीवारें ढह जाती हैं। अगर ये क्षण न आयें तो सारी उम्र साथ गुज़ारने पर भी दो प्रेमी अजनबी ही बने रहते हैं। इन क्षणों से गुजरने के लिए थोड़ा सा साहस चाहिए होता है और बहुत बहुत सारा विश्वास। इन क्षणों से गुज़रना आग से गुज़रना है जिसके बाद या तो सब जलकर नष्ट हो जाता है या तपकर रिश्ता फौलाद सा मजबूत हो जाता है। एक प्रेमी युगल अपने बीते हुए दिनों में हुई गलतियों के बारे में एक दूसरे से कन्फेक्शन कर रहे हैं कहानी में जानते हैं कि उनके कन्फेशन से उनके आपसी संबंधों में क्या प्रभाव पड़ता है पल्लवी त्रिवेदी के द्वारा लिखी गई कहानी कन्फेशन, ये कैसे क्षण आते हैं प्रेमी प्रेमिका के जीवन में जब वे एक दूसरे को अपने निजी स्पेस में आमंत्रित कर अपने सबसे सीले, अमित तिवारी जी की आवाज
लोग ना जाने क्या-क्या बातें करते हैं आलसी लोगों के लिए… किंतु गुलाब राय जी ने आलस्य को जीवन का एक अहम हिस्सा बताया है और ऐसे- ऐसे तर्क दिए हैं जो वाकई इस धारणा को गलत साबित कर देंगे जो आलस्य को बुरा मानते हैं ।जानना नहीं चाहेंगे वह कैसे? आलस्य पर व्यंग कसते हुए गुलाब राय जी ने आलस्य को अपनाने और उसकी उपयोगिता पर खूबसूरत ढंग से अपनी बात रखी है उनके इस वक्तव्य को सुनते हैं अमित तिवारी जी की आवाज़ में..
प्रोफेसर डी.पी. झा 48 वर्ष की आयु में कैंसर से पीड़ित हो जाते हैं |अपनी मौत को इतने करीब से महसूस करते हुए वह जीते जी अपने सारे कर्तव्यों को पूरा करना चाहते हैं |वह अपने शरीर को मेडिकल कॉलेज में देहदान कर देते हैं | उनकी मृत्यु के पश्चात उनके शव के साथ क्या होता है??? बड़े भावपूर्ण रूप में चित्रित किया गया है अभिज्ञात’’ की कहानी कामरेड और चूहे मे…. ,अमित तिवारी जी की आवाज में सुनिए सिर्फ गाथा पर
उन तमाम टुकड़े-टुकड़े घटनाओं को एक दिन कहानी में पिरोकर ‘साप्ताहिक हिन्दुस्तान’ में दे दिया तो तुम जैसे बौखला गये थे। यहाँ तक लिखा तुमने कि तुम्हारी इन नितान्त अन्तरंग बातों के साथ यह सब क्यों किया मैंने, और करने ही चला तो क्यों वसुधा के बारे में सारी बातें सच-सच नहीं लिखीं-वह तो इससे हज़ार गुना उदार थी ! यह कहानी वसुधा और देवेंद्र की है जो एक टाइप इंस्टिट्यूट में एक साथ होते हैं वसुधा के जीवन की कहानी एक सप्ताहिक पत्रिका में छपती है जिसे पढ़कर लोगों में अपनी जीवन की छाया मिलती
लड़की देखने जाने के लिए उतावला परिवार होटल पहुँचता है। और वहाँ पर लड़की के पिता को स्वागत के लिए ना पाकर नाराज होता है । जब लड़की अपनी माँ के साथ आती है तो अफसर पुत्र के पिता उसकी लंबाई नापते हैं। और वास्तविक रंग देखने के लिए लड़की को मुँह धोने के लिए कहते हैं ।उसके बाद तो वहाँ का सारा माहौल बदल जाता है।
बरसात ना होने से सारी फसल सूख गई। जाधो राय के फाके के दिन आ गए। वह पत्नी और इकलौते बेटे साधो के साथ मजदूरी करने लगा। साधे अच्छे खाने के लालच में पादरी के साथ चला गया। बेबस माँ-बाप उसे ढूँढते रहे ।अच्छे दिन आए लेकिन साधो नहीं आया। 14 साल बाद साधो वापस आया , लेकिन धर्म- परिवर्तन के उपरांत। गाँव वालों ने उसे अपनाने से इंकार कर दिया। किंतु माँ की ममता इंकार नहीं कर सकी। बहुत रोकने की कोशिश की, लेकिन साधो वापस चला गया। मां-बाप विवश थे।
यूनुस खान एक क्रांतिकारी है जो लोग काफिर है उनके लिए उसके दिल में कोई हमदर्दी नहीं है लेकिन यूनुस खान को एक खून से लथपथ एक छोटी बच्ची जब दिखती है जो कि काफिर है उसका कठोर दिल भी पिघल जाता है और क्या रिश्ता है उस बच्ची और यूनुस खान के बीच में पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं कृष्णा सोबती की लिखी कहानी मेरी मां कहां अमित तिवारी जी की आवाज
रेलयात्रा – गाय दी मोपासां – नयनी दीक्षित
एक जवान स्त्री पुरुष का संबंध क्या केवल स्त्री पुरुष के संबंध को ही दर्शाता है या फिर एक जवान स्त्री पुरुष जो लगभग एक ही उम्र के हैं वह अनजाने में मां -बेटे के संबंध में भी बदल सकते हैं। रेल यात्रा कहानी सोसाइटी के स्त्री -पुरुष के संबंध को देखने के नजरिये को चोट करती हुई कहानी है। guy de maupassant द्वारा लिखी कहानी रेल यात्रा में जानिए नयनी दीक्षित की आवाज़ में..
सृष्टि की बागडोर इंसान के हाथों में आ गई. आज वह समय की दी हुई उसी छूट का लाभ अच्छे और बुरे दोनों तरह के कार्यों के लिए करता आ रहा है. ओमप्रकाश कश्यप जी के द्वारा लिखी गई बाल कहानी खेल जिसमें किस प्रकार सृष्टि का निर्माण हुआ ?समय के साथ साथ किस प्रकार के बदलाव आए ?जीव धारियों का निर्माण हुआ और सबसे सुंदर कृति किस प्रकार मनुष्य मनुष्य की रचना हुई| बेहद रोचक ढंग से उल्लेख किया गया है
Reviews for: Faisley (फैसले)
Average Rating
pragati sharma sharma