अविनाश को यह पहाड़ी कस्बा अत्यंत प्रिय था। जब कभी वह रोजमर्रा के जीवन से ऊंबता वह सोनवल की राह थाम लेता थाइस बार वह इस शहर में अकेले नही आया था। उसके साथ उसका दोस्त विकास था। अविनाश ने उसके सामने कुछ शर्ते रख दी थी। मसलन वह इस यात्रा को आरामदेह मान कर न चले। यह यात्रा नही एक एडवेंचर होगा
नारी हृदय को समझना अपने आप में एक पहेली है इसी स्थिति को उजागर करती हुई है कहानी जिसमें रामदयाल एक फिल्म अभिनेता है जिसकी विवाह उर्मिला नाम की स्त्री से हुआ है रामदयाल द्वारा एक लेख पढ़ा जाता है जो नारी स्वभाव से संबंधित होता है लेख को अपने जीवन में यथार्थ करने के उद्देश्य से रामदयाल किस प्रकार की भूल कर बैठता है जानते हैं उपेंद्रनाथ अश्क द्वारा लिखी गई बेहद रोचक और हृदयस्पर्शी कहानी पहेली अमित तिवारी जी की आवाज में
यूनुस खान एक क्रांतिकारी है जो लोग काफिर है उनके लिए उसके दिल में कोई हमदर्दी नहीं है लेकिन यूनुस खान को एक खून से लथपथ एक छोटी बच्ची जब दिखती है जो कि काफिर है उसका कठोर दिल भी पिघल जाता है और क्या रिश्ता है उस बच्ची और यूनुस खान के बीच में पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं कृष्णा सोबती की लिखी कहानी मेरी मां कहां अमित तिवारी जी की आवाज
यूनुस खान एक क्रांतिकारी है जो लोग काफिर है उनके लिए उसके दिल में कोई हमदर्दी नहीं है लेकिन यूनुस खान को एक खून से लथपथ एक छोटी बच्ची जब दिखती है जो कि काफिर है उसका कठोर दिल भी पिघल जाता है और क्या रिश्ता है उस बच्ची और यूनुस खान के बीच में पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं कृष्णा सोबती की लिखी कहानी मेरी मां कहां अमित तिवारी जी की आवाज
कहानी में नायक को किसी कार्य के लिए कुछ रुपए दिए जाते हैं, जिसे नायक को दूसरे तक पहुंचाने होते हैं किंतु नायक पैसे ना पहुंचा कर अपनी बीमार मां और अपनी बहन शशि से मिलने अपने घर चला जाता है घर जाने पर मां की असमय मृत्यु हो जाती है और बहन अपने भाई के जीवन में किसी प्रकार की बाधा ना पड़े यह विचार कर अपने प्राण त्याग देती है| नायक द्वारा समय से पैसा ना पहुंचाने के कारण उस पर विश्वासघात का आरोप लगाया जाता है| क्या है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी क्षमा ,जिसे आवाज दी है अमित तिवारी जी …
कहानी में दो जिगरी दोस्त मक्खन और प्रवीण एक दूसरे से काफी समय के बाद मिलते हैं | प्रवीर ,मक्खन से उसकी निजी जिंदगी में उसकी पत्नी लाली के बारे में जानना चाह रहा है |मक्खन ,प्रवीर को क्या बतलाता है? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं कमलेश भट्ट के द्वारा लिखी गई कहानी, चिट्ठी आई है “”,पूजा श्रीवास्तव की आवाज में …
रतनी बचपन से ही दबंग लड़की रही है |बात-बात पर गालियां देने से भी परहेज नहीं करती |अब उसकी इन आदतों की वजह से उसे कोई विवाह नहीं करना चाहता| रतनी ऐसी क्यों बन गई? क्या है रतनी से नैना जोगिन बनने तक का उसका सफर |जानने के लिए सुनते हैं फणीश्वर नाथ रेणु द्वारा लिखी गई कहानी नैना जोगिन ,सुमन वैद्य की आवाज में ..
मेला – ममता कालिया – शैफाली कपूर
कहानी में प्रयागराज में लगे कुंभ मेले का दृश्य है जहां दूर-दूर से लाखों की संख्या में लोग अपने पाप को धोने के लिए संगम में डुबकी लगाने आते हैं। क्या मात्र डुबकी लगाकर पाप से मुक्त हुआ जा सकता है ?क्या वास्तव में अध्यात्म को भी एक पेशे की दृष्टि से अपनाया जाता है? आस्था ,परंपरा इन सब बातों का अद्भुत संगम है इस कहानी में। इसी बात को रोचक ढंग से आधार बनाकर ममता कालिया ने कहानी मेला का ताना-बाना बुना है,जिसे शेफ़ाली कपूर ने उतने ही अनोखे अंदाज़ से अपनी आवाज़ से निखारा है।
मगर मैं सोचता हूँ – आदमी क्यार चूहे से भी बद्तर हो गया है? चूहा तो अपनी रोटी के हक के लिए मेरे सिर पर चढ़ जाता है, मेरी नींद हराम कर देता है। इस देश का आदमी कब चूहे की तरह आचरण करेगा? लेखक ऐसा क्यों सोच रहा है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं हरिशंकर परसाई के द्वारा लिखी गई कहानी चूहा और मैं ,निधि मिश्रा की आवाज में
Reviews for: Pahad ki ek raat (पहाड़ की एक रात)