विजयनगर में होली और दिवाली का त्यौहार बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता था | होली के त्यौहार पर महामूर्ख की उपाधि पाने वाले को पुरस्कार के तौर पर 10000 स्वर्ण मुद्राएं दी जाती थी |तेनाली रामा ने अपनी बुद्धिमत्ता से किस प्रकार यह पुरस्कार जीता ?इस पूरे रोचक किस्से को सुनते हैं तेनाली रामा की कहानियों में से एक कहानी महामूर्ख की उपाधि, शिवानी आनंद की आवाज में….
Reviews for: Partantrata Me Sukh Kahan (परतंत्रता मे सुख कहाँ )