बजट ट्रिप के लिहाज से देश की पांच सबसे खूबसूरत जगहें – संजय शेफर्ड – पल्लवी
बजट ट्रिप के लिहाज से भारत के जैसलमेर से अच्छी कोई जगह हो नहीं सकती ।जैसलमेर एक खूबसूरत शहर है यहां पर दूर-दूर तक फैले रेत के टीले और उनके पीछे सूर्यास्त होता हुआ एक अद्वितीय नजा़रा। आपकी कल्पनाओं से बहुत आगे है ।खुला आसमान, ऊंट की सवारी और बड़े-बड़े किले। तो देर किस बात की सुनिए घुमंतू के साथ, पल्लवी की आवाज़ में, संजय शेफर्ड की डायरी से Budget Friendly destination
भारत में बैकपैकिंग के विकल्पों की कमी नहीं लेकिन जानकारी का अभाव बहुत ज्यादा है। खासकर ऐसी जगहों की जहां पर कैंपिंग और बॉनफायर किया जा सके तथा चांदनी रात में खुले आसमान के नीचे चांद तारों के संग आंख मिचौली की जा सके। अभी आप जानेगे बैकपैकिंग के लिहाज से सात खूबसूरत घाटियों के बारे में
धनोल्टी मसूरी के पास एक छोटा खूबसूरत सा हिल स्टेशन है। हिमालय की ऊंची -ऊंची चोटियां यहां की खूबसूरती को और बढ़ा देती है और उसके साथ देवदार के पेड़ धनोल्टी की सुंदरता में चार -चांद लगा देते हैं ।धनोल्टी का इको पार्क पर्यटकों के लिए बस देखते ही बनता है। घुमंतू के साथ इस रोमांचक जगह को और अच्छे से जानने के लिए सुनते हैं संजय शेफर्ड की कवरस्टोरी पल्लवी गर्ग की आवाज़ में…
प्रकृति जैसे मानो अपनी सारी माया लुटा रही हो हसीन पहाड़ी वादियां ,नदी, घाटियां, झीलें .. क्या कुछ नहीं दिया है यहां पर प्रकृति ने? जिसकी खूबसूरती का एहसास ही किसी को भी रोमांचित कर सकता है ।घुमंतू की श्रंखला में भारत के प्रमुख उत्तर- पूर्वी भागों के चुनिंदा और सबसे खास स्थानों को बेहद खूबसूरती से वर्णन किया है संजय शेफर्ड ने और उसे उतने ही सुंदर अंदाज में आवाज़ दी है पल्लवी गर्ग ने.. यह दावा है कि एक बार आपने इसके बारे में सुन लिया तो आप वहां अपने आप को जाने से नहीं रोक सकेंगे..
किब्बर – संजय शेफर्ड – पल्लवी
कभी-कभी हमारा मन भीड़-भाड़ की जगह से हटकर किसी शांत, कम जनसंख्या वाले क्षेत्र और बेहद खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों के बीच में जाने का करता है, तो अब घुमंतू ने आपकी इस समस्या का समाधान कर दिया है। दुनिया की सबसे ऊंचाई में बसे एक गांव किब्बर की ओर आपका ध्यान आकर्षित कराते हुये ।यहां के सादा और उत्साहपूर्ण जीवन को देखकर आपका मन खुशी से झूम उठेगा। हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत गांव किब्बर की यात्रा करें,घुमंतू के साथ पल्लवी की आवाज़ में सिर्फ़ गाथा पर..
प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम, जो मानसरोवर और कैलाश यात्रा के दुर्गम स्थानों को भी सुगम बना देता है। मानसरोवर और कैलाश की यात्रा के लिए उत्तराखंड के अंतिम छोर पिथौरागढ़ से शुरुआत होती है इसीलिए पिथौरागढ़ को मानसरोवर और कैलाश का द्वार कहते हैं । शिव के उपासकों के लिए उनका यह परमधाम है। घुमंतू के साथ आपको यात्रा कराते हैं संजय शेफर्ड द्वारा लिखी गई कवरस्टोरी से पल्लवी गर्ग की आवाज़ में…
अजीब सी टीस उठती है नज़ीरन के मन मे ये सोच के की शायद उसी की एक छोटी सी गलती से कैसे उसकी प्यार भरी ज़िन्दगी में जलजला आया और एक पल में उसका सब कुछ छिन गया… पर जो कुछ हुआ, क्या वाकई वो नज़ीरन कि गलती थी.???
किब्बर – संजय शेफर्ड – पल्लवी
कभी-कभी हमारा मन भीड़-भाड़ की जगह से हटकर किसी शांत, कम जनसंख्या वाले क्षेत्र और बेहद खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों के बीच में जाने का करता है, तो अब घुमंतू ने आपकी इस समस्या का समाधान कर दिया है। दुनिया की सबसे ऊंचाई में बसे एक गांव किब्बर की ओर आपका ध्यान आकर्षित कराते हुये ।यहां के सादा और उत्साहपूर्ण जीवन को देखकर आपका मन खुशी से झूम उठेगा। हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत गांव किब्बर की यात्रा करें,घुमंतू के साथ पल्लवी की आवाज़ में सिर्फ़ गाथा पर..
बजट ट्रिप के लिहाज से देश की पांच सबसे खूबसूरत जगहें – संजय शेफर्ड – पल्लवी
कहीं घूमने जाने का मन है लेकिन आपका बजट allow नहीं कर रहा| तो घुमंतू आपकी यह समस्या भी दूर कर रहा है, घुमंतू को सुनने का यही तो फायदा है ऐसी जगह के बारे में जानिए ,जो कम बजट में टूरिस्ट फ्रेंडली भी हो ।हिमाचल की धर्मशाला एक बेहतरीन विकल्प है वह कैसे? सुनिए पल्लवी गर्ग की आवाज़ में
धनोल्टी मसूरी के पास एक छोटा खूबसूरत सा हिल स्टेशन है। हिमालय की ऊंची -ऊंची चोटियां यहां की खूबसूरती को और बढ़ा देती है और उसके साथ देवदार के पेड़ धनोल्टी की सुंदरता में चार -चांद लगा देते हैं ।धनोल्टी का इको पार्क पर्यटकों के लिए बस देखते ही बनता है। घुमंतू के साथ इस रोमांचक जगह को और अच्छे से जानने के लिए सुनते हैं संजय शेफर्ड की कवरस्टोरी पल्लवी गर्ग की आवाज़ में…
हमारे समाज की कितनी बड़ी विडम्बना है की एक तरफ गरीब के सर पर छत नहीं और वहीं दूसरी तरफ हम धार्मिक स्थलों पर पानी के जैसे पैसा बहाते हैं। ऐसी ही कुछ बात कह रही है मेरी यह कहानी ‘ वो टपकती झोपडी ‘
भाभी ब्याह कर आई थी तो मुश्किल से 15 बरस की होगी। आजाद फिजा में पली, हिरिनयों की तरह कुलाचें भरती। चार-पाँच साल के अंदर भाभी को घिस घिसाकर वाकई सब ने ग्रहस्थन बना दिया। दो -तीन बच्चों की माँ बन कर भद्दी और ठुस्स हो गई। भैया को मेकअप ,फैशनेबल कपड़े, कटे बालों से नफरत थी ।भाभी ने भी बनना- सँवरना छोड़ दिया। लेकिन फैशनेबल शबनम को देखकर भैया मंत्रमुग्ध हो गए और भाभी को तलाक देकर उसे अपनी बेगम बना लिया। कुछ ही सालों में शबनम भी वैसे ही फैल गई। भैया एक बार फिर मिस्री रक्कासा पर फिदा हो गए दूसरी नई- नवेली लचकती हुई लहर, उनकी पथरीली बाँहों में समाने के लिए बेचैन और बेकरार थी।
सयानी बुआ का नाम वास्तव में ही सयानी था या उनके सयानेपन को देखकर लोग उन्हें सयानी कहने लगे थे, । बचपन में ही वे समय की जितनी पाबंद थीं, अपना सामान संभालकर रखने में जितनी पटु थीं, और व्यवस्था की जितना कायल थीं, उसे देखकर चकित हो जाना पडता था| कहानी में सयानी बुआ के चरित्र को और अच्छे से समझने के लिए मनु भंडारी जी के द्वारा लिखी गई कहानी सयानी बुआ सुनते हैं माधवी शंकर जी की आवाज में
कभी आपने यह अनुभव किया है कि जिंदगी में कुछ रिश्ते जो हमारे खून के नहीं होते ,फिर भी हमारे जीवन में एक विशेष स्थान रखते हैं |उन्हें भूलना असंभव होता है |ऐसे ही एक रिश्ते का अनुभव अंगोना साहा हमारे साथ बांट रही है…
Awoman with great look, good taste was still not getting the attention from her husband. Each day the distance was impacting huge among their relationship that prompted the lady to leave her house.
Reviews for: Budget-friendly destinations (Part -1)