इनका जन्म झारखंड राज्य के खूंटी जिले के उलिहातू में हुआ था। 15 नवंबर 1875 को बिरसा मुंडा का जन्म हुआ। 9 जून 1900 में रांची के कारागार में मृत्यु हुई। करीब 19वर्ष की आयु में उन्होंने बिरसा सेना का गठन किया।
10 नवंबर 1920 को महाराष्ट्र के वर्धा जिले के अरवी में जन्मे दत्तोपंत ठेंगड़ी ने श्रमिक आंदोलनों को एक नयी दृष्टि और चेतना दी। राष्ट्र के औद्योगीकरण के साथ श्रम के राष्ट्रीयकरण के पक्षधर दत्तोपंत ठेंगड़ी ने भारतीयता के दर्शन को अपने जीवन में उतार कर उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने वैश्वीकरण को आर्थिक पक्ष तक सीमित न रह कर मानवतावादी सोच का आह्वान किया
संयुक्त राष्ट्र दिवस 24 अक्टूबर को 1945 में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक निर्माण की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जाता है
सत्येंद्र नाथ बोस एक महान क्रांतिकारी थे। ये अरविंद घोष के प्रभाव से क्रांतिकारियों के संपर्क में आए। स्वदेशी का प्रचार करने के उद्देश्य से “छात्र भंडार” नामक संस्था बनाई जिसमें युवकों को क्रांतिकारी दल से जोड़ने का कार्य किया। 21 नवंबर 1908 को सत्येंद्र नाथ देश के लिए शहीद हुए।
30 सितंबर 1993 का दिन महाराष्ट्र के लातूर के लिए काला दिन था। 6.4 तीव्रता से आए भूकंप ने लातूर को तहस-नहस कर दिया ।इस भयानक त्रासदी में करीब 10000 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गवायी और हजारों की संख्या में लोग घायल हुए कई विदेशी एजेंसियां और पूरे विश्व में भारत को इस त्रासदी से निपटने में अपना सहयोग दिया।
महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती, भारतीय सुधारक और आर्य समाज के संस्थापक, 30 अक्टूबर 1883 को अजमेर, राजस्थान, भारत में अपने आश्रयस्थल में निधन हुआ था। उन्होंने आर्य समाज की स्थापना की और अपने जीवन के दौरान भारतीय समाज के सुधार और सामाजिक परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्ध रहे।स्वामी दयानंद सरस्वती की दिशा में अर्थनीति, सामाजिक न्याय, और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान किया गया और उनका योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रेरणास्त्रोत रहा।
चितरंजन दास का जन्म 05 नवम्बर 1870 ई. को ढाका के विक्रमपुर में हुआ था। वे कोलकाता उच्च न्यायालय के प्रसिद्ध वकील थे, जो 1909 ई. में अलीपुर बम कांड में अरविंदो घोष का बचाव कर चर्चित हो गए ।
ये कहानी एक बकरी के बेचने और खरीदने के बहुत ही सरल माध्यम से हमे यह सिखाती है कि हमे यूं तो कभी किसी का बुरा नहीं करना चाहिए लेकिन अगर कोई आपके साथ बुरा करे तो उसे सबक ज़रूर सिखाना चाहिए।
कविता के अंश में सिंदूरी शाम की सुंदरता का वर्णन किया गया है
कहानी मकड़ी आपको एहसास दिलाएगी इंसान किस प्रकार बाह्यआडंबर जालके में फंसता चला जाता है| जिस से निकल पाना कितना कठिन होता है |जानने के लिए सुनते हैं सुभाष नीरव द्वारा लिखी गई कहानी मकड़ी ,शिवानी आनंद की आवाज में
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