प्यार एक एहसास है। प्यार एक जुनून है। वह किसी दायरे में नहीं बाँधा जा सकता । वह कभी भी ,कहीं भी हो जाता है। फिर चाहे उसको मंजिल मिले या ना मिले। प्यार अधूरा रह जाए तो वह उम्र भर याद रहता है । सभी प्यार करने वालों को मंजिल मिले यह जरूरी तो नहीं । सच्चा प्यार तन से नहीं मन से होता है और मन ! वह तो चंचल होता है।
प्यार एक एहसास है। प्यार एक जुनून है। वह किसी दायरे में नहीं बाँधा जा सकता । वह कभी भी ,कहीं भी हो जाता है। फिर चाहे उसको मंजिल मिले या ना मिले। प्यार अधूरा रह जाए तो वह उम्र भर याद रहता है । सभी प्यार करने वालों को मंजिल मिले यह जरूरी तो नहीं । सच्चा प्यार तन से नहीं मन से होता है और मन ! वह तो चंचल होता है।
प्यार एक एहसास है। प्यार एक जुनून है। वह किसी दायरे में नहीं बाँधा जा सकता । वह कभी भी ,कहीं भी हो जाता है। फिर चाहे उसको मंजिल मिले या ना मिले। प्यार अधूरा रह जाए तो वह उम्र भर याद रहता है । सभी प्यार करने वालों को मंजिल मिले यह जरूरी तो नहीं । सच्चा प्यार तन से नहीं मन से होता है और मन ! वह तो चंचल होता है।
प्यार एक एहसास है। प्यार एक जुनून है। वह किसी दायरे में नहीं बाँधा जा सकता । वह कभी भी ,कहीं भी हो जाता है। फिर चाहे उसको मंजिल मिले या ना मिले। प्यार अधूरा रह जाए तो वह उम्र भर याद रहता है । सभी प्यार करने वालों को मंजिल मिले यह जरूरी तो नहीं । सच्चा प्यार तन से नहीं मन से होता है और मन ! वह तो चंचल होता है।
ये कहानी है एक ऐसे इंसान की जो एक जानवर को पाल के रखता है , और समय के साथ वो जानवर बड़ा होता जाता है , उस इंसान के घर में उसकी बीवी भी बहुत कलेश करती है क्युकी उसकी अपने पति से कुछ उमीदें और कुछ शक हैं जिनको वो अधूरा पति है , दूसरी और वो जानवर समय के साथ बड़ा होता जाता है , और वो उस इंसान को खाना चाहता है , फिर एक वक्त ऐसा आता है की उस जानवर जिसे कैद किया गया था इंसान में लड़ाई होती है ,,, कौन था वो जानवर ? और क्या हुआ इस लड़ाई में ? जानने के लिए सुनिए ये कहानी
गर्मी की चिलचिलाती धूप और दूर-दूर तक सपाट सूखी धरती ।पानी का नामोनिशान नहीं।यहाँ वीरान खंडहरों में कुछ नंग-धडंग बच्चे और अम्माएँ। निपट अकेली, बिना किसी सहारे के कैसे रह रही हैं ?ना तन ढकने के लिए कपड़े और ना घर का कोई आदमी !
ये कहानी है एक ऐसे इंसान की जो एक जानवर को पाल के रखता है , और समय के साथ वो जानवर बड़ा होता जाता है , उस इंसान के घर में उसकी बीवी भी बहुत कलेश करती है क्युकी उसकी अपने पति से कुछ उमीदें और कुछ शक हैं जिनको वो अधूरा पति है , दूसरी और वो जानवर समय के साथ बड़ा होता जाता है , और वो उस इंसान को खाना चाहता है , फिर एक वक्त ऐसा आता है की उस जानवर जिसे कैद किया गया था इंसान में लड़ाई होती है ,,, कौन था वो जानवर ? और क्या हुआ इस लड़ाई में ? जानने के लिए सुनिए ये कहानी
ये कहानी है एक ऐसे इंसान की जो एक जानवर को पाल के रखता है , और समय के साथ वो जानवर बड़ा होता जाता है , उस इंसान के घर में उसकी बीवी भी बहुत कलेश करती है क्युकी उसकी अपने पति से कुछ उमीदें और कुछ शक हैं जिनको वो अधूरा पति है , दूसरी और वो जानवर समय के साथ बड़ा होता जाता है , और वो उस इंसान को खाना चाहता है , फिर एक वक्त ऐसा आता है की उस जानवर जिसे कैद किया गया था इंसान में लड़ाई होती है ,,, कौन था वो जानवर ? और क्या हुआ इस लड़ाई में ? जानने के लिए सुनिए ये कहानी
जब किसी औरत के सिर से उसके पति का साया उठ जाता है तो समाज, बिरादरी, रिश्तेदारी में उसकी कोई इज्जत नहीं रह जाती ।मान सम्मान नहीं रह जाता है । हर शख्स उसे बिना तनख्वाह का नौकर मान लेता है और ऐसे हालात के मारे बच्चे की परवरिश ऊपर वाले के हाथ होती है। कल्लू की जिंदगी में ऐसा मोड़ आया कि उसकी जिंदगी ही बदल गई।
महादेवी वर्मा को बचपन से ही मिले परिवार के शैक्षिक संस्कारों ने उनके भावी जीवन को एक दिशा देने का काम किया। लेकिन नौ वर्ष की उम्र में उनके विवाह ने उनके जीवन को उपेक्षित और पीड़ा से भर दिया। वे अपनी ससुराल कभी गई ही नहीं।
गर्मियों का मौसम है टी हाउस में काफी भी है गे-लॉर्ड भी भरा हुआ है वहां बैठे युवक-युवतियों और अन्य सभी लोगों के बीच अलग-अलग तरह की बातचीत हो रही है क्या है टी- हाउस का माहौल ?किस प्रकार की बातचीत वहां चल रही है ?इसका पूरा आनंद लेने के लिए मन्नू भंडारी की कहानी एक प्लेट सैलाब सुनते हैं आरती श्रीवास्तव जी की आवाज में
सौंदर्य की देवी और प्रसिद्ध रंजना को पहली बार किसी ने अनदेखा किया था। वह बर्दाश्त नहीं कर पाई ,लेकिन इसी अदा ने उसे दिलीप की ओर आकर्षित किया । वह एक- दूसरे को बेपनाह चाहने लगे और सुनहरे भविष्य के सपने संजोने लगे । दिलीप काम के सिलसिले में 15 दिन के लिए देहरादून गया और फिर उसका कोई खत ना आया। रंजना परेशान होकर उसके घर गई तो उसके ड्रावर में रेखा नाम की लड़की के प्रेम पत्र हाथ लगे। वह सन्न रह गई। फिर एक पत्र मिला जो दिलीप के पिताजी का था। जिसमें उन्होंने दिलीप की पत्नी और एक बच्ची का जिक्र किया था। यह खत देखकर रंजना को गहरा धक्का लगा। और वह फूट-फूट कर रोने लगी।
गर्मी की चिलचिलाती धूप और दूर-दूर तक सपाट सूखी धरती ।पानी का नामोनिशान नहीं।यहाँ वीरान खंडहरों में कुछ नंग-धडंग बच्चे और अम्माएँ। निपट अकेली, बिना किसी सहारे के कैसे रह रही हैं ?ना तन ढकने के लिए कपड़े और ना घर का कोई आदमी !
यह कहानी जगन्नाथ नाम के एक बेहद कंजूस बूढ़े व्यक्ति की है जिसने थोड़ा सा धन बचाने के लिए अपनी बीवी और बहु का उचित इलाज नहीं करवाया, परिणाम स्वरूप उनकी मृत्यु के बाद उसका बेटा भी उसके पोते गोकुल को लेकर घर से पलायन कर जाता है। अपने कंजूस स्वभाव से ग्रस्त जगन्नाथ अपने पोते गोकुल की मृत्यु का कारण बनता है तथा पागल हो स्वयं भी प्राण त्याग देता है।
दो सगी बहनों की कहानी जो एक ही युवक से प्रेम करती है किंतु जब छोटी बहन को यह पता लगता है कि मैं युवा उसकी बड़ी बहन से प्रेम करता है ऐसी स्थिति में छोटी बहन की क्या मनोदशा होती है निर्मल वर्मा द्वारा लिखी गई कहानी दहलीज सुनते हैं सुमन वैद्य की आवाज में
प्रोफेसर डी.पी. झा 48 वर्ष की आयु में कैंसर से पीड़ित हो जाते हैं |अपनी मौत को इतने करीब से महसूस करते हुए वह जीते जी अपने सारे कर्तव्यों को पूरा करना चाहते हैं |वह अपने शरीर को मेडिकल कॉलेज में देहदान कर देते हैं | उनकी मृत्यु के पश्चात उनके शव के साथ क्या होता है??? बड़े भावपूर्ण रूप में चित्रित किया गया है अभिज्ञात’’ की कहानी कामरेड और चूहे मे…. ,अमित तिवारी जी की आवाज में सुनिए सिर्फ गाथा पर
जिससे तुम्हारा नुकसान हो रहा हो, उससे अलग ही रहना अच्छा है, चाहे वह उस समय के लिए तुम्हाहरा दोस्तु भी क्यों न हो।पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी जी के द्वारा लिखी गई कहानी दो घड़े, निधि मिश्रा की आवाज में
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Nana Lal
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