महामाया और राजीव लोचन बचपन के साथी हैं। राजीव महामाया से प्रेम करता है किंतु एक दिन महामाया और राजीव को साथ देख महामाया का भाई उसका विवाह एक मरनासन्न बूढ़े से करवा देता है, जिसके अगले ही दिन महामाया विधवा हो जाती है तथा किसी तरह सती प्रथा के नाम पर जलती हुई चिता से बचकर भागने में सफल हो जाती है। वह राजीव के साथ इस शर्त पर रहना मंजूर करती है कि वह जीवन भर उसका अवगुंठन नहीं हटाएगा। एक रात राजीव खुद को रोक नहीं पाता और महामाया को हमेशा के लिए खो देता है।
महामाया और राजीव लोचन बचपन के साथी हैं। राजीव महामाया से प्रेम करता है किंतु एक दिन महामाया और राजीव को साथ देख महामाया का भाई उसका विवाह एक मरनासन्न बूढ़े से करवा देता है, जिसके अगले ही दिन महामाया विधवा हो जाती है तथा किसी तरह सती प्रथा के नाम पर जलती हुई चिता से बचकर भागने में सफल हो जाती है। वह राजीव के साथ इस शर्त पर रहना मंजूर करती है कि वह जीवन भर उसका अवगुंठन नहीं हटाएगा। एक रात राजीव खुद को रोक नहीं पाता और महामाया को हमेशा के लिए खो देता है।
यह कहानी हर उस पत्नी की है जो पढ़ी लिखी और विवेकशील होने के कारण परिस्थितियों से समझौता नहीं कर पाती बल्कि उनसे लड़ती है तबतक जबतक कि वह लड़ सकती हैं…
फणिभूषण और मणिमल्लिका के प्रेम, मिलन और विछोह की रहस्यमई कहानी।
Khata” is a story of a girl who in those days got the opportunity of schooling while women’s education was not that very common. The little girl was enthusiastically writing everywhere that was not very much appreciated by his brother as she was messing up his writing notebook. Once she got married she was taunted and prevented from writing by her sister-in-law and her husband who had himself a strong passion for writing. At the end she was forced to stop writing. Her fate was bound to surrender herself to the hostile situation.
Two neighbors were very competitive and jealous about each other. They were not content about what they had, thinking, must be others are having better than them. The story portrays the moral, how the jealousy takes away all the peace of mind and destroys the contentment and happiness of mind in general.
सुबल और सुशील नामक पिता और पुत्र की ऐसी कहानी जिसमे इच्छा पूरी करने वाली देवी उन्हें अदला बदली का वरदान देकर उनकी इच्छा पूरी करती हैं लेकिन इस वरदान से तंग आकर वे पुनः देवी से उन्हें पहले जैसा कर देने की प्रार्थना करते हैं।
अतृप्त आत्माओं से भरे एक महल की कथा जिसका एक एक पत्थर जिंदा व्यक्तियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
बेताल पच्चीसी की कहानियों में से एक कहानी जिसमें अंग देश का राजा यशकेतु बेहद बिलासी प्रवृत्ति का राजा है और उसके राज्य का सारा कार्य उसका दीवान करता है |कहानी के अंत में जब राजा एक खूबसूरत स्त्री को अपने से विवाह हेतु राज्य में लाता है तो दीवान की हृदयाघात से मृत्यु हो जाती है| ऐसा क्यूँ ? इसका कारण जानने के लिए सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में कहानी दीवान की मृत्यु क्यूँ….
हिरण्यधनु नामक निषाद का पुत्र एकलव्य भी धनुर्विद्या सीखने के उद्देश्य से द्रोणाचार्य के आश्रम में आया, किन्तु कर्ण के समान ही निम्न वर्ण का होने के कारण द्रोणाचार्य ने उसे अपना शिष्य बनाना स्वीकार नहीं किया। निराश होकर एकलव्य वन में चला गया। उसने द्रोणाचार्य को उनकी मूर्ति के समक्ष अपना गुरु मानकर उनके समक्ष धनुर्विद्या का ज्ञान करने लगा| इस पर द्रोणाचार्य ने एकलव्य से गुरुदक्षिणा के रूप में उसके दाहिने हाथ के अँगूठे की माँग की| आखिर द्रोणाचार्य जी ने गुरु दक्षिणा के रूप में एकलव्य से उसके हाथ का अंगूठा क्यों मांगा ? क्या हुआ उसके बाद एकलव्य के साथ और क्यों इतिहास में एकलव्य का नाम प्रसिद्ध है? इस पूरे प्रसंग को जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानी में से एक कहानी एकलव्य की गुरुभक्ति, शिवानी आनंद की आवाज में…
आज प्रतिमा ने अपने पति आशुतोष को उसकी एक सहेली अंजलि के साथ उस दृश्य में देख लिया जिससे उसके पैरों के तले मानों ज़मीन ही सरक गई हो। प्रतिमा कैसे अपने पति और अपनी सहेली अंजलि के द्वारा दिया गया यह विश्वासघात सहन पकड़ पाएगी ?प्रतिमा अब इसके आगे क्या फैसला लेती है ?जानिए अलका सैनी की लिखी कहानी विश्वासघात में, शिवानी आनंद की आवाज़ में.।
कहानी एक स्वार्थपरस्त व्यक्ति अनाथ बाबू की है | अनाथ बन्धु का विवाह विन्ध्यवासिनी से हुआ जोकि सुन्दर सद्चरित्रा है किन्तु अनाथ बाबू को हिन्दुस्तानी नाम से घृणा थी। पत्नी को भी वह विशेषताओं और सुन्दरता में अपने योग्य न समझते थे। अनाथ बाबू ससुराल के पैसों से विदेश जाना चाहते हैं |क्या अनाथ बाबू की यह मंशा पूरी हो पाती है? विंध्यवासिनी के जीवन में आगे क्या घटित होता है? इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं रविंद्र नाथ टैगोर के द्वारा लिखी गई कहानी नई रोशनी, शिवानी आनंद की आवाज में..
पर्दा किस भावना का अविलंब हो सकता है इस मार्मिक कहानी के माध्यम से महसूस किया जा सकता है। कहानी चौधरी पीर ब़ख्श की की है जो अपनी कम आमदनी में अपने बड़े परिवार का भरण -पोषण कर रहा है ।चौधरी पीर ब़ख्श कर्ज़ में डूबा हुआ है। अपनी इज्जत को किसी तरह पर्दे की आड़ में छुपायें हुए हैं। सुनते हैं क्या होता है जब उसके घर का पर्दा हट जाता है ।ऐसे में चौधरी पीर ब़ख्श की क्या मनोस्थिति होगी ? इसे जानने के लिए सुनते हैं यशपाल के द्वारा लिखी गई कहानी पर्दा, जिसे आवाज़ दी है नयनी दीक्षित ने..
अगर मर्द बिना मूछों के रहे तो वह मर्द नहीं लगता |एक मूंछ ही तो मर्दाना चेहरे के लिए अनिवार्य होती है और मेरे पति ने एक नौकरानी की भूमिका निभाने के लिए अपनी मूंछे कटवा ली |अब तो शायद ने उन्हें प्यार भी ना कर सकूं| और मर्दों में मूछों के बिना कोई आकर्षण नहीं | मर्दों की मूछों को लेकर एक स्त्री अपनी दोस्त से यह सब बातें क्यों कह रही है ?इसके पीछे क्या वजह हो सकती है? इसे जानने के लिए सुनते हैं गाय दी मोपासां की कहानी मूंछ,नयनी दीक्षित की आवाज में …
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