आध्यात्मिक प्रेम – आर्या झा – शेफ़ाली कपूर
रिया और आदित्य एक ही कॉलेज में पढ़ते हैं ।आदित्य सिविल सर्विसेज की तैयारी भी कर रहा है ।आदित्य, रिया के सामने अपने प्यार का इज़हार करता है और रिया को जीवनसंगिनी बनाना चाहता है। रिया के मन में भी आदित्य के लिए प्रेम भाव है, किंतु रिया के पिता इस रिश्ते को मंजूरी देने के लिए आदित्य के सामने एक शर्त रखते हैं । क्या है वह शर्त? क्या आदित्य उस शर्त को पूरा कर पाएगा? क्या आदित्य और रिया शादी के बंधन में बंध पाएंगे ?क्या आदित्य के मन में रिया के प्रति वही प्रेम रह पाएगा? पूरी कहानी जानने के लिए सुनें आर्या झा के द्वारा लिखी गई कहानी आध्यात्मिक प्रेम।
मेरे राम
सुनिए राम… महसूस कीजिए राम
“मेरे राम” एक ऐसा विशेष संग्रह है, जहाँ प्रभु श्रीराम केवल कथा के पात्र नहीं, बल्कि जीवन, आदर्श, मर्यादा और मानवीय संवेदनाओं के रूप में आपके सामने उपस्थित होते हैं।
इस विशेष संकलन में सुनिए —
📖 रामचरितमानस की दिव्य चौपाइयाँ और प्रसंग
🎙️ “मानव हैं मेरे राम” जैसी भावपूर्ण श्रृंखला
🪔 राम पर आधारित कविताएँ, कथाएँ और आध्यात्मिक अनुभूतियाँ
यह संग्रह आपको राम के अनेक रूपों से जोड़ता है —
आराध्य राम, मर्यादा पुरुषोत्तम राम, और मानवता के प्रतीक राम।
यह केवल श्रवण नहीं… एक आत्मिक यात्रा है —
राम को समझने की, राम को जीने की, राम को महसूस करने की।
🎧 सुनिए
“मेरे राम”
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आध्यात्मिक प्रेम – आर्या झा – शेफ़ाली कपूर
रिया और आदित्य एक ही कॉलेज में पढ़ते हैं ।आदित्य सिविल सर्विसेज की तैयारी भी कर रहा है ।आदित्य, रिया के सामने अपने प्यार का इज़हार करता है और रिया को जीवनसंगिनी बनाना चाहता है। रिया के मन में भी आदित्य के लिए प्रेम भाव है, किंतु रिया के पिता इस रिश्ते को मंजूरी देने के लिए आदित्य के सामने एक शर्त रखते हैं । क्या है वह शर्त? क्या आदित्य उस शर्त को पूरा कर पाएगा? क्या आदित्य और रिया शादी के बंधन में बंध पाएंगे ?क्या आदित्य के मन में रिया के प्रति वही प्रेम रह पाएगा? पूरी कहानी जानने के लिए सुनें आर्या झा के द्वारा लिखी गई कहानी आध्यात्मिक प्रेम।
आध्यात्मिक प्रेम – आर्या झा – शेफ़ाली कपूर
रिया और आदित्य एक ही कॉलेज में पढ़ते हैं ।आदित्य सिविल सर्विसेज की तैयारी भी कर रहा है ।आदित्य, रिया के सामने अपने प्यार का इज़हार करता है और रिया को जीवनसंगिनी बनाना चाहता है। रिया के मन में भी आदित्य के लिए प्रेम भाव है, किंतु रिया के पिता इस रिश्ते को मंजूरी देने के लिए आदित्य के सामने एक शर्त रखते हैं । क्या है वह शर्त? क्या आदित्य उस शर्त को पूरा कर पाएगा? क्या आदित्य और रिया शादी के बंधन में बंध पाएंगे ?क्या आदित्य के मन में रिया के प्रति वही प्रेम रह पाएगा? पूरी कहानी जानने के लिए सुनें आर्या झा के द्वारा लिखी गई कहानी आध्यात्मिक प्रेम।
अभिमान – आर्या झा – शेफ़ाली कपूर
माधवी बचपन से बेहद मेधावी छात्रा रही है, क्लास की टॉपर। इस बात का उसे अपने ऊपर कहीं न कहीं अभिमान भी है किन्तु एक अति साधारण लड़का आनंद जब उससे आगे निकल जाता है तब माधुरी विचलित हो जाती है ।समय बीतता जाता है ग्रेजुएशन के करीब 9 साल के बाद माधवी और आनंद की पुनः आज मुलाकात हो रही है ।आनंद एक सफ़ल डॉक्टर बन चुका है और माधवी अपने पिता का बिज़नेस संभाल रही है ।क्या यह मुलाकात माधवी के अभिमान को फिर से चकनाचूर कर देगा? आनंद और माधवी किस तरह एक-दूसरे का सामना करेंगे? क्या होगा आगे कहानी में? जानने के लिए सुने आर्या झा के द्वारा लिखी गई कहानी अभिमान, शेफ़ाली कपूर की आवाज़ मे…
वे तीन दिन – आर्या झा – शेफ़ाली कपूर
आदित्य एक सरकारी कर्मचारी है ।16 साल पुराना प्यार जब उसके सामने आ रहा है तो आदित्य के जीवन में मानो फिर से एक नया रंग भर रहा है। अपनी पुरानी प्रेमिका और पत्नी के बीच आदित्य के जीवन में यह आने वाले 3 दिन एक बहुत बड़ा बदलाव लेकर आ रहे हैं ।क्या आदित्य अपने पुराने प्रेम के खातिर अपनी पत्नी को त्याग देगा या फिर आदित्य को अपनी पत्नी की कदर पहले से अधिक महसूस होने लगेगी? आर्या झा के द्वारा लिखी गई कहानी वे तीन दिन में जानिए, शेफ़ाली कपूर की आवाज़ में…
अनकही – आर्या झा – शेफ़ाली कपूर
कुछ बातें अनकही रह जाती है। सिर्फ़ मन ही उन बातों को समझता है और दिल तक दस्तक देता है। समय कब उन बातों को छोड़ आगे बढ़ता चला जाता है और रह जाता है कुछ सिमटे हुये लम्हे। कुछ प्रेम कहानियां बस यहीं तक सिमट कर रह जाती है। कहानी के नायक और नायिका एक दूसरे से प्रेम करते हैं पर कभी अपने प्यार का इज़हार एक -दूसरे के सामने नहीं कर पाये ।आज करीब 30 साल के बाद इन दोनों की मुलाकात फिर से हो रही है। क्या जो अनकही बातें थी इन दोनो के बीच वह इस मुलाकात में सामने आ पाएगी ?जानिए आर्या झा के द्वारा लिखी गई कहानी अनकही में।
आध्यात्मिक प्रेम – आर्या झा – शेफ़ाली कपूर
रिया और आदित्य एक ही कॉलेज में पढ़ते हैं ।आदित्य सिविल सर्विसेज की तैयारी भी कर रहा है ।आदित्य, रिया के सामने अपने प्यार का इज़हार करता है और रिया को जीवनसंगिनी बनाना चाहता है। रिया के मन में भी आदित्य के लिए प्रेम भाव है, किंतु रिया के पिता इस रिश्ते को मंजूरी देने के लिए आदित्य के सामने एक शर्त रखते हैं । क्या है वह शर्त? क्या आदित्य उस शर्त को पूरा कर पाएगा? क्या आदित्य और रिया शादी के बंधन में बंध पाएंगे ?क्या आदित्य के मन में रिया के प्रति वही प्रेम रह पाएगा? पूरी कहानी जानने के लिए सुनें आर्या झा के द्वारा लिखी गई कहानी आध्यात्मिक प्रेम।
अनकही – आर्या झा – शेफ़ाली कपूर
कुछ बातें अनकही रह जाती है। सिर्फ़ मन ही उन बातों को समझता है और दिल तक दस्तक देता है। समय कब उन बातों को छोड़ आगे बढ़ता चला जाता है और रह जाता है कुछ सिमटे हुये लम्हे। कुछ प्रेम कहानियां बस यहीं तक सिमट कर रह जाती है। कहानी के नायक और नायिका एक दूसरे से प्रेम करते हैं पर कभी अपने प्यार का इज़हार एक -दूसरे के सामने नहीं कर पाये ।आज करीब 30 साल के बाद इन दोनों की मुलाकात फिर से हो रही है। क्या जो अनकही बातें थी इन दोनो के बीच वह इस मुलाकात में सामने आ पाएगी ?जानिए आर्या झा के द्वारा लिखी गई कहानी अनकही में।
युवती: तो तुमने आखिर क्या फैसला किया?
ज्ञान सिंह: मैं इस कड़े को नहीं निकाल पाऊंगा और आखिर मैं ऐसा क्यों करूं?
युवती: मैं तुम्हारी हर ख्वाहिश पूरी कर दूंगी।
ज्ञान सिंह: तुम मुझे दे ही क्या सकती हो?
आखिर वह खूबसूरत युवती कौन है जो ज्ञान सिंह से उसके गुरु का दिया हुआ कड़ा मांग रही है? एक रात ज्ञान सिंह के साथ कौन सी हैरतअंगेज घटना हुई? ज्ञान सिंह के साथ आखिर क्या हुआ? सुनिए सस्पेंस से भरी हुई एक रोमांचक कहानी “नागिन का इश्क”, शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।
सेवा – ममता कालिया – शैफाली कपूर
पुरुषोत्तम सहाय की पत्नी करीब 15 दिनों से अस्पताल में कोमा की स्थिति में पड़ी है। पुरुषोत्तम सहाय अकेले ही अपनी पत्नी की सेवा कर रहे हैं। कहने को पुरुषोत्तम सहाय की दो शादी-शुदा बेटियां, पुत्र, पुत्र-वधू ,पोता सभी है पर ऐसी स्थिति में अपनी उस मां के लिए जिसने ता-उम्र अपने पति और बच्चे की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया ,आज वही बच्चे क्या अस्पताल में जाकर मां की सेवा करना चाह भी रहें हैं या फिर मात्र औपचारिकता (formality) निभा रहे हैं ?ऐसी स्थिति में पुरुषोत्तम सहाय अपने बच्चों से क्या उम्मीद कर रहा है। पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं ममता कालिया के द्वारा लिखी गई कहानी सेवा ,शेफाली कपूर की आवाज़ में
वो कौन था | आवाज़- शेफ़ाली कपूर
इस कहानी में लॉर्ड डफ़रिन की एक अनूठी घटना है, जिसमें उन्होंने इरिश गाँव में एक रात एक भूतिया दृश्य देखा और फिर दस सालों बाद पेरिस में एक होटल में एक लिफ्ट ऑपरेटर को पहचाना जो उसी भूतिया दृश्य में था। लॉर्ड डफरिन ने लिफ्ट में नहीं बैठकर अपने और अपने सचिव की जान बचाई, क्योंकि लिफ्ट का हादसा हुआ और सभी की मौके पर मौत हो गई। कहानी में एक रहस्यमय और एक रोमांचक बात यह है कि वह व्यक्ति आखिर कौन था? जिसे देखकर लॉर्ड डफ़रिन ने लिफ्ट में न जाने का निर्णय लिया था और अंत में उस व्यक्ति का कोई सुराग क्यों नहीं मिल पाया ?जो एक व्यक्ति की जिंदगी को बचा सकता है।
“डैनी: “”एमिला, मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूं। मेरे प्यार की ख़ातिर मैं तुम्हें एक छोटी सी तकलीफ़ देना चाहता हूं।””
एमिला: “”क्या कह रहे हो, डैनी? कैसी तकलीफ़, कैसी मदद? मैं कुछ समझी नहीं।””
डैनी: “”तुम्हें डॉक्टर ड्यूड के यहां से कुछ फाइलें लानी पड़ेगी।””
एमिला: “”पर ऐसा करना तो गलत होगा।””
डैनी डॉक्टर ड्यूड के यहां से एमिला से कुछ फाइलें क्यों मंगवाना चाह रहा है? आखिर इसके पीछे उसका क्या मकसद है? क्या एमिला अपने प्यार की खातिर यह गलत काम करने को राज़ी हो जाती है? क्या है इसके पीछे का राज़? जानने के लिए सुनिए नसरीन हिना के द्वारा लिखी गई कहानी ‘ब्लैकमेल’, शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।
आध्यात्मिक प्रेम – आर्या झा – शेफ़ाली कपूर
रिया और आदित्य एक ही कॉलेज में पढ़ते हैं ।आदित्य सिविल सर्विसेज की तैयारी भी कर रहा है ।आदित्य, रिया के सामने अपने प्यार का इज़हार करता है और रिया को जीवनसंगिनी बनाना चाहता है। रिया के मन में भी आदित्य के लिए प्रेम भाव है, किंतु रिया के पिता इस रिश्ते को मंजूरी देने के लिए आदित्य के सामने एक शर्त रखते हैं । क्या है वह शर्त? क्या आदित्य उस शर्त को पूरा कर पाएगा? क्या आदित्य और रिया शादी के बंधन में बंध पाएंगे ?क्या आदित्य के मन में रिया के प्रति वही प्रेम रह पाएगा? पूरी कहानी जानने के लिए सुनें आर्या झा के द्वारा लिखी गई कहानी आध्यात्मिक प्रेम।
जीवन में रिश्ते नहीं ,रिश्तो में जीवन ढूंढो| कनक के पिता की मृत्यु हो चुकी है और कनक विदेश से कानपुर अपनी मां के पास आई है, उसके आने का मकसद अपने एक पिता और उनके दोस्त गुप्ता जी के साझा खरीदे हुए प्लॉट को बेचने का भी है |किंतु कहानी के प्रसंग में ऐसा भी आता है कि कनक अपना इरादा बदल देती है| कहानी का वह प्रसंग क्या है ?क्या कनक पर अपने पिता की परवरिश का रंग चढ़ा हुआ है? पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं नीतू मुकुल के द्वारा लिखी गई कहानी, “रंग जो छूटे नाहि” पूजा श्रीवास्तव की आवाज में….
Do navo ki sawaari (दो नावों की सवारी) – Alka saini (अल्का सैनी ) – Shivani Anand
प्रेम की अलग-अलग अनुभूति होती है प्रेम मीरा और कृष्ण के मध्य भी था कहानी कुछ इसी तरह के भावों को आधुनिक समीकरण के रूप में ढाल दिया गया है कहानी का नायक अभिनव एक शादीशुदा युवक है जिसकी मित्रता अनीता के साथ हो जाती है ।उनकी मित्रता में एक अजीब सी आत्मीयता और लगाव है किंतु जैसे-जैसे अभिनव को सामाजिक मान मर्यादा की तरफ ध्यान आकर्षित होता है उसके अंदर अजीब सी बेचैनी उत्पन्न हो जाती है ।अभिनव की यह बेचैनी उसे किस हद तक ले जाएगी? जानेंगे अलका सैनी के द्वारा लिखी गई कहानी दो नावों में सवार, शिवानी आनंद की आवाज़ में..
शैलजा और राजन की गृहस्थी ठीक प्रकार से चल रही थी अचानक दीपावली पर शैलजा को राजन और अपनी जेठानी के बीच के अनैतिक संबंधों का पता चलता है शैलजा इसके बाद क्या निर्णय लेती है क्या राजन पुनः शैलजा के पास लौटता है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं मनीषा कुलश्रेष्ठ जी के द्वारा लिखी गई कहानी सुबह का भूला पूजा श्रीवास्तव की आवाज में
प्रेम में विरह की भावना को दर्शा रही है ये कविता
पति -पत्नी का रिश्ता जो एक दूसरे के साथ पूरा जीवन बिता देते हैं किंतु क्या यह सच्चाई नहीं कि वह एक दूसरे के मन की तालों को जीवन भर नहीं खोल पाते ।एक खूबसूरत विपिन जैन की कहानी अलमारी और कागज का टुकड़ा में इस अहसास को किस तरीके से रखा गया है जानिए विनीता श्रीवास्तव की आवाज़ में…
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