कहानी की नायिका नीरजा एक अति महत्वाकांक्षी महिला है| अपनी महत्वाकांक्षा को अहमियत देते हुए नीरजा अपना वैवाहिक जीवन को उपेक्षित करती है| आज उसे समझ में आ रहा है कि वैवाहिक जीवन कितना शाश्वत है क्या नीरजा अपनी उस मृगतृष्णा से बाहर आ पाएगी |
ठाकुर रणबीर सिंह आज मृत शैय्या पर है।कौशल्या को ठाकुर की पत्नी का दर्जा नहीं मिला है किंतु वो उनके पुत्रों की माँ हैं।आज जब ठाकुर को मुखाग्नि देना हैतब क्या होगा ?क्या उसका पुत्र ठाकुर का उत्तराधिकारी बनेगा?
एक कामकाजी महिला के ऊपर समाज किस प्रकार शोषण करता है इसी बात दर्शाती है कहानी एक फलसफा जिन्दगी कहानी में सुभद्रा सुंदर सुशिक्षित लड़की है |जिसको कई बार नौकरी में शोषित किया जा रहा है| सुभद्रा कैसे इस बात से बाहर निकलती है जानने के लिए सुनते हैं स्वाति तिवारी की लिखी हुई कहानी एक फलसफा जिन्दगी ,अंजू जेटली की आवाज में
कहानी पाश्चात्य सभ्यता लिवइन रिलेशनशिप आधारित है |प्रतिमा बिना शादी के प्रणव के साथ रह रही है वह उसके बच्चे की मां बनने जा रही है| उसके अनुसार स्वतंत्रता, अस्तित्व, वजूद, पसंद, सब शादी के साथ मिटने लगते है| किन्तु क्या उसे एहसास हो पायेगा कि सारे रिश्ते रस्मों के मोहताज होतें हैं |
अनु आज अपना 50 वां जन्मदिन मना रही है सुबह-सुबह उसके बचपन के दोस्त शेखर का फोन आता है कि उसके साथ उसका जन्मदिन बनाना चाह रहा है किंतु आज भी अनु उसी सामाजिकता के दायरों में भी वही परंपरागत डरपोक भारतीय नारी की तरहजो पति की पसंद-नापसंद से आगे कोई सोच नहीं रखती है |क्या अनु शेखर को अपने यहां बुला पाएगी |अनु आगे क्या निर्णय लेती है जानने के लिए सुनते हैं स्वाति तिवारी की लिखी कहानी बंद मुट्ठी में चाकलेट ,अंजू जेटली की आवाज
कहानी ऐसी लड़की की है जिसके लिए विवाह जैसी बातों का कोई मतलब नहीं है | वह पूरी तरह लीव इन पार्टनर जो यूज एण्ड थ्रो में विश्वास करती है। उसके लिए डेटिंग एक फिजिकल डिमांड है , अपनी बायलोजिकल नीड्स को पूरा करने के लिए |उसके व्यवहार में यह बात क्यों शामिल हुई जानने के लिए सुनते हैं स्वाति तिवारी के द्वारा लिखी गई कहानी रिश्तों के कई रंग ,अंजू जेटली की आवाज में
दुनिया में आखिर सबसे बड़ी चीज क्या है? किस प्रकार बीरबल ने अपने उत्तर से बादशाह अकबर को संतुष्ट किया |पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं अंजू जेटली की आवाज …
गुरुत्वाकर्षण से परे वो चली जा रही थी ऊपर… बहुत ऊपर… पा गयी थी वो “महामुक्ति”… आज देह के साथ उसकी आत्मा भी मुक्त हो गयी थी।कहानी एक मध्यमवर्गीय लड़की ललिता की है जिसकी मृत्यु हो चुकी है |किंतु आज उसकी रूह वह सब देख रही है जो उसने जीते जी कभी नहीं देखा क्या ललिता की रूह को मुक्ति मिल पाएगी ?जानने के लिए सुनते हैं कहानी महामुक्ति ,अंजू जेटली की आवाज में
ठाकुर रणबीर सिंह आज मृत शैय्या पर है।कौशल्या को ठाकुर की पत्नी का दर्जा नहीं मिला है किंतु वो उनके पुत्रों की माँ हैं।आज जब ठाकुर को मुखाग्नि देना हैतब क्या होगा ?क्या उसका पुत्र ठाकुर का उत्तराधिकारी बनेगा?
कहानी एक नौजवान लड़के चंदन की है जिस पर फिल्मों का प्रभाव पड़ा है इसी के चलते एक लड़की तारा से प्रेम करने लगता है किंतु क्या होता है इनकी प्रेम कहानी में आ गई जानने के लिए सुनते हैं अमरकांत के द्वारा लिखी गई कहानी लड़का- लड़की ,अंजू जेटली की आवाज में
एक आलीशान कॉलोनी के बीच में एक मैदान जहां पर गरीब बस्ती के लोग ,बच्चे खेलते- कूदते आते -जाते और सर्दियों में धूप सेंकते हैं किंतु आलीशान बंगलों में रहने वालों को यह बात नागुज़ार है तो क्या ये अमीर लोग अपनी झूठी शान के ख़ातिर उस मैदान के साथ ऐसा कुछ करेंगे कि जिससे कोई गरीब आदमी उस मैदान में आये ही ना । क्या होगा? जानने के लिये सुनतें हैं अंजना वर्मा की कहानी नंदन पार्क ,विनीता श्रीवास्तव की आवाज़ में..
वृद्ध पिता की कहानी,जो अपनी सारी जिम्मेदारियां पूरी कर चुका है और उसका शरीर शिथिल हो गया है |इस समय काल में जब उसे अपने बच्चों का सानिध्य प्राप्त होता है ,तो उसके अंदर एक विशेष ऊर्जा का संचार होता है | किंतु यह सानिध्य उसे अल्प समय के लिए प्राप्त
कहानी एक नौजवान लड़के चंदन की है जिस पर फिल्मों का प्रभाव पड़ा है इसी के चलते एक लड़की तारा से प्रेम करने लगता है किंतु क्या होता है इनकी प्रेम कहानी में आ गई जानने के लिए सुनते हैं अमरकांत के द्वारा लिखी गई कहानी लड़का- लड़की ,अंजू जेटली की आवाज में
हिंदुस्तान -पाकिस्तान में जब बंटवारा हुआ था तब कुछ ऐसे स्वार्थ परस्त लोग जो मजहब ,धर्म का नाम लेकर, उसकी आड़ लेकर सिर्फ -सिर्फ अपना फायदा करने में लगे हुए थे। उनके लिए किसी के भी जज्बात कोई मायने नहीं रखते थे। ऐसे ही एक शख्स की कहानी है।”मलबे का मालिक”
नरेंद्र के मन में एक प्रश्न डंक की भांति परेशान कर रहा है| यह प्रश्न उसकी मां सुशीला के स्त्रीत्व की पवित्रता को लेकर है |क्या नरेंद्र अपनी मां से अपने प्रश्नों का उत्तर ले पाएगा ?क्या वास्तव में में सुशीला के जीवन में इसके पीछे कोई कहानी थी ?सुशीला अपनी पवित्रता नरेंद्र को समझा पाएगी ? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं गजानन माधव मुक्तिबोध के द्वारा लिखी गई कहानी प्रश्न सुमन वैद्य जी की आवाज में….
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