धरोहर श्रृंखला बाइसवीं और अन्तिम शब्दांजलि कीर्तिशेष गीतकार आत्म प्रकाश शुक्ल जी की रचनाएँ और संस्मरण सुनिए लब्धप्रतिष्ठ साहित्यकार श्रद्धेय डॉ. शिवओम अम्बर जी के साथ
धरोहर बीसवीं शब्दांजलि कीर्तिशेष रचनाकार श्री संतोष कुमार वर्मा “फ़न” जी की रचनाएँ और संस्मरण सुनिए उनकी कवयित्री पुत्री सपना सोनी जी के साथ ।
धरोहर सोलहवीं शब्दांजलि यशशेष गीतकार कीर्तिशेष अमन चांदपुरी जी की रचनाएं और स्मृतियाँ सुनिये उनके मित्र श्री राहुल शिवाय जी के साथ।
धरोहर आठवीं शब्दांजलि कालजयी रचनाकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कविवर पं़ गोविन्द प्रसाद तिवारी जी की रचनाएं और स्मृतियाँ सुनिये उनके पुत्र श्री अभय तिवारी जी के साथ।
कानपुर इतिहास से वर्तमान तक सदैव साहित्य का केंद्र रहा है। पत्रकारिता में कानपुर में सदैव अपने को अग्रणी गिनाया है और साथ ही रोज़गार के अवसर प्रदान करने में कानपुर अग्रणी रहा है। कानपुर की विशुद्ध साहित्यिक धरती नें भारतीय साहित्य को कई अनमोल रत्न प्रदान किये हैं श्री वीरेंद्र आस्तिक जी उन्हीं रत्नों में से एक है । उनके गीतो की संप्रेषण सामर्थ्य, उनका अद्भुत शब्द विन्यास और उनकी भाषाई पकड़ अद्भुत है।
शिवोहम साहित्यिक मंच की प्रस्तुति #गीतों_की_ओर में आइये कल सुनते हैं प्रसिद्ध गीतकार श्री विनोद श्रीवास्तव जी को। श्री विनोद श्रीवास्तव जी वर्तमान के उन गीतकारों में से हैं जिनके लिए उनकी कविता की सार्थकता सर्वोपरि है। आज के समय में जब ऐसी कविताओं की बाढ़ आ गयी जिनकी उम्र सप्ताह दो सप्ताह से अधिक नहीं होती तब उनके जैसा गीतकार सच्चे गीतों की रचनाओं में पूर्णतः समर्पित है। उनके गीतों के विम्ब विधान, शब्द योजना और प्रतीक विन्यास पाठकों को सहज ही आश्चर्यचकित कर देते हैं। उनके भाव पक्ष में आशातीत कल्पनाशक्ति का अद्भुत समन्वय मिलता है। कभी कभी तो उनके गीत पढ़कर लगता है मानों वे और गीत एक दूसरे के पर्याय हैं।
शिवोहम सहित्यिक मंच धरोहर की प्रथम शब्दांजलि कालजयी रचनाकार डॉ उर्मिलेश शंखधर जी की कविताएं और स्मृतियाँ सुनिये उनकी पुत्री श्रीमती सोनरूपा विशाल जी के साथ।
धरोहर आठवीं शब्दांजलि कालजयी रचनाकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कविवर पं़ गोविन्द प्रसाद तिवारी जी की रचनाएं और स्मृतियाँ सुनिये उनके पुत्र श्री अभय तिवारी जी के साथ।
धरोहर इक्कीसवीं शब्दांजलि कीर्तिशेष रचनाकार बृज शुक्ल घायल जी की रचनाएँ और संस्मरण सुनिए उनके साहित्यकार पुत्र डॉ प्रवीण शुक्ल जी के साथ ।
धरोहर बाहरवीं शब्दांजलि यशशेष जनकवि विपिन मणि जी की रचनाएं और स्मृतियाँ सुनिये उनके पुत्र डॉ. उदय मणि जी के साथ
धरोहर सत्रहवीं शब्दांजलि यशशेष कवि निर्दोष हिसारी की रचनाएँ और संस्मरण सुनिए उनकी सुपुत्री कवयित्री अल्पना सुहासिनी जी साथ
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