सकारात्मक सोच से जटिल से जटिल समस्याओं का निदान संभव है कुछ ऐसी ही विचारधारा को प्रेरित करती हुई पल्लवी के द्वारा लिखी एक कविता आशना
साक्षर होना जीवन में सबसे बड़ा वरदान होता है अतः कविता के माध्यम से यह संदेश प्रेरित किया गया है पढ़ना लिखना हमारे जीवन के लिए कितना आवश्यक है कविता खूब पढ़ते जाना पल्लवी जी की मधुर आवाज
अक्सर हमारा वक्त बीती -बातों को याद करने में चला जाता है| आप कुछ ऐसा ही पल्लवी के द्वारा लिखी गई कविताyad aa gya mujko gujra zamana(याद आ गया मुझको गुज़रा ज़माना) को सुनकर निश्चित तौर पर सब अपने बचपन में जरूर लौट जाएंगे, उन पलों को याद करेंगे, जो हमारे- आपके जीवन का एक खूबसूरत हिस्सा है |
अगर अपने प्रेमी से मिलन संसार की सबसे सुखद अनुभूति है उसी प्रकार अपने प्रेमी से हमेशा का विछोह सबसे दुखद अनुभूति होती है। राधा-कृष्ण के विछोह के प्रसंग से संबंधित ये पंक्तियां उसी पीड़ा का अनुभव कराती हैं। *कृष्ण- राधा के विछोह से संबंधित कोई चित्र
बड़े बुजुर्ग घर की शान होते हैं उनकी बातों में एक तजुर्बा होता है उनके सानिध्य में सब कुछ कितना सरल हो जाता है बच्चों के लिए उनकी दादी तो पूरा स्नेह का खजाना होती है इसी रिश्ते के मधुर संबंधों काअवलोकन कराती हुई कविता है दादी पल्लवी की आवाज में
इतिहास खण्ड – भाग -4
Dr. Dharmveer भर्ती जी द्वारा रचित कृति कनुप्रिया का ये चतुर्थ खंड है
इतिहास खंड में 7 कविताएँ हैं।
महाभारत का युद्ध समापन की ओर है।
राधा, आम्र मंजरी से अपनी मांग भरे, उसी अशोक वृक्ष के नीचे खड़ी प्रतीक्षा कर रही है की महाभारत की अवसान बेला में, अपनी अठारह अक्षोहिणी सेनाओं के विनाश के बाद, खिन्न, उदासीन और आहत कृष्ण, अगर वापस आये, तो वो पुनः उन्हें नन्हे बालक सा अपने आँचल में समेट लेगी
सम्पूर्ण रचना राधा के आधार पर चलती है, परन्तु वह प्रश्नों के माध्यम से आधुनिक नारी की मानसिकता को भी व्यक्त करती है
अस्तित्व की समस्या, युद्ध की समस्या को कहीं कहीं व्यंग्य और मानवीकरण के रूप में उठाया गया है इन् कविताओं में
चलिए गाथा पर सुनते हैं कनुप्रिया का तृतीय खंड- सृष्टि संकल्प, पल्लवी की आवाज़ में
मंजरी परिणय – भाग -2
Dr. Dharmveer भर्ती जी द्वारा रचित कृति कनुप्रिया का ये द्वितीय खंड है
मंजरी परिणय में तीन कविताएँ है।
इन कविताओं में, राधा के प्रश्नों का, कनु की व्याकुलता का, निजता के द्वंद का; मन को द्रवित करने वाला बेहद सुंदर चित्रण है।
राधा, कृष्ण के चले जाने के पश्चात, विव्हल हो कर स्मरण करती है कि किस प्रकार आम्र बौर के नीचे खड़े हो, कनु उसकी प्रतीक्षा करते थे, परंतु लोक लाज से बंधी राधा अपने कनु के पास उस क्षण नही पहुंच पाती थी।
कनु का आम्र बौर की मंजरी से राधा संग परिणय कर लेना, राधा का बेचैन हो जाना और अपने कनु के समीप न आ पाने की व्यथा बताना। और आम्र बौर का ठीक ठीक अर्थ न समझ पाने में अपनी असमर्थता दिखाना… फिर कनु से मासूमियत से पूछ लेना… की तुम मेरे कौन हो ?
मंजरी परिणय की कविताएँ प्रेम में पड़ी राधा की आकुलता का सुंदर चित्रण है
चलिए गाथा पर सुनते हैं कनुप्रिया का द्वितीय खंड- मंजरी परिणय, पल्लवी की आवाज़ में
बजट ट्रिप के लिहाज से देश की पांच सबसे खूबसूरत जगहें – संजय शेफर्ड – पल्लवी
बजट ट्रिप के लिहाज से भारत के जैसलमेर से अच्छी कोई जगह हो नहीं सकती ।जैसलमेर एक खूबसूरत शहर है यहां पर दूर-दूर तक फैले रेत के टीले और उनके पीछे सूर्यास्त होता हुआ एक अद्वितीय नजा़रा। आपकी कल्पनाओं से बहुत आगे है ।खुला आसमान, ऊंट की सवारी और बड़े-बड़े किले। तो देर किस बात की सुनिए घुमंतू के साथ, पल्लवी की आवाज़ में, संजय शेफर्ड की डायरी से Budget Friendly destination
प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम, जो मानसरोवर और कैलाश यात्रा के दुर्गम स्थानों को भी सुगम बना देता है। मानसरोवर और कैलाश की यात्रा के लिए उत्तराखंड के अंतिम छोर पिथौरागढ़ से शुरुआत होती है इसीलिए पिथौरागढ़ को मानसरोवर और कैलाश का द्वार कहते हैं । शिव के उपासकों के लिए उनका यह परमधाम है। घुमंतू के साथ आपको यात्रा कराते हैं संजय शेफर्ड द्वारा लिखी गई कवरस्टोरी से पल्लवी गर्ग की आवाज़ में…
प्रकृति प्रेमियों के लिए जो एक ऐसे ऐसे खूबसूरत नज़ारे की तलाश में है जो उनकी आंखों में हमेशा- हमेशा के लिए बस जाएं। तो उन्हें भारत के उत्तराखंड के प्रसिद्ध एक छोटे से पर्यटन स्थल लंढौर को नहीं भूलना चाहिए। अनछुई खूबसूरती जो हिमालय की ऊंची- ऊंची पहाड़ियां, देवदार चीड़ के घने जंगल यहां आने वाले पर्यटकों को खूब लुभाते हैं। यहां की शांति और सादगी का तो अपना ही अलग एक मज़ा है और बहुत कुछ है… जो आप इसके बारे में जानना ही चाहेंगे, तो सुने पल्लवी गर्ग की आवाज़ में…
विशेषतः महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य करने वाले समाज- सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर का जन्म दिवस
ऑपरेशन पवन: श्रीलंका की धरती पर भारतीय सेना का खतरनाक मिशन|इस मिशन के बाद भारतीय सेना ने लिट्टे को काफी हद तक कमज़ोर कर दिया था. 1987 था जब भारतीय शांति सेना ने श्रीलंका में जाफना को लिट्टे के कब्जे से मुक्त कराने के लिए ऑपरेशन पवन शुरू किया था।
21 अक्टूबर 1943 को आजाद हिंद सरकार की स्थापना हुई. आज़ाद हिंद फौज के सर्वोच्च सेनापति की हैसियत से सुभाष चन्द्र बोस ने स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार बनाई.
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Pragati Sharma