महाभारत का युद्ध समाप्त होने के पश्चात अश्वत्थामा, कृपाचार्य वन में भटक रहे थे |अचानक अश्वत्थामा की नज़र एक वटवृक्ष पर पड़ी ,जहां एक उल्लू के द्वारा कौऔं के दल पर कपट करके आक्रमण किया जा रहा था यह देख अश्वत्थामा के मन में कपट पूर्ण युक्ति पांडवों को मारने के लिए आई। आखिर क्या थी वह युक्ति ?उसे जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी,अश्वत्थामा का कपटशिवानी आनंद की आवाज में…
कर्ण और दुर्योधन की मित्रता का उल्लेख महाभारत में मिलता है। कर्ण दुर्योधन के आश्रय में रहता था। दुर्योधन और कर्ण की मित्रता किस प्रकार हुई? दुर्योधन का कर्ण से मित्रता करने के पीछे क्या प्रयोजन रहा और कर्ण ने किस प्रकार अपनी यह मित्रता निभाई |इस पूरे प्रसंग को जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी कर्ण दुर्योधन की मित्रता शिवानी आनंद की आवाज में…
महाभारत की कहानी में से एक कहानी “अश्वत्थामा की प्रतिज्ञा “ ,जिसमें अश्वत्थामा प्रतिज्ञा करते हैं कि जब तक वह धृष्टद्युम्न को नहीं मार लेंगे तब तक वह अपना कवच नहीं उतारेंगे | इस प्रसंग का पूरा वर्णन सुनते हैं, शिवानी आनंद की आवाज में |
कहानी एक जुलाहे की है |जिसे देवता के द्वारा इच्छापूर्ति वरदान मिलने का आशीर्वाद मिलता है किंतु जुलाहा देव से ऐसा वरदान मांग लेता है, जो उसके लिए अभिशाप साबित होता है| आखिर जुलाहे ने ऐसा क्या मांग लिया ?इसे जानने के लिए सुनते हैं पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी दो सिर वाला जुलाहा ,जिसे आवाज दी है शिवानी आनंद ने ….
पखेरू वन में जंगल के राजा मोर द्वारा घोंसला बनाओ प्रतियोगिता आयोजित की जाती है कालू कौवा आलस के कारण जैसे -तैसे एक घोंसला बनाता है जब उसे एहसास होता है कि बाकी पक्षियों के घोंसले उससे कहीं ज्यादा सुंदर है तो वह उन्हें नुकसान पहुंचाने का उपाय सोचता है लेकिन क्या यह उसकी चाल सफल हो पाएगी क्या उसे इस अपराध के लिए दंड मिलेगा माधवी गुप्ता द्वारा लिखी गई कहानी घोसले की कहानी कौवे की जुबानी सुनते हैं नयनी दीक्षित दीक्षित की आवाज में
this story contains the description of a tarbooj (watermelon) and the whole world inside it.
“सूरत को नहीं सीरत को तवज्जो देना सीखें तभी शायद आप असली खूबसूरती का मतलब समझ पाएंगे।
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