Amit and sheela are two children who don’t want to leave their house as their father got transferred from one city to another. The story revolves around their emotional and mental strain while leaving their home, city and friends.
सुबोध अवस्थी का जब ट्रांसफर एक शहर से दूसरे शहर के लिए होता है तो उनके बच्चे शीला और सुमित अपने शहर ,अपने घर ,दोस्तों को छोड़कर नए शहर ,नए घर नहीं जाना चाहते हैं | सबके इमोशंस उस घर से, उस शहर से ,अपने दोस्तों से जुड़े हुए हैं | उनकी कोमल भावनाओं को इस बात से गहरा आघात लगता है कि उन्हें यह सब छोड़ कर यहां से नए शहर को जाना होगा ऐसी स्थिति में सुबोध और राधिका अपने बच्चों को समझाने की बहुत कोशिश करते हैं किंतु कहानी इसी ताने-बाने में उलझी हुई है कि ऐसी स्थिति में बच्चों की क्या मनोदशा होती है ? इस भाव को समझने के लिए सुनते हैं गिरिराजशरण अग्रवाल के द्वारा लिखी गई कहानी तबादला शिवानी आनंद की आवाज में..
एक औरत यह सोचने पर क्यों विवश हो जाती है कि आखिर उसका एक औरत होने के नाते उसका वजूद क्या है ?आज चेतना भी यही सोचने को विवश है जब तक मां-बाप के साथ थी, तब तक उन पर निर्भर थी और आज अपने पति पर निर्भर है। आखिर चेतना ऐसा सोचने के लिए क्यों मज़बूर है ? चेतना के साथ क्या घटित हुआ ?जानिए अलका सैनी के द्वारा लिखी गई कहानी वज़ूद में शिवानी आनंद की आवाज़ में..
सुधा अरोड़ा की एक कहानी में एक औरत के वास्तविक रूप के पारदर्शिता साफ तौर पर झलकती है कि एक स्त्री की संपूर्णता उसके घर तक सीमित क्यों रह जाती है ? क्या वास्तव में एक स्त्री का जीवन सिर्फ अपने घर -परिवार तक ही सीमित होना चाहिए या फिर स्वयं के लिए भी उसे एक हिस्सा रखना चाहिए ? एक स्त्री के इतना सब कुछ करने के बावजूद क्या उसका खुद का कोई अस्तित्व बन पाता है? ऐसे ही प्रश्नों के ताने-बाने में उलझी हुई यह कहानी एक औरत तीन बटा चार सुनते हैं, शिवानी आनंद की आवाज में..
मिस्टर राजगोपाल बैंक के कर्मचारी हैं अपने मां-बाप अपनी पत्नी और अपनी बेटी सुप्रिया के साथ भोपाल के जनकपुरी में रहते हैं |सुप्रिया के घर में डकैती पड़ जाती है इस हादसे से सुप्रिया गुमसुम रहने लगती है| दादा दादी सुप्रिया को अपने साथ गांव ले जाते हैं |आगे क्या होता है जानने के लिए सुनते हैं सुप्रिया और सिंहासन बत्तीसी
द्यूत क्रीड़ा में युधिष्ठिर के द्वारा द्रौपदी को भी दाँव लगाने के पश्चात, हार जाने के पश्चात, दुर्योधन ने अपने अनुज भाई दुशासन से से भरी सभा में द्रोपदी का चीर हरण करने का आदेश दिया |इसके उपरांत क्या हुआ?इस कथा को जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी द्रौपदी चीर हरण ,शिवानी आनंद की आवाज में…
Saguni was a poor little girl, whose dream was to study in a school, Ipsa, another little girl of class five make Saguni’s dream come true.
Saguni was a poor little girl, whose dream was to study in a school, Ipsa, another little girl of class five make Saguni’s dream come true.
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