कहानी की मुख्य नायिका शशिकला है |जिसका विवाह जयगोपाल बाबू से हुआ है |शशिकला अपनी पिता की एकमात्र लाडली लड़की थी |जयगोपाल वास्तव में एक साधारण सी नौकरी करते हैं किंतु भविष्य को लेकर निश्चिंत है यह सोचकर उसके ससुर के पास पर्याप्त चल- अचल संपत्ति है, जो अंत में उसकी ही हो जाएगी| यहां कहानी में एक नया मोड़ आता है शशिकला की वृद्ध पिता के यहां पुत्र का जन्म होता है| जयगोपाल बाबू की सारी आशाएं चकनाचूर हो जाती है| इधर शशि के मां-बाप दोनों की मृत्यु हो जाती है शशि अपने छोटे नाबालिक अनाथ भाई की देखभाल करना चाहती हैं किंतु पति और भाई दोनों के बीच चल रहे अपने मानसिक द्वंद में बुरी तरह से उलझ कर रह जाती है| कहानी में आगे क्या घटित होता है इसे जान ने के लिए सुनते हैं रविंद्र नाथ ठाकुर के द्वारा लिखी गई कहानी अनाथ, जिसे आवाज दी है शिवानी आनंद ने..
कहानी की मुख्य नायिका शशिकला है |जिसका विवाह जयगोपाल बाबू से हुआ है |शशिकला अपनी पिता की एकमात्र लाडली लड़की थी |जयगोपाल वास्तव में एक साधारण सी नौकरी करते हैं किंतु भविष्य को लेकर निश्चिंत है यह सोचकर उसके ससुर के पास पर्याप्त चल- अचल संपत्ति है, जो अंत में उसकी ही हो जाएगी| यहां कहानी में एक नया मोड़ आता है शशिकला की वृद्ध पिता के यहां पुत्र का जन्म होता है| जयगोपाल बाबू की सारी आशाएं चकनाचूर हो जाती है| इधर शशि के मां-बाप दोनों की मृत्यु हो जाती है शशि अपने छोटे नाबालिक अनाथ भाई की देखभाल करना चाहती हैं किंतु पति और भाई दोनों के बीच चल रहे अपने मानसिक द्वंद में बुरी तरह से उलझ कर रह जाती है| कहानी में आगे क्या घटित होता है इसे जान ने के लिए सुनते हैं रविंद्र नाथ ठाकुर के द्वारा लिखी गई कहानी अनाथ, जिसे आवाज दी है शिवानी आनंद ने..
फणिभूषण और मणिमल्लिका के प्रेम, मिलन और विछोह की रहस्यमई कहानी।
Khata” is a story of a girl who in those days got the opportunity of schooling while women’s education was not that very common. The little girl was enthusiastically writing everywhere that was not very much appreciated by his brother as she was messing up his writing notebook. Once she got married she was taunted and prevented from writing by her sister-in-law and her husband who had himself a strong passion for writing. At the end she was forced to stop writing. Her fate was bound to surrender herself to the hostile situation.
विवाह एक ऐसा बंधन है जिसमें बंधकर हर लड़की को अपने प्रियजनों से विदा लेनी पड़ती है। हेम भी इसी बंधन में बंध कर अपने पिता से दूर अपने ससुराल चली आई थी किंतु तब ये किसने जाना था कि यह विदा एक दिन अनंत कालीन विदा बन जाएगी।
यह कहानी एक बेहद शरारती लकड़े पाठक की है| जिसकी शरारतों से तंग हो,उसकी मां उसे मामा के संग भेज देती हैं। शुरुआत में तो पाठक नई जगह जाने के उत्साह में राज़ी हो जाता है लेकिन वहां घर और अपने लोगों से दूरी पाठक के लिए असहनीय हो जाती है और वह घर वापसी के उपाय करता है।
यतीन की मुलाकात चुनिया से उसकी चचेरी बहन पटल के घर पर होती है। अपने मजाकिया स्वभाव के चलते पटल दोनों को खूब छेड़ती है जिससे तंग आकर यतीन तो अपने घर चला आता है पर चुनिया उसका जाना सहन नहीं कर पाती और घर छोड़ कर चली जाती है। काफी समय बाद वह यतीन को फिर मिलती है हमेशा के लिए चले जाने के लिए।
देव शक्ति नाम के राजा के एक पुत्र के पेट में एक साँप चला जाता है और वह उसी के पेट में अपना बिल बना लेता है |जिस कारण राजकुमार का शरीर प्रतिदिन अस्वस्थ होता जा रहा है अब आगे क्या होता है राजकुमार के साथ ?पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी दो सांपों की कथा ,सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में…
राजा विक्रमादित्य अद्भुत कला-पारखी थे। एक आदमी ने अद्भुत कारीगरी का काठ का घोड़ा विक्रमादित्य को महंगे दाम में बेचा | आगे क्या हुआ पूरा जानने के लिए सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में कहानी सिंहासन बत्तीसी-आठवीं पुतली पुष्पवती
यतीन की मुलाकात चुनिया से उसकी चचेरी बहन पटल के घर पर होती है। अपने मजाकिया स्वभाव के चलते पटल दोनों को खूब छेड़ती है जिससे तंग आकर यतीन तो अपने घर चला आता है पर चुनिया उसका जाना सहन नहीं कर पाती और घर छोड़ कर चली जाती है। काफी समय बाद वह यतीन को फिर मिलती है हमेशा के लिए चले जाने के लिए।
परिवर्तन – गाय दी मोपासां – नयनी दीक्षित
एक जवान स्त्री पुरुष का संबंध क्या केवल स्त्री पुरुष के संबंध को ही दर्शाता है या फिर एक जवान स्त्री पुरुष जो लगभग एक ही उम्र के हैं वह अनजाने में मां -बेटे के संबंध में भी बदल सकते हैं। रेल यात्रा कहानी सोसाइटी के स्त्री -पुरुष के संबंध को देखने के नजरिये को चोट करती हुई कहानी है। guy de maupassant द्वारा लिखी कहानी रेल यात्रा में जानिए नयनी दीक्षित की आवाज़ में..
सुबल और सुशील नामक पिता और पुत्र की ऐसी कहानी जिसमे इच्छा पूरी करने वाली देवी उन्हें अदला बदली का वरदान देकर उनकी इच्छा पूरी करती हैं लेकिन इस वरदान से तंग आकर वे पुनः देवी से उन्हें पहले जैसा कर देने की प्रार्थना करते हैं।
दूर से हर चमकने वाली चीज हीरा नहीं होता | ऐसा ही कुछ आकाश को अनुभव हुआ है शहर दिल्ली के बारे | आकाश अपने स्कूल के दिनों से दिल्ली की चकाचौंध से बहुत प्रभावित था | जब आकाश की मुलाकात दिल्ली शहर में अपने बचपन की दोस्त निहारिका से हुई तो उसका यह भ्रम टूट गया |कैसे ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं निधि मिश्रा की आवाज में अभिलाष दत्ता के द्वारा लिखी गई कहानी एक मुलाकात
आज हम बच्चों को उनकी गलतियों के लिए डांटते हैं, मारते भी हैं लेकिन याद कीजिए क्या वही सब गलतियां हमसे कभी ना कभी हो चुकी होती है?ऐसा ही कुछ आज निशिकांत के साथ हो रहा है ,जब उसे एहसास हो रहा है कि जिस बात के लिए वह आज अपनी बेटी को डांट रहा है वह गलती कभी उससे हो चुकी है और उससे पहले उसके पापा से तो यह क्रम क्या ऐसे ही चलता रहेगा .इसे जानने के लिए सुनते हैं विष्णुप्रभाकर द्वारा लिखी गई कहानी यह क्रम, नयनी दीक्षित की आवाज में..
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