यह कहानी जगन्नाथ नाम के एक बेहद कंजूस बूढ़े व्यक्ति की है जिसने थोड़ा सा धन बचाने के लिए अपनी बीवी और बहु का उचित इलाज नहीं करवाया, परिणाम स्वरूप उनकी मृत्यु के बाद उसका बेटा भी उसके पोते गोकुल को लेकर घर से पलायन कर जाता है। अपने कंजूस स्वभाव से ग्रस्त जगन्नाथ अपने पोते गोकुल की मृत्यु का कारण बनता है तथा पागल हो स्वयं भी प्राण त्याग देता है।
चांद कुमारी एक सुंदर युवती है, किंतु उसकी उसकी मां की वजह से उसका विवाह नहीं हो रहा है |अब तेनाली रामा किस तरीके से चांद कुमारी की का विवाह कराते हैं ?इस पूरे प्रसंग को जानने के लिए सुनते हैं तेनाली रामा की कहानियों में से एक कहानी चानन की चमेली शिवानी आनंद की आवाज में..
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