पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने उरी हेड क्वार्टर पर हमला किया जिससे भारत के 19 जवान शहीद हो गए। भारतीय सेना ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए पाक सीमा में जाकर भारतीय जवानों ने आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। इस सर्जिकल स्ट्राइक में आतंकियों के साथ उनकी 6 घंटे तक मुठभेड चली ।भारतीय जवानों ने चारों आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया।
नोबेल के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक डायनामाइट का आविष्कार है.| नाइट्रोग्लिसरीन नामक एक रासायनिक पदार्थ में असीमित विस्फोटक शक्ति होती है. |नोबेल ने नाइट्रोग्लिसरीन की इस ताकत को पहचाना और उससे एक ऐसी खोज की, जिसने मानव इतिहास की दिशा बदल दी|अल्फ्रेड नोबेल शाही स्वीडिश वैज्ञानिक अकादमी के सदस्य भी थे| यही अकादमी अब नोबेल पुरस्कारों के लिए दुनिया भर से योग्य उम्मीदवारों का चयन करती है|
23 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय हिम तेंदुआ दिवस के रूप में मनाया जाता है। 23 अक्टूबर 2013 को, किर्गिस्तान के बिश्केक में हिम तेंदुए के संरक्षण के लिए एक घोषणा को अपनाया गया था। सभी 12 हिम तेंदुओं की रेंज के देशों ने इस संकल्प को अपनाया।
भारतीय नृत्य सम्राट शंभू महाराज का वास्तविक नाम ‘शंभूनाथ मिश्रा’ था। नृत्य के संग ठुमरी गाकर उसके भावों को विभिन्न प्रकार से इस अदा से शंभू महाराज प्रदर्शित करते थे कि दर्शक मुग्ध हुए बिना नहीं रह सकते थे ।शंभू महाराज को 1967 में ‘संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप’ से तथा 1956 में ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया गया था।
लचित बरफूकन का जन्म 24 नवंबर, 1622 को अहोम साम्राज्य के एक अधिकारी सेंग कालुक-मो-साई और माता कुंदी मराम के घर हुआ था। उनका पूरा नाम ‘चाउ लाचित फुकनलुंग’ था। लचित को अहोम साम्राज्य के राजा चक्रध्वज सिंह की शाही घुड़साल के अधीक्षक और महत्वपूर्ण सिमलूगढ़ किले के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया। बहादुर और समझदार लचित जल्दी ही अहोम साम्राज्य के सेनापति बन गए। ‘बरफूकन’ लचित का नाम नहीं, बल्कि उनकी पदवी थी।
9 नवंबर 1953 को कंबोडिया आजाद मुल्क बन गया| लेकिन इसके लोकतंत्र बनने में अभी समय था. सत्ता का केंद्र थे राजा नॉरडम सिहानुक|
SSC Aspirants को इस Mindset के साथ पढ़ना चाहिए📋💯 – Vikrant Rajawat – Josh Talks Hindi
यह विचार 2 अगस्त 2000 में साकार हुआ, जब संसद में झारखंड को अलग राज्य का दर्जा देने का बिल पास हुआ और 2000 में ही 15 नवंबर को झारखंड भारत का 28वां राज्य बनाया गया|
धीरेंद्र अस्थाना की कहानी पतन बोध में, इंसान पूरी दुनिया से झूठ बोल सकता है लेकिन क्या वह अपने आप से झूठ बोल सकता है ?इंसान जब अकेला होता है खासतौर पर मानसिक रूप से अकेला तो वह सारे सच उसके सामने आते हैं जिनसे वह सारी जिंदगी बचता रहा है लेकिन यही सच क्या कभी-कभी उसके पतन का कारण बनते हैं या नहीं ?
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