“हिंदुस्तानी अफ़सर – “”आप मुझे कोई और बंगला अलॉट कर दीजिए। वहाँ मेरी जान को खतरा है। कोई साया और आवाज़ जैसे मेरा पीछा कर रहे हैं।””
स्टेट अफ़सर – “”तुम्हें किसी बात का भ्रम हुआ होगा। कोई भूत-वूत नहीं होते। मैं इसकी जांच कराता हूँ।””
जांचकर्ता – “”अरे देखो! बाथरूम की खुदाई करने पर एक मानव कंकाल मिला है।””
शिमला के कैथो बंगले पर जो कोई भी रहने जाता, एक साया और एक आवाज़ उसका पीछा करती रहती। बंगले के बाथरूम में जब खुदाई हुई तो एक मानव कंकाल भी मिला। यह सब क्या था? यह कंकाल किसका था? क्या वाकई उस बंगले में किसी आत्मा का साया है? और आखिर वह आत्मा क्या कहना चाह रही है?
इस रहस्यमयी घटना के पीछे की सच्चाई क्या है? जानिए सत्य घटना पर आधारित डिप्टी कमिश्नर किंग के द्वारा लिखी गई कहानी ‘शिमला का बंगला’ में। आज ही सुनें शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।”
“हिंदुस्तानी अफ़सर – “”आप मुझे कोई और बंगला अलॉट कर दीजिए। वहाँ मेरी जान को खतरा है। कोई साया और आवाज़ जैसे मेरा पीछा कर रहे हैं।””
स्टेट अफ़सर – “”तुम्हें किसी बात का भ्रम हुआ होगा। कोई भूत-वूत नहीं होते। मैं इसकी जांच कराता हूँ।””
जांचकर्ता – “”अरे देखो! बाथरूम की खुदाई करने पर एक मानव कंकाल मिला है।””
शिमला के कैथो बंगले पर जो कोई भी रहने जाता, एक साया और एक आवाज़ उसका पीछा करती रहती। बंगले के बाथरूम में जब खुदाई हुई तो एक मानव कंकाल भी मिला। यह सब क्या था? यह कंकाल किसका था? क्या वाकई उस बंगले में किसी आत्मा का साया है? और आखिर वह आत्मा क्या कहना चाह रही है?
इस रहस्यमयी घटना के पीछे की सच्चाई क्या है? जानिए सत्य घटना पर आधारित डिप्टी कमिश्नर किंग के द्वारा लिखी गई कहानी ‘शिमला का बंगला’ में। आज ही सुनें शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।”
“हिंदुस्तानी अफ़सर – “”आप मुझे कोई और बंगला अलॉट कर दीजिए। वहाँ मेरी जान को खतरा है। कोई साया और आवाज़ जैसे मेरा पीछा कर रहे हैं।””
स्टेट अफ़सर – “”तुम्हें किसी बात का भ्रम हुआ होगा। कोई भूत-वूत नहीं होते। मैं इसकी जांच कराता हूँ।””
जांचकर्ता – “”अरे देखो! बाथरूम की खुदाई करने पर एक मानव कंकाल मिला है।””
शिमला के कैथो बंगले पर जो कोई भी रहने जाता, एक साया और एक आवाज़ उसका पीछा करती रहती। बंगले के बाथरूम में जब खुदाई हुई तो एक मानव कंकाल भी मिला। यह सब क्या था? यह कंकाल किसका था? क्या वाकई उस बंगले में किसी आत्मा का साया है? और आखिर वह आत्मा क्या कहना चाह रही है?
इस रहस्यमयी घटना के पीछे की सच्चाई क्या है? जानिए सत्य घटना पर आधारित डिप्टी कमिश्नर किंग के द्वारा लिखी गई कहानी ‘शिमला का बंगला’ में। आज ही सुनें शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।”
“हिंदुस्तानी अफ़सर – “”आप मुझे कोई और बंगला अलॉट कर दीजिए। वहाँ मेरी जान को खतरा है। कोई साया और आवाज़ जैसे मेरा पीछा कर रहे हैं।””
स्टेट अफ़सर – “”तुम्हें किसी बात का भ्रम हुआ होगा। कोई भूत-वूत नहीं होते। मैं इसकी जांच कराता हूँ।””
जांचकर्ता – “”अरे देखो! बाथरूम की खुदाई करने पर एक मानव कंकाल मिला है।””
शिमला के कैथो बंगले पर जो कोई भी रहने जाता, एक साया और एक आवाज़ उसका पीछा करती रहती। बंगले के बाथरूम में जब खुदाई हुई तो एक मानव कंकाल भी मिला। यह सब क्या था? यह कंकाल किसका था? क्या वाकई उस बंगले में किसी आत्मा का साया है? और आखिर वह आत्मा क्या कहना चाह रही है?
इस रहस्यमयी घटना के पीछे की सच्चाई क्या है? जानिए सत्य घटना पर आधारित डिप्टी कमिश्नर किंग के द्वारा लिखी गई कहानी ‘शिमला का बंगला’ में। आज ही सुनें शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।”
“हिंदुस्तानी अफ़सर – “”आप मुझे कोई और बंगला अलॉट कर दीजिए। वहाँ मेरी जान को खतरा है। कोई साया और आवाज़ जैसे मेरा पीछा कर रहे हैं।””
स्टेट अफ़सर – “”तुम्हें किसी बात का भ्रम हुआ होगा। कोई भूत-वूत नहीं होते। मैं इसकी जांच कराता हूँ।””
जांचकर्ता – “”अरे देखो! बाथरूम की खुदाई करने पर एक मानव कंकाल मिला है।””
शिमला के कैथो बंगले पर जो कोई भी रहने जाता, एक साया और एक आवाज़ उसका पीछा करती रहती। बंगले के बाथरूम में जब खुदाई हुई तो एक मानव कंकाल भी मिला। यह सब क्या था? यह कंकाल किसका था? क्या वाकई उस बंगले में किसी आत्मा का साया है? और आखिर वह आत्मा क्या कहना चाह रही है?
इस रहस्यमयी घटना के पीछे की सच्चाई क्या है? जानिए सत्य घटना पर आधारित डिप्टी कमिश्नर किंग के द्वारा लिखी गई कहानी ‘शिमला का बंगला’ में। आज ही सुनें शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।”
“सरकारी वकील: जज साहब, कार्ल बोल्ट ही अपनी पत्नी का असली कातिल है। जिंक और बोल्ट के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ और बोल्ट ने गुस्से में आकर अपनी पत्नी का कत्ल कर दिया।
कार्ल बोल्ट: जज साहब, मैं बेकसूर हूं।
युवक: जज साहब, मैं कार्ल बोल्ट के घर गया था। वह टीवी पर मूवी देखते-देखते सो गया था। वह कैसे कर सकता है अपनी पत्नी का कत्ल?
वह युवक झूठी गवाही देकर अपनी एक्स वाइफ के प्रेमी कार्ल बोल्ट को कत्ल के इल्जाम से क्यों बचाना चाह रहा है? इसके पीछे उस युवक का क्या मकसद हो सकता है? सुनिए बेहद दिलचस्प कहानी “”कत्ल का गवाह””, शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।
“हिंदुस्तानी अफ़सर – “”आप मुझे कोई और बंगला अलॉट कर दीजिए। वहाँ मेरी जान को खतरा है। कोई साया और आवाज़ जैसे मेरा पीछा कर रहे हैं।””
स्टेट अफ़सर – “”तुम्हें किसी बात का भ्रम हुआ होगा। कोई भूत-वूत नहीं होते। मैं इसकी जांच कराता हूँ।””
जांचकर्ता – “”अरे देखो! बाथरूम की खुदाई करने पर एक मानव कंकाल मिला है।””
शिमला के कैथो बंगले पर जो कोई भी रहने जाता, एक साया और एक आवाज़ उसका पीछा करती रहती। बंगले के बाथरूम में जब खुदाई हुई तो एक मानव कंकाल भी मिला। यह सब क्या था? यह कंकाल किसका था? क्या वाकई उस बंगले में किसी आत्मा का साया है? और आखिर वह आत्मा क्या कहना चाह रही है?
इस रहस्यमयी घटना के पीछे की सच्चाई क्या है? जानिए सत्य घटना पर आधारित डिप्टी कमिश्नर किंग के द्वारा लिखी गई कहानी ‘शिमला का बंगला’ में। आज ही सुनें शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।”
मेला – ममता कालिया – शैफाली कपूर
कहानी में प्रयागराज में लगे कुंभ मेले का दृश्य है जहां दूर-दूर से लाखों की संख्या में लोग अपने पाप को धोने के लिए संगम में डुबकी लगाने आते हैं। क्या मात्र डुबकी लगाकर पाप से मुक्त हुआ जा सकता है ?क्या वास्तव में अध्यात्म को भी एक पेशे की दृष्टि से अपनाया जाता है? आस्था ,परंपरा इन सब बातों का अद्भुत संगम है इस कहानी में। इसी बात को रोचक ढंग से आधार बनाकर ममता कालिया ने कहानी मेला का ताना-बाना बुना है,जिसे शेफ़ाली कपूर ने उतने ही अनोखे अंदाज़ से अपनी आवाज़ से निखारा है।
भारत वर्ष को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए हर वर्ग के लोगों—बच्चे, बूढ़े और जवान—ने आजादी के संघर्ष में अपना अमूल्य योगदान दिया। इन महान स्वतंत्रता सेनानियों ने जेल की यातनाएं सहीं, अत्याचार झेले, लेकिन अपने संकल्प को टूटने नहीं दिया।
सोचिए, कितना रोमांचकारी और प्रेरणादायक होगा यदि हम इन अनुभवों को उन्हीं की जुबानी सुनें। ऐसा ही एक अमूल्य दस्तावेज है स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय जगदीश प्रसाद राजवंशी जी की किताब हवालात, राजवंशी जी जो मात्र 25 वर्ष की आयु में जेल गए और लखनऊ जेल से ही जेल में बिताए अपने अनुभवों को समेटकर यह पुस्तक लिखी। यह पुस्तक न केवल उनके संघर्षों की गाथा है, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की जीवंत झलक भी प्रस्तुत करती है।
भारत वर्ष को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए हर वर्ग के लोगों—बच्चे, बूढ़े और जवान—ने आजादी के संघर्ष में अपना अमूल्य योगदान दिया। इन महान स्वतंत्रता सेनानियों ने जेल की यातनाएं सहीं, अत्याचार झेले, लेकिन अपने संकल्प को टूटने नहीं दिया।
सोचिए, कितना रोमांचकारी और प्रेरणादायक होगा यदि हम इन अनुभवों को उन्हीं की जुबानी सुनें। ऐसा ही एक अमूल्य दस्तावेज है स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय जगदीश प्रसाद राजवंशी जी की किताब हवालात, राजवंशी जी जो मात्र 25 वर्ष की आयु में जेल गए और लखनऊ जेल से ही जेल में बिताए अपने अनुभवों को समेटकर यह पुस्तक लिखी। यह पुस्तक न केवल उनके संघर्षों की गाथा है, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की जीवंत झलक भी प्रस्तुत करती है।
नकली नाक – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
इब्ने सफ़ी अपने जानदार जासूसी उपन्यासों के लिए जाने जाते हैं । जिसमें बहुत सारी कल्पना और जानकारियाँ शामिल होती है। नकली नाक कहानी का मुख्य किरदार जैसे जाबिर एक चालबाज बूढ़ा है जाबिर बेहद पेचीदा श़ख्स है जिसे किसी भी किस्म का इंसानी ज़ज्बा छू भी नहीं पाता और वह आखिर में फ़रीदी जैसे होशियार डिटेक्टिव को भी चकमा देकर हर बार निकल जाता है ।क्या अंत में जाबिर पकड़ा जायेगा ?मगर कैसे? जासूसी कथा नकली नाक मेंजानिए नयनी दीक्षित की आवाज. में…
शिकागो शहर में ग़रीब एंटोनी चौकीदारी का काम करता है रात के करीब 11:30 बजे एक कार से 3आदमी कार से उतरते हुए देखता है |उनमें से दो आदमी तीसरे आदमी का मर्डर कर देते हैं | एंटोनी यह सब देख लेता है और अंत में अपने एक डिटेक्टिव दोस्त एंथनी को सब बताता है | रोमांच और सस्पेंस से भरी कहानी शिकागो की एक रात में जा जान सकेंगे इसके पीछे की इस उलझी पहेली को
“हिंदुस्तानी अफ़सर – “”आप मुझे कोई और बंगला अलॉट कर दीजिए। वहाँ मेरी जान को खतरा है। कोई साया और आवाज़ जैसे मेरा पीछा कर रहे हैं।””
स्टेट अफ़सर – “”तुम्हें किसी बात का भ्रम हुआ होगा। कोई भूत-वूत नहीं होते। मैं इसकी जांच कराता हूँ।””
जांचकर्ता – “”अरे देखो! बाथरूम की खुदाई करने पर एक मानव कंकाल मिला है।””
शिमला के कैथो बंगले पर जो कोई भी रहने जाता, एक साया और एक आवाज़ उसका पीछा करती रहती। बंगले के बाथरूम में जब खुदाई हुई तो एक मानव कंकाल भी मिला। यह सब क्या था? यह कंकाल किसका था? क्या वाकई उस बंगले में किसी आत्मा का साया है? और आखिर वह आत्मा क्या कहना चाह रही है?
इस रहस्यमयी घटना के पीछे की सच्चाई क्या है? जानिए सत्य घटना पर आधारित डिप्टी कमिश्नर किंग के द्वारा लिखी गई कहानी ‘शिमला का बंगला’ में। आज ही सुनें शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।”
कहानी में 60 साल के एक हीरे के व्यापारी धनपाल जी का उन्हीं की हवेली में हत्या हो जाती है |परिवार में उनकी पहली पत्नी की बेटी नमिता,उनके भाई का बेटा घनश्याम और उनकी दूसरी पत्नी सोनिया रहते हैं | हत्या के रहस्य से उलझा यह केस प्राइवेट डिटेक्टिव अविनाश के पास आता है |किस प्रकार अविनाश इस हत्या के इस रहस्य को सुलझा पाता है? कौन है धनपाल जी का हत्यारा? अमित कुमार पांडे द्वारा लिखी सस्पेंस से भरी कहानी हत्या हवेली, में जानते हैं अमित तिवारी की आवाज में
“हिंदुस्तानी अफ़सर – “”आप मुझे कोई और बंगला अलॉट कर दीजिए। वहाँ मेरी जान को खतरा है। कोई साया और आवाज़ जैसे मेरा पीछा कर रहे हैं।””
स्टेट अफ़सर – “”तुम्हें किसी बात का भ्रम हुआ होगा। कोई भूत-वूत नहीं होते। मैं इसकी जांच कराता हूँ।””
जांचकर्ता – “”अरे देखो! बाथरूम की खुदाई करने पर एक मानव कंकाल मिला है।””
शिमला के कैथो बंगले पर जो कोई भी रहने जाता, एक साया और एक आवाज़ उसका पीछा करती रहती। बंगले के बाथरूम में जब खुदाई हुई तो एक मानव कंकाल भी मिला। यह सब क्या था? यह कंकाल किसका था? क्या वाकई उस बंगले में किसी आत्मा का साया है? और आखिर वह आत्मा क्या कहना चाह रही है?
इस रहस्यमयी घटना के पीछे की सच्चाई क्या है? जानिए सत्य घटना पर आधारित डिप्टी कमिश्नर किंग के द्वारा लिखी गई कहानी ‘शिमला का बंगला’ में। आज ही सुनें शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।”
Reviews for: Shimla Ka Bangla – Part 4