दर्वेश जी केअल्फ़ाज़ों ने मानवीय एहसासों को बेहद खूबसूरती से पिरोया है जिसे आवाज दी है नयनी दीक्षित ने
चतुर्थ सर्ग – महादान
चतुर्थ सर्ग में देवराज इंद्र ब्राह्मण वेश में प्रातः काल सूर्योपासना के समय कर्ण के पास आते हैं और कर्ण से कवच और कुंडल दान में मांगते हैं। संकल्पबद्ध कर्ण उन्हें अपने कवच और कुंडल दान करते हैं। कर्ण के व्रत को देख देवराज इंद्र कर्ण को महादानी, पवित्र और सुधि जबकि अपने आप को प्रवंचक, कुटिल और पापी जैसी संज्ञाएँ देते हैं। ग्लानि में आकंठ डूबे देवराज इन्द्र कर्ण को एकघ्नी शक्ति वरदान में प्रदान करते हैं।
‘दानवीर! जय हो, महिमा का गान सभी जन गाये,
देव और नर, दोनों ही, तेरा चरित्र अपनाये.’
दे अमोघ शर-दान सिधारे देवराज अम्बर को,
व्रत का अंतिम मूल्य चुका कर गया कर्ण निज घर को।
रक्त मंडल के 9 भाग में आपने सुना कि किस तरह गोपाल शंकर ने नगेंद्र नरसिंह के आदमियों की आंखों में धूल झोंक दी और मृत्यु किरण के बक्से को बदल दिया? साथ ही उनके पीछे अपने खास नौकर मुरारी को भी लगा दिया। मगर नगेंद्र नरसिंह ने अभी तक हार नहीं मानी और मृत्यु किरण किरण के बक्से के पीछे लगा रहा। आगे का हाल जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल भाग10 नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
कहानी जीवन की उस सत्यता से परिचय कराती है कि इंसान तभी अपनों की अहमियत का एहसास करता है, जब वह व्यक्ति उसके पास नहीं होता | कहानी में 62 वर्ष के राजीव निगम को जब सुबह यह पता चलता है कि उसकी पत्नी आरती रात में उसे और घर को छोड़कर कहीं चली गई है | तब राजीव निगम एहसास करता है कि आखिर 40 वर्ष साथ गुजारने के बाद, इस उम्र में आरती को यह कठोर फैसला क्यों लेना पड़ा होगा |धीरेंद्र अस्थाना की बेहद रोचक और दिल को छू लेने वाली कहानी है ‘पराधीन ‘,सुनते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में…
फरीदी और लियोनार्ड – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
इब्ने सफ़ी की कहानी फ़रीदी और लियोनार्ड में लियोनार्ड एक बेहद चलाक लेकिन बेहद घटिया किस्म का ब्लैकमेलर है ।जो ब्लैक मेलिंग तक ही नहीं रुकता बल्कि क़त्ल और दूसरे और हथकंडे अपनाने पर भी उतर आता है। कहानी में लियोनार्ड कौन-कौन से हथकंडे आज़माता हैं?फ़रीदी किस प्रकार उसको अपनी गिरफ्त में लेता है ?इस बेहद सनसनीख़ेज़ कहानी को आवाज़ दी है नयनी दीक्षित ने..
रक्त मंडल के भाग 8 में सुना कि पंडित गोपाल शंकर बूढ़े का भेष बनाकर किले के अंदर से जरूरी सामान जैसे ज़हाज ,बेतार के तार के यंत्र सब कुछ जरूरी सामान लेकर चकमा हो जाता है ।इधर नगेंद्र रक्त मंडल गिरोह के सेनापति के रूप में नियुक्त किया जाता है। और वह युद्ध की तैयारियों में लग जाता है। वापस आने के बाद गोपाल शंकर जी की मुलाकात वाहिद अली खान और मैकडॉनल्स सलाइस् से हुई जो उस प्रांत के लाड साहब है। मृत्यु किरण देखने और जानने के बाद गोपाल शंकर और मैकडॉनल्ड में क्या बातचीत हुई इसे पूरा जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल भाग 9 नयनी दीक्षित की आवाज़ में..
अपना पूरा जीवन भारत की स्वतंत्रता के लिए समर्पित करने वाले लाला हर दयाल माथुर एक प्रसिद्ध भारतीय क्रांतिकारी थे ।उन्होंने प्रसिद्ध क्रांतिकारी ‘ग़दर पाटी’ का गठन किया। देशभक्ति के साथ साहित्य के क्षेत्र में उनका अहम योगदान रहा। बौद्ध संस्कृति साहित्य पर उनको ‘डॉक्टरेट’ की उपाधि से सम्मानित भी किया गया।
हमारे अंदर ईश्वर होता है अतः अपनी शक्ति पर पूर्ण विश्वास कर हम किसी भी परिस्थिति से निपट सकते हैं इस सत्य भावना को सजग करती हुई अनुपम ध्यानी की यह पंक्तियां…
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Pragati Sharma