गंगू एक ब्राह्मण युवक है |वह अपने मालिक के यहां काम करता है |गंगू जब एक विधवा स्त्री से विवाह करने का निर्णय लेता है तो मैं अपने मालिक के यहां से काम छोड़ देता है |उसका मालिक गंगू के इस निर्णय से अप्रसन्न है |क्या वास्तव में गंगू का यह निर्णय उचित है ? पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद द्वारा लिखी गई कहानी बालक सुमन वैद्य जी की आवाज में
अलग-अलग जाति से संबंध रखने वाले एक ऐसे प्रेमी युगल की कहानी जो एक दूसरे से प्रेम करते हैं विवाह भी करना चाहते हैं किन्तु सामाजिक बाधाओं के डर से डर कर कायरों की भांति पीछे हट जाते हैं
सुभागी तुलसी महतो और लक्ष्मी की बेटी है जब वह मात्र 11 वर्ष की थी तब से वह विधवा है| सुभागी बेहद मेहनती और संस्कारी लड़की है |तुलसी महतो का पुत्र रामू आलसी और कामचोर है | रामू पिता से बटवारा करवा लेता है | सुभागी अपने मां-बाप की जिम्मेदारी लेती है |मां- बाप के मरने के बाद उसके जीवन में क्या बदलाव आता है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद जी के द्वारा लिखी गई कहानी सुभागी भूपेश पांड्या की आवाज में
शराब एक जहर है जो इंसान को हैवान बना देती है। गांधी जी ने समस्त भारतवासियों से अपील की थी कि जो लोग शराब पीते हैं , वह शराब पीना छोड़ दें ।कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता, जय राम और मिसेज़ सक्सेना, दोनों ही इस कार्य को करने के इच्छुक होते हैं। बारी-बारी से दोनों को यह कार्य सौंपा जाता है। कौन सा फल होता है और कौन विफल ,इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।
कहानी में चौबे जी ने पुत्री की चाहत में अपनी पत्नी मंगला की सौतेली मां की बेटी बिन्नी को अपने घर में संरक्षण दिया और उसे पुत्री के समान स्नेह भी किया। कहानी में स्तब्ध कर देने मोड तब आता है जब चौबे जी की पत्नी मंगला की मृत्यु हो जाती है चौबे जी अधेड़ उम्र के हो चुके हैं और बिन्नी एक युवती बन चुकी है। पूरे जीवन जिसे चौबे जी ने पुत्री समान स्नेह दिया आज उनका चित्त बिन्नी को लेकर भ्रमित है और वह पुत्री मान चुके बिन्नी को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करने जा रहे हैं।किंतु क्या यह मर्यादा के अनुकूल है? कहानी कई दिलचस्प मोड़ से गुज़रती हुई बेहद रोचक है ।मुंशी प्रेमचंद जी की कहानी भूत आज ही सुनिए सिर्फ़ गाथा पर..
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