पोस्टमास्टर साहब के तबादले के लिए संघर्ष और उनके चले जाने की बात सुनकर अधीर हो उठी उनकी सेविका रतन की कहानी।
यह कहानी एक बेहद शरारती लकड़े पाठक की है| जिसकी शरारतों से तंग हो,उसकी मां उसे मामा के संग भेज देती हैं। शुरुआत में तो पाठक नई जगह जाने के उत्साह में राज़ी हो जाता है लेकिन वहां घर और अपने लोगों से दूरी पाठक के लिए असहनीय हो जाती है और वह घर वापसी के उपाय करता है।
One day ‘pyari’ who was working as servant in Girish Mathur’s house, who was surrogate to landlord, escaped herself from his bad eye and took the shelter in old and respected Hariharan’s house in same village. Girish asked him to send her back but Ha
पाषाणी मृगमयी नाम की एक लड़की की कहानी है, जिससे अपूर्व नाम के लड़के को प्रेम होता है तथा वह उससे विवाह भी करता है। किंतु मृगमयी की प्रकृति से बचपना है की जाने का नाम नहीं लेता। परिस्थितियां विपरीत तब होती हैं जब अपूर्व कई वर्षो के लिए कलकत्ता चला जाता है और लौट कर नहीं आता…
यतीन की मुलाकात चुनिया से उसकी चचेरी बहन पटल के घर पर होती है। अपने मजाकिया स्वभाव के चलते पटल दोनों को खूब छेड़ती है जिससे तंग आकर यतीन तो अपने घर चला आता है पर चुनिया उसका जाना सहन नहीं कर पाती और घर छोड़ कर चली जाती है। काफी समय बाद वह यतीन को फिर मिलती है हमेशा के लिए चले जाने के लिए।
एकाएक उनका मन हुआ कि वह भी सामने वाले पार्क में जाकर धूप का मज़ा ले लें। लेकिन उन्होंने अपने इस विचार को तुरंत झटक दिया। अपने मातहतों के बीच जाकर बैठेंगे। नीचे घास पर! इतना बड़ा अफ़सर और अपने मातहतों के बीच घास पर बैठे!ऑफिस का एक कर्मचारी किस प्रकार कई वर्षों के बाद धूप की सुखानुभूति करता है जानते हैं कहानी धूप में
उर्वशी एक आधुनिक लड़की है जो होशियार होने के साथ ही जीवन में कुछ कर दिखाने की चाहत रखती है। प्रेम विवाह कर पति से उपेक्षित होने के बाद भी उसने हिम्मत न हारते हुए अपनी जिंदगी में कुछ कर दिखाने की चाहत को पूरा करने का प्रयास किया जिसमें उसकी खूबसूरती ही उसके लिए सबसे बड़ी बाधा बन गई। उसकी जिंदगी एक कटी पतंग की तरह झूलने लगी।
काचू एक बेहद भला और ईमानदार व्यक्ति है। वो कभी किसी का बुरा या किसी के साथ गलत नही कर सकता, इसलिए अपनी टोपी चोर द्वारा ली जाने पर जब वह चुपके से उसे वापस ले लेता है तो अपराध बोध से ग्रसित हो खुद ही जेल चला जाता है और वहां इंस्पेक्टर से कहता है कि उसे सजा दी जाए।
कहानी की नायिका निरुपमा पांच भाइयों में इकलौती बहन है। पिता रामसुन्दर ने उसका विवाह एक बड़े खानदान में तय किया किंतु ससुराल पक्ष के द्वारा जो दहेज़ की मांग की गई थी वह राम सुंदर जी पूरी नहीं कर पाए ।ऐसे में क्या निरुपमा का विवाह हो पाता है? क्या निरुपमा भी दहेज़ की भेंट चढ़ जाती है? या निरुपमा इस संदर्भ में कोई ठोस कदम उठाती है? बेहद भावुक कर देने वाली रविंद्र नाथ टैगोर जी की कहानी दहेज़ में जानते हैं उतने ही भावुक अंदाज में शिवानी आनंद के द्वारा..
अनिकेत – Malti Joshi (मालती जोशी) – Arti Srivastava
माँ की मृत्यु के बाद वीरेश और विशाखा ने जिया में ही अपनी माँ को देखा । लेकिन नई बहू उसे सास के रूप में स्वीकार नहीं कर सकी । वह जिया को साथ रखना नहीं चाहती थी । पिता की मृत्यु के बाद वीरेश को जिया की चिंता सताने लगी क्योंकि वह सच्चाई से अनभिज्ञ नहीं था । ऐसी क्या सच्चाई थी जिसकी वजह से वीरेश को जिया की इतनी चिंता थी ? वह जिया के लिए इतना बेचैन क्यों था?
द्रौपदी के सत्य, तेज और सतीत्व के आगे निस्तेज हो मदान्ध दुर्योधन, दु:शासन, आदि को द्रौपदी पुनः ललकारती हुई कहती है तुम्हारे भरसक प्रयास करने के बावजूद तुम मेरा बाल बांका भी ना कर सके क्योंकि तुम सब अधर्म अधर्म और छल कर रहे हो और तुम्हारे द्वारा किए गए अधर्म के लिए तुम्हें भविष्य में कभी क्षमा नहीं मिलेगी|
हेमंत और सुधा 3 वर्ष के वैवाहिक जिंदगी के बाद एक दूसरे से अलग होने का निर्णय ले रहे हैं| उनकी वैवाहिक जिंदगी में तलाक लेने की नौबत क्यों आ रही है ?यह निर्णय उनकी जिंदगी में क्या प्रभाव डालता है ? उनकी जिंदगी को समझने के लिए सुनते हैं अज्ञेय जी के द्वारा लिखी गई कहानी वे दूसरे ‘सुमन वैद्य जी की आवाज में…
नानक चंद जी धर्मनिष्ठ, दिल के मजबूत आदमी वाले महाजन है |उनके पास एक धमकी भरा पत्र आता है |जिसमें उनसे ₹25000 की मांग की गई है| नानक चंद जी इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं और उनका क्या होता है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद जी के द्वारा लिखी गई कहानी खुदाई फौजदार ,सुमन वैद्य जी की आवाज में
देश और काल का फैलाव वहीं सबसे अधिक होता है जहाँ उनका महत्त्व सबसे कम होता है -जब-जब जीवन में तनाव आता है और सारी प्राणशक्ति एक केन्द्र या बिन्दु में संचित होने लगती है, तब-तब देश-काल भी उसी अनुपात में सिमट आते हैं… देवकान्त नाव खे रहा है, उसके सामने, आगे-पीछे कहीं, उस क्षण के सिवा कुछ नहीं है जिसमें वह है और नाव खे रहा और मोहन की बड़ी-बड़ी काली आँखों की ओर जा रहा है – मोहन जो एक हिरन का छौना है जिसे नीलिमा ने उसे दिया था – किन्तु फिर भी उस क्षण में ही कई देश-काल संचित हो आये हैं – वह एक साथ ही कई स्थानों, कई कालों में जी रहा है, कई घटनाओं का घटक है…
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