अकबर के सवालों के सटीक जवाब बीरबल के पास होते थे। आईये जानते हैं इन दोनों का ऐसा ही एक रोचक किस्सा, जिसमें अकबर ने बीरबल से ईश्वर से जुड़े तीन प्रश्न पूछे थे। मोनीषा मुकुंदन की अकबर बीरबल की कहानियां,अंजू जेटली की आवाज में
एक दिन एक कवि किसी धनी आदमी से मिलने गया और उसे कई सुंदर कविताएं इस उम्मीद के साथ सुनाईं कि शायद वह धनवान खुश होकर कुछ ईनाम जरूर देगा। किंतु धनवान व्यक्ति किस प्रकार उस कवि का हृदय तोड़ता है और फिर बीरबल किस प्रकार धनवान व्यक्ति को इस बात के लिए सबक सिखाते हैं, पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं कहानी कवि और धनवान आदमी ,अंजू जेटली की आवाज में
दुनिया में आखिर सबसे बड़ी चीज क्या है? किस प्रकार बीरबल ने अपने उत्तर से बादशाह अकबर को संतुष्ट किया |पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं अंजू जेटली की आवाज …
ठाकुर रणबीर सिंह आज मृत शैय्या पर है।कौशल्या को ठाकुर की पत्नी का दर्जा नहीं मिला है किंतु वो उनके पुत्रों की माँ हैं।आज जब ठाकुर को मुखाग्नि देना हैतब क्या होगा ?क्या उसका पुत्र ठाकुर का उत्तराधिकारी बनेगा?
कहानी में नायक नेपाल के पोखरा अपने पूरे परिवार के साथ घूमने के उद्देश्य से जाता है |नायक किस प्रकार किस प्रकार पोखरा पहुंचता है? और वहां जाकर क्या होता है ? यात्रा वर्णन सुनते हैं अंजू जेटली की आवाज में
अनजान,अजीब सी लडकी …जो अक्सर लाल स्कार्फ बांधे रहती…..कभी कभी काला भी… लड़की जब घरौंदे बनाती तो लाल स्कार्फ पहनती और जब उनको मिटाती तो काला आखिर क्या राज है इसके पीछे ?जानने के लिए सुनते हैं कहानी लाल स्कार्फ वाली लड़की ,अंजू जेटली की आवाज में
कहानी पाश्चात्य सभ्यता लिवइन रिलेशनशिप आधारित है |प्रतिमा बिना शादी के प्रणव के साथ रह रही है वह उसके बच्चे की मां बनने जा रही है| उसके अनुसार स्वतंत्रता, अस्तित्व, वजूद, पसंद, सब शादी के साथ मिटने लगते है| किन्तु क्या उसे एहसास हो पायेगा कि सारे रिश्ते रस्मों के मोहताज होतें हैं |
याज्ञवल्क्य नाम के मुनि ने एक एक चुहिया उसे कन्या का रुप दे दिया, और अपने आश्रम में ले आये |अपनी ही लड़की की तरह उसका लालन-पालन किया | कन्या विवाह का समय आया ,तब कन्या ने किसको वर के रूप में चुना ?इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं पंचतंत्र की कहानी चुहिया का स्वयंवर, शिवानी आनंद की आवाज में…
बेताल, विक्रमादित्य से पूछता है कि यदि मां और पुत्री में अगर एक ऐसा रिश्ता बन जाए कि पुत्री अपनी मां की ही सास बन जाए और मां ,अपनी पुत्री की बहू.. तो बताओ राजन् कि माँ-बेटी के जो बच्चे हुए, उनका आपस में क्या रिश्ता हुआ ?क्या विक्रमादित्य बेताल के इस प्रश्न का उत्तर दे पाते हैं ,इसे जानने के लिए सुनते हैं बेताल पच्चीसी की कहानियों में से एक कहानी मां -बेटी के बच्चों में क्या रिश्ता हुआ?, शिवानी आनंद की आवाज में..
Reviews for: Murkh ke samne chup rehna hi shresth hai (मूर्ख के सामने चुप रहना ही श्रेष्ठ है।)