एक बार युधिष्ठिर नामक कुम्हार के माथे में में घड़े की नोक से चोट लग जाती है |घाव इतना गहरा होता है कि ठीक होने के बाद भी उसका निशान नहीं जाता है | वहां का राजा कुम्हार के सिर पर चोट का निशान देखकर उसे एक वीर पुरुष समझकर अपने यहां सैनिक के रूप में भर्ती कर लेता है |कहानी में आगे क्या होता है?इसे जानने के लिए सुनते हैं पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी कुम्हार की कहानी, शिवानी आनंद की आवाज में…
विक्रमादित्य के द्वारा मृग के रूप में श्रापित राजकुमार को मृग रूप से मुक्ति दिला कर, पुनः राजकुमार को उसका राज्य वापस दिलाने की एक रोचक घटना है| जिसे सुनते हैं सिंहासन बत्तीसी की कहानियों में से एक कहानी तीसवीं पुतली जयलक्ष्मी मृग रूप से मुक्ति, शिवानी आनंद की आवाज में..
जब पांडु पुत्रों पांडव पांडवों और कौरवों की शिक्षा पूर्ण हुई तो गुरु द्रोणाचार्य ने गुरु दक्षिणा के रूप में उनसे पंचाल नरेश के द्वारा उनके अपमान का बदला लेने का आदेश दिया| पंचाल नरेश के यहां द्रौपदी और धृष्टद्युम्न का जन्म किस उद्देश्य से हुआ इसके पीछे महाभारत की एक रोचक कथा शामिल है? जिसे जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी द्रौपदी और धृष्टद्युम्न की जन्म की कथा शिवानी आनंद की आवाज में…
एक युवक एक राजकुमारी से प्रेम करता है और विवाह करना चाहता है किंतु राजकुमारी का विवाह उसी से हो सकता है जो खोलते हुए तेल से सकुशल लौट आए| इस बात से हताश युवक की राजा विक्रमादित्य किस प्रकार मदद करते हैं पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में सिंहासन बत्तीसी की कहानियों में से एक कहानी सिंहासन बत्तीसी-दसवीं पुतली – प्रभावती
महाभारत का युद्ध प्रारंभ से ही बड़ा ही भयंकर रूप ले चुका था| भीष्म पितामह के रहते हुए पांडव पुत्रों की विजय असंभव दिखाई पड़ रही थी| किंतु भीष्म ने स्वयं अपनी मृत्यु का रहस्य श्री कृष्ण के समक्ष रख दिया |महाभारत के युद्ध में पितामह भीष्म की किस प्रकार मृत्यु हुई और अर्जुन पुत्र अभिमन्यु ने किस प्रकार वीरगति को प्राप्त किया? इसे जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी भीष्म -अभिमन्यु वध ,शिवानी आनंद की आवाज में…
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