सैफ अली एक किसान है |अजमेर जाने से पहले वह काज़ी अब्दुल्ला के पास अपना सारा धन हिफाजत से रखने के लिए दे जाता है | किंतु उसे काज़ी अब्दुल्ला से पत्थरों से भरा थैला वापस मिलता है |अब बीरबल इस समस्या को किस प्रकार सुलझा पाते हैं पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं दुष्ट काज़ी, अंजू जेटली की आवाज में ..
एक दिन एक कवि किसी धनी आदमी से मिलने गया और उसे कई सुंदर कविताएं इस उम्मीद के साथ सुनाईं कि शायद वह धनवान खुश होकर कुछ ईनाम जरूर देगा। किंतु धनवान व्यक्ति किस प्रकार उस कवि का हृदय तोड़ता है और फिर बीरबल किस प्रकार धनवान व्यक्ति को इस बात के लिए सबक सिखाते हैं, पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं कहानी कवि और धनवान आदमी ,अंजू जेटली की आवाज में
दुनिया में आखिर सबसे बड़ी चीज क्या है? किस प्रकार बीरबल ने अपने उत्तर से बादशाह अकबर को संतुष्ट किया |पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं अंजू जेटली की आवाज …
अकबर के सवालों के सटीक जवाब बीरबल के पास होते थे। आईये जानते हैं इन दोनों का ऐसा ही एक रोचक किस्सा, जिसमें अकबर ने बीरबल से ईश्वर से जुड़े तीन प्रश्न पूछे थे। मोनीषा मुकुंदन की अकबर बीरबल की कहानियां,अंजू जेटली की आवाज में
वह एक दिन हीरा मंडी का रास्ता चौबारा छोड़ कर शाहर के सबसे बड़े होटल फ्लैटी में आ गयी थी। वही शहर था, पर सारा शहर जैसे रातों रात उसका नाम भूल गया हो, सबके मुंह से सुनायी देता था -शाह की कंजरी। गजब का गाती थी। कोई गाने वाली उसकी तरह मिर्जे की सद नहीं लगा सकती थी। इसलिये चाहे लोग उसका नाम भूल गये थे पर उसकी आवाज नहीं भूल सके| शाह की कंजरी के नाम से जाने वाली नीलम महफिलों में गाने बजाने एक युवती है शाहनी जी के बड़े बेटे की शादी में उसे बुलाया जाता है तब शाहनी नीलम के साथ किस प्रकार का बर्ताव करती है अमृता प्रीतम के द्वारा लिखी गई कहानी शाह की कंजरी में …
अनजान,अजीब सी लडकी …जो अक्सर लाल स्कार्फ बांधे रहती…..कभी कभी काला भी… लड़की जब घरौंदे बनाती तो लाल स्कार्फ पहनती और जब उनको मिटाती तो काला आखिर क्या राज है इसके पीछे ?जानने के लिए सुनते हैं कहानी लाल स्कार्फ वाली लड़की ,अंजू जेटली की आवाज में
शाहनी एक बड़ी उम्र की महिला है | शाह जी के ना रहने के बाद शाहनी उनकी ऊंची हवेली और जायदाद होने के बावजूद बिल्कुल अकेली है| शेरा शाहनी के पास ही पलकर बड़ा हुआ है| आज शाहनी ने जो शाह जी के मरने के बाद उनकी अमानत को संभाल के रखा था वह वह क्यों उनसे छीना जा रहा है? उसे कौन धोखा दे रहा है ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं कृष्णा सोबती के द्वारा लिखी गई कहानी सिक्का बदल गया ,अंजू जेटली की आवाज में…
अनु आज अपना 50 वां जन्मदिन मना रही है सुबह-सुबह उसके बचपन के दोस्त शेखर का फोन आता है कि उसके साथ उसका जन्मदिन बनाना चाह रहा है किंतु आज भी अनु उसी सामाजिकता के दायरों में भी वही परंपरागत डरपोक भारतीय नारी की तरहजो पति की पसंद-नापसंद से आगे कोई सोच नहीं रखती है |क्या अनु शेखर को अपने यहां बुला पाएगी |अनु आगे क्या निर्णय लेती है जानने के लिए सुनते हैं स्वाति तिवारी की लिखी कहानी बंद मुट्ठी में चाकलेट ,अंजू जेटली की आवाज
महाभारत के युद्ध में गुरु द्रोणाचार्य जी की मृत्यु के पश्चात कर्ण को कौरवों का सेनापति बनाया गया |कर्ण के युद्ध कौशल से पांडु पुत्रों की हार सुनिश्चित लगने लगी ,किंतु कर्ण का सामना जब सर्वश्रेष्ठ धनुर्धारी अर्जुन के सामने हुआ तो युद्ध अपने चरम सीमा पर पहुंच गया | कर्ण किसी भी तरीके से अर्जुन से धनुर्विद्या में कम ना था किस प्रकार पांडु पुत्र अर्जुन के द्वारा कर्ण का वध हुआ? इस प्रसंग को जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी कर्ण और अर्जुन का संग्राम और कर्ण वध, शिवानी आनंद की आवाज में…
बुजुर्ग सभ्य और सभ्रांत भाषा मे गालियाँ देते हैं-बल्ड़ी , रास्कल और कुछ इसी तरह की।बच्चे समझते नहीं । न उनकी गालियों को और न उनकी ऊँची हैसियत को । एक बड़ा बच्चा उलझनें लगता है तो -तो जोसेफ बीच बचाव करने उठ जाता । तुम थोड़े आदर से नहीं बात कर सकते ?देखते नहीं बुजुर्ग आदमी है ….. आदर से….ऊ का होता है सर । जोसेफ एक यात्री है, जो प्लेटफार्म नंबर10मे अपनी गाड़ी का इंतजार कर रहा है ।प्लेटफार्म मे12 से17 साल के 7-8बच्चों का झुंड देखता है ।जो गन्दे कपड़े पहने हुए हैं लेकिन उन बच्चों की क्रियाकलाप उसे कुछ परेशान करती हैं । पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं तुषारकान्त उपाध्याय जी के द्वारा लिखी कहानी प्लेटफार्म नंबर10….अमित तिवारी जी कि आवाज़ में….।
आतंकवादियों का कोई धर्म होता है ना ही इंसानियत यह यह सिर्फ महज हिंदू मुसलमानों के बीच नफरत बोने और दहशतगर्दीफैलाने का काम करते हैं कहानी में हिंदुस्तानी फौज को बदनाम करने के अभिप्राय से से निर्दोषों की जान आतंकवादियों द्वारा ली जाती है यह सब कैसे होता है क्या आतंकवादियों की मंशा पूरी हो पाती है हिंदुस्तानी फौज तक क्या होता है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं डॉक्टर विकास कुमार शर्मा द्वारा लिखी गई कहानी दहशत अमित तिवारी जी की आवाज में
वह खूबसूरत बचपन, जब गर्मियों की छुट्टियां नानी के यहां बिता करती थी ,वह मीठे -गुदगुदाने वाले पलो का खूबसूरत एहसास , अंगोना साहा के साथ…
कुंवर अमरनाथ के बुंदेलखंड जाने की बात सुनकर मनोरमा का मन अनिष्ट शंका से घिर गया । वह कुंवर के साथ चलने की हठ्ठ करने लगी ।कुंवर ने वचन दिया कि वह प्रतिदिन एक पत्र लिखेंगे और जल्द लौटेंगे ।किंतु कुछ समय पश्चात पत्र आने बंद हो गए । मनोरमा को बुरे बुरे ख्याल आने लगे वह स्वयं कुंवर के पास जाती है लेकिन रेल -दुर्घटना में उसकी मृत्यु हो जाती है और उसकी कुछ अनिष्ट होने की शंका सत्य साबित होती है।
Reviews for: Dusht kaazi (दुष्ट काज़ी)
Average Rating
pragati sharma