राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म भारतीय इतिहास में सदा अविस्मरणीय रहेगा । गांधी जी के अहिंसक आंदोलन ने भारत को आज़ादी दिलाने में अपनी अभूतपुर भूमिका निभाई। अहिंसा के पुजारी के रूप में पूरी दुनिया ने उन्हें अपना गुरु माना। राजनीतिक और आध्यात्मिक नेता के रूप में वह सदैव याद किए जाएंगे।उनके द्वारा किए गए प्रमुख आंदोलन सत्याग्रह, असहयोग आंदोलन, चंपारन , भारत छोड़ो आंदोलन हैं। दांडी मार्च भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण पडाव रहा ।इस दिन को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
पति राजा दलपत शाह की असमय मृत्यु होने के बाद अपने पुत्र वीर नारायण को सिंहासन पर बैठाकर भारत की प्रसिद्ध वीरांगना रानी दुर्गावती ने मध्य प्रदेश के गोंडवाना क्षेत्र में शासन कर उसका संरक्षण किया ।1564 में जबलपुर के पास हुए ऐतिहासिक युद्ध में रानी दुर्गावती का सामना आसफ़ खां से हुआ ।इस युद्ध में रानी दुर्गावती को वीरगति प्राप्त हुई। उनके नाम पर जबलपुर में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। 1988 में रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर भारत सरकार ने डाक टिकट जारी किया।
गुरु नानक देव जी की 500 जयंती के अवसर पर अमृतसर में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय की स्थापना की गई।यह पंजाब राज्य विधानमंडल द्वारा पारित एक अधिनियम द्वारा स्थापित किया गया था। विश्वविद्यालय को यूजीसी द्वारा “उत्कृष्टता की क्षमता वाले विश्वविद्यालय” का दर्जा भी दिया गया है।
3 नवंबर, 1957 की तारीख इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई, जब सोवियत संघ ने पहली बार स्पुतनिक-2 स्पेसक्राफ़्ट से लाइका नाम की स्ट्रीट फ़ीमेल डॉग को अंतरिक्ष में भेजा. वैज्ञानिक दावा करते हैं कि लाइका को स्पेस में भेजने के प्रयोग ने इंसानों के अंतरिक्ष तक पहुंचने का रास्ता साफ किया
गोपबंधु दास का जन्म 9 अक्टूबर, 1877 को उड़ीसा के पुरी ज़िले में साक्षी गोपाल के निकट सुआंडो नामक गाँव में हुआ था। इनके पिता का नाम दैतारि दास तथा माता का नाम स्वर्णमायी देवी था। इनका सम्बन्ध एक ग़रीब ब्राह्मण परिवार से था। गोपबंधु दास ने पुरी, कटक तथा कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) में शिक्षा ग्रहण की थी
यह दिन पहली बार 20 अक्टूबर 2010 को मनाया गया था और तब से हर 5 साल में मनाया जाता है|विश्व सांख्यिकी दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा की गई थी।2020 में तीसरा विश्व सांख्यिकी दिवस मनाया जाएगा| इस बार की थीम- कनेक्टिंग द वर्ल्ड विद डाटा वी कैन ट्रस्ट रखी गई है’|
संघर्ष ,सामंजस्य ,जिम्मेदारियाँ ,समर्पण ,त्याग का नाम ज़िदंगी है| आज मिलते हैं ऐसे ही एक शख्सियत से जिन्होंने ज़िदंगी के सारे पहलुओं पर खरे उतरते हुए आज एक विशिष्ट मुकाम हासिल किया है|अपनी मातृत्व- शक्ति ,निपुणता और बेजोड़ आत्मविश्वास के बल पर जीवन की चुनौतियों को आविष्कार के रूप में परिवर्तित कर दिया है| जिससे वो अपनी जैसी लाखों महिलावर्ग के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है|. इनकी संकल्प की शक्ति से आज कितनो के जीवन बदल गए हैं | “पल्लवी उतागी”, का अद्भुत व्यक्तित्व है, ये सुपरबॉटम की सी.ई.ओ और संस्थापक हैं|इन्होंने ऐसे डायपर का आविष्कार किया जो रियूज़ेबल और कपास से निर्मित है| यह भारत की सफल महिला उद्यमी है, जिन्होंने शिशु और पृथ्वी दोनों की देखभाल हेतु अपने उत्पाद को बाजार में उतारा और सफलता प्राप्त की|6
हृदय रोगों के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 29 सितंबर 2012 को WHF ने WHO के साथ मिलकर विश्व हृदय दिवस की घोषणा की।
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