कहानी में 60 साल के एक हीरे के व्यापारी धनपाल जी का उन्हीं की हवेली में हत्या हो जाती है |परिवार में उनकी पहली पत्नी की बेटी नमिता,उनके भाई का बेटा घनश्याम और उनकी दूसरी पत्नी सोनिया रहते हैं | हत्या के रहस्य से उलझा यह केस प्राइवेट डिटेक्टिव अविनाश के पास आता है |किस प्रकार अविनाश इस हत्या के इस रहस्य को सुलझा पाता है? कौन है धनपाल जी का हत्यारा? अमित कुमार पांडे द्वारा लिखी सस्पेंस से भरी कहानी हत्या हवेली, में जानते हैं अमित तिवारी की आवाज में
कहानी में 60 साल के एक हीरे के व्यापारी धनपाल जी का उन्हीं की हवेली में हत्या हो जाती है |परिवार में उनकी पहली पत्नी की बेटी नमिता,उनके भाई का बेटा घनश्याम और उनकी दूसरी पत्नी सोनिया रहते हैं | हत्या के रहस्य से उलझा यह केस प्राइवेट डिटेक्टिव अविनाश के पास आता है |किस प्रकार अविनाश इस हत्या के इस रहस्य को सुलझा पाता है? कौन है धनपाल जी का हत्यारा? अमित कुमार पांडे द्वारा लिखी सस्पेंस से भरी कहानी हत्या हवेली, में जानते हैं अमित तिवारी की आवाज में
कहानी में 60 साल के एक हीरे के व्यापारी धनपाल जी का उन्हीं की हवेली में हत्या हो जाती है |परिवार में उनकी पहली पत्नी की बेटी नमिता,उनके भाई का बेटा घनश्याम और उनकी दूसरी पत्नी सोनिया रहते हैं | हत्या के रहस्य से उलझा यह केस प्राइवेट डिटेक्टिव अविनाश के पास आता है |किस प्रकार अविनाश इस हत्या के इस रहस्य को सुलझा पाता है? कौन है धनपाल जी का हत्यारा? अमित कुमार पांडे द्वारा लिखी सस्पेंस से भरी कहानी हत्या हवेली, में जानते हैं अमित तिवारी की आवाज में
कहानी में 60 साल के एक हीरे के व्यापारी धनपाल जी का उन्हीं की हवेली में हत्या हो जाती है |परिवार में उनकी पहली पत्नी की बेटी नमिता,उनके भाई का बेटा घनश्याम और उनकी दूसरी पत्नी सोनिया रहते हैं | हत्या के रहस्य से उलझा यह केस प्राइवेट डिटेक्टिव अविनाश के पास आता है |किस प्रकार अविनाश इस हत्या के इस रहस्य को सुलझा पाता है? कौन है धनपाल जी का हत्यारा? अमित कुमार पांडे द्वारा लिखी सस्पेंस से भरी कहानी हत्या हवेली, में जानते हैं अमित तिवारी की आवाज में
कहानी में 60 साल के एक हीरे के व्यापारी धनपाल जी का उन्हीं की हवेली में हत्या हो जाती है |परिवार में उनकी पहली पत्नी की बेटी नमिता,उनके भाई का बेटा घनश्याम और उनकी दूसरी पत्नी सोनिया रहते हैं | हत्या के रहस्य से उलझा यह केस प्राइवेट डिटेक्टिव अविनाश के पास आता है |किस प्रकार अविनाश इस हत्या के इस रहस्य को सुलझा पाता है? कौन है धनपाल जी का हत्यारा? अमित कुमार पांडे द्वारा लिखी सस्पेंस से भरी कहानी हत्या हवेली, में जानते हैं अमित तिवारी की आवाज में
कहानी में 60 साल के एक हीरे के व्यापारी धनपाल जी का उन्हीं की हवेली में हत्या हो जाती है |परिवार में उनकी पहली पत्नी की बेटी नमिता,उनके भाई का बेटा घनश्याम और उनकी दूसरी पत्नी सोनिया रहते हैं | हत्या के रहस्य से उलझा यह केस प्राइवेट डिटेक्टिव अविनाश के पास आता है |किस प्रकार अविनाश इस हत्या के इस रहस्य को सुलझा पाता है? कौन है धनपाल जी का हत्यारा? अमित कुमार पांडे द्वारा लिखी सस्पेंस से भरी कहानी हत्या हवेली, में जानते हैं अमित तिवारी की आवाज में
कहानी में 60 साल के एक हीरे के व्यापारी धनपाल जी का उन्हीं की हवेली में हत्या हो जाती है |परिवार में उनकी पहली पत्नी की बेटी नमिता,उनके भाई का बेटा घनश्याम और उनकी दूसरी पत्नी सोनिया रहते हैं | हत्या के रहस्य से उलझा यह केस प्राइवेट डिटेक्टिव अविनाश के पास आता है |किस प्रकार अविनाश इस हत्या के इस रहस्य को सुलझा पाता है? कौन है धनपाल जी का हत्यारा? अमित कुमार पांडे द्वारा लिखी सस्पेंस से भरी कहानी हत्या हवेली, में जानते हैं अमित तिवारी की आवाज में
अंतिम समय में विद्या के पिता ने श्याम बाबू को बुला कर विद्या की ज़िम्मेदारी उन्हें सौप दी। तब से लेकर आज तक श्याम बाबू ने विद्या को अपने बेटी से ज़्यादा प्यार दिया है। और विद्या ने भी श्याम बाबू को अपने पिता ज़्यादा समझा है। “कहाँ बाबू जी. जो आपने और माँ ने मेरे लिए किया है उसके आगे तो ये कुछ भी नहीं है। आप दोनों ने एक अनाथ लड़की को अपने बेटे जैसे प्यार दिया है। उसका एहसान तो मैं सारी ज़िंदगी नहीं चुका सकती”। विद्या श्याम बाबू जी की सगी बेटी ना होते हुए भी उनके ना रहने के बाद भी उनके परिवार को एक मां की तरह संभालती है कहानी नहीं पड़ता है इंसानियत के रिश्ते खून के रिश्तो से ज्यादा अपने हो जाते हैं
बुजुर्ग सभ्य और सभ्रांत भाषा मे गालियाँ देते हैं-बल्ड़ी , रास्कल और कुछ इसी तरह की।बच्चे समझते नहीं । न उनकी गालियों को और न उनकी ऊँची हैसियत को । एक बड़ा बच्चा उलझनें लगता है तो -तो जोसेफ बीच बचाव करने उठ जाता । तुम थोड़े आदर से नहीं बात कर सकते ?देखते नहीं बुजुर्ग आदमी है ….. आदर से….ऊ का होता है सर । जोसेफ एक यात्री है, जो प्लेटफार्म नंबर10मे अपनी गाड़ी का इंतजार कर रहा है ।प्लेटफार्म मे12 से17 साल के 7-8बच्चों का झुंड देखता है ।जो गन्दे कपड़े पहने हुए हैं लेकिन उन बच्चों की क्रियाकलाप उसे कुछ परेशान करती हैं । पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं तुषारकान्त उपाध्याय जी के द्वारा लिखी कहानी प्लेटफार्म नंबर10….अमित तिवारी जी कि आवाज़ में….।
धीरे-धीरे दोनों के बीच का फासला कम होता गया। जगदेई ने बेटी को किनारे कर लिया था। उसका हृदय तेजी से धड़क रहा था। दोनों व्यक्ति बराबर से निकले तो एक चुभती हुई दृष्टि उन्होंने सोनपती के गठे हुए सुडौल, मांसल शरीर पर डाली। सोनपती को शरीर में झुरझुरी-सी अनुभव होने लगी। हल्की-पीली चांदनी में उसके चेहरे का रंग तपे हुए तांबे के समान चमक उठा। बड़ा संभाल-संभालकर उसे कदम रखने पड़ रहे थे ताकि कड़े आपस में टकराने न पाएं। जगदेई और उसकी बेटी सोनपती एक रास्ते से गुजर रही है उसी रास्ते में दो अनजान व्यक्ति उन्हें अपना पीछा करते हुए लग रहे हैं| इससे दोनों भयभीत हो जाती हैं |बाद में क्या होता है पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं कहानी भय
ZOHO कंपनी के संस्थापक श्रीधर वेम्बू का अमेरिका छोड़कर अपने देश भारत वापस लौट कर आना और18000 करोड़ की कंपनी के मालिक बनने का सफर कैसा रहा? जानिए बेहद सादा जीवन व्यतीत करने वाले श्रीधर वेम्बू की असाधारण कहानी अमित तिवारी की आवाज़ में…
अमेरिका में रह रहा आशु आज अंग्रेजी संस्कार से लिप्त अपनी बेटी का विचलित कर देने वाला व्यवहार देखता है उसे भी अपने बीते दिनों की याद आ जाती है आज आशु इतना विचलित क्यों है उसका बीता हुआ पल उसे याद क्यों आ रहा है क्या है आशु की मनोस्थिति पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं जुनैद की भावपूर्ण कहानी कम बैक अमित तिवारी जी की आवाज में
शोध में पुरातत्व विभाग को एक सन 1950 ईस्वी की स्मारक मिलती है जिसमें खुदी हुई चार पंक्तियां होती है कवि का नाम गोवर्धन दास लिखा होता है पुरातत्व विभाग को गोवर्धन दास के बारे में पहले से कुछ भी ज्ञात नहीं होता है गोवर्धन दास कवि कैसे बना क्या उसका है उसका इतिहास और पुरातत्व विभाग में उनके विषय में क्या लिखा पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं हरिशंकर परसाई द्वारा लिखी गई कहानी सन् 1950 ईसवी
फरीदी और लियोनार्ड – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
इब्ने सफ़ी की कहानी फ़रीदी और लियोनार्ड में लियोनार्ड एक बेहद चलाक लेकिन बेहद घटिया किस्म का ब्लैकमेलर है ।जो ब्लैक मेलिंग तक ही नहीं रुकता बल्कि क़त्ल और दूसरे और हथकंडे अपनाने पर भी उतर आता है। कहानी में लियोनार्ड कौन-कौन से हथकंडे आज़माता हैं?फ़रीदी किस प्रकार उसको अपनी गिरफ्त में लेता है ?इस बेहद सनसनीख़ेज़ कहानी को आवाज़ दी है नयनी दीक्षित ने..
क़त्ल का राज़ – महेश दुबे – नयनी दीक्षित
कहानी में गुरूबख़्श मंगतानी सेठ का कत्ल हो जाता है ।इस कत्ल का इल्जा़म उसका दोस्त बाबलानी अपने ऊपर ले लेता है। किंतु जब कहानी से कई राज़ की परतें खुलती है तो क्या वास्तव में बाबलानी सेठ मंगतानी का कातिल होता है या कोई ?और अगर कोई और है तो बाबलानी ने अपने ऊपर इल्जा़म क्यों ले क्यों लिया? बेहद रोमांचक और रहस्य से भरपूर कहानी जानिए नयनी दीक्षित की आवाज़ में ,लेखक महेश दुबे की लिखी कहानी कत्ल का राज में आखिर क्या होता है?
युवती: डार्लिंग, पुलिस ने मुझे आज पकड़ ही लिया होता।
चैंपलिन: जान! क्या तुम इन पुलिस वालों को मूर्ख समझती हो?
युवती: भाग चलो यहां से, नहीं तो हम बुरी तरह फंस जाएंगे।
पुलिस: इस बिल्डिंग को चारों तरफ से पुलिस ने घेर लिया है। सभी लोग अपने घरों से बाहर निकल आएं।
क्यों पीछा कर रहे थे कुछ पुलिस वाले युवती और चैंपलिन का? क्या युवती पुलिस वालों को धोखा देने में कामयाब होती है? क्या चैंपलिन की पुलिस वालों से मुठभेड़ होती है? चैंपलिन और पुलिस की मुठभेड़ में किसकी मौत होती है? ताबूत में किसकी लाश मिलती है?
कहानी का सस्पेंस जानने के लिए आज ही सुनें शेफाली कपूर की आवाज में कहानी ‘एनकाउंटर’।
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
स्पेक्टर सोहराब और सार्जेंट सलीम का माल- गाड़ी का सफ़र किस मुकाम तक पहुंचा? शूटिंग आखिर क्यों कैंसिल करनी पड़ी? स्टूडियो में वह चार व्यक्ति कौन थे? और वह किस की तलाश में थे ?इसे जानने के लिए सुनते हैं शोलागढ़@34 का यह भाग..
क्या 2000 का फटा हुआ नोट किसी की किस्मत बदल सकता है ?अच्छी या बुरी ,असली सवाल तो यह है| महेश दुबे जी की बेहद दिलचस्प कहानी है 2000 का नोट , 2000 का फटा नोट अपने आस-पास के काफी़ लोगों की किस्मत बदल रहा है। लेकिन किस्मत किस तरह और किस पलड़े बैठी है ?वही इस कहानी का Main story line है नयनी दीक्षित की आवाज़ में इस बेहतरीन से लव स्टोरी का लुफ़्त उठाएं।
Reviews for: Hatya Haveli mein part 4 ( हत्या हवेली में भाग 4)