दिग्वलय – Alka saini (अल्का सैनी ) – Shivani Anand
प्रेम की अलग-अलग अनुभूति होती है प्रेम मीरा और कृष्ण के मध्य भी था कहानी कुछ इसी तरह के भावों को आधुनिक समीकरण के रूप में ढाल दिया गया है कहानी का नायक अभिनव एक शादीशुदा युवक है जिसकी मित्रता अनीता के साथ हो जाती है ।उनकी मित्रता में एक अजीब सी आत्मीयता और लगाव है किंतु जैसे-जैसे अभिनव को सामाजिक मान मर्यादा की तरफ ध्यान आकर्षित होता है उसके अंदर अजीब सी बेचैनी उत्पन्न हो जाती है ।अभिनव की यह बेचैनी उसे किस हद तक ले जाएगी? जानेंगे अलका सैनी के द्वारा लिखी गई कहानी दो नावों में सवार, शिवानी आनंद की आवाज़ में..
रायचरण जो कि अनुकूल बाबू के यहां नौकर है बड़े ही चाव और अपनेपन से उनके छोटे बच्चे को संभालता है। एक दिन बच्चा ज़िद करके उसे फूल तोड़ने को भेज स्वयं नदी में चला जाता है और फिर कभी वापस नहीं आता। रायचरण जिसे नौकरी से निकाल दिया गया है अपने बच्चे को अपने मालिक के बच्चे की तरह पाल कर उन्हें उसे भेंट कर देता है।
ये एक ऐसे अधेड़ उम्र के व्यक्ति की कहानी है जिन्हे सफ़ाई जितनी ज़्यादा पसंद है उतनी ही कुत्तों से नफ़रत है। एक कुत्ता जो उनकी सैर के समय रोज़ उनके भगाने के बाद भी हमेशा उनके साथ रहता है, उनकी इस नफरत को आखिरकार प्रेम में बदल देता है।
कहानी एक ऐसे ऊंट की है जिसकेअविवेक से उसे शेर का शिकार बनना पड़ा |कैसे ?इसे जानने के लिए सुनते हैं पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी अविवेक का मूल्य शिवानी आनंद की आवाज में
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