धार्मिक ग्रंथों में राजा बलि के पराक्रमी और दानवीर होने के सारे प्रसंगों का अध्ययन किया |अब उन्होंने उनके दर्शन करने का विचार बनाया, लेकिन उनके दर्शन कैसे हो, इसके लिए उन्होंने अपनी राज-पाट और मोह -माया को त्याग कर कठोर तपस्या प्रारंभ कर दी| उनकी तपस्या से उन्हें पाताल लोक में राजा बलि के दर्शन हो पाए ?उसके बाद क्या हुआ इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं सिंहासन बत्तीसी की कहानियों में से एक कहानी सताइसवीं पुतली मलयवती विक्रमादित्य और दानवीर राजा बलि,शिवानी आनंद की आवाज में…
कहानी मैं एक स्कूल जाने वाला लड़का जब अपनी बहन के साथ गुड़िया की शादी का खेल खेलता है, तो उसके अध्यापक और सहपाठी उसका मजाक उड़ाते हैं और उसे ‘दुल्हन ‘कह कर बुलाते हैं| क्या होता है पूरी कहानी में ?जानने के लिए सुनते हैं रविंद्र नाथ ठाकुर के द्वारा लिखी गई कहानी दुल्हन “,शिवानी आनंद की आवाज में
तुम दिल पर क्यों लगाती हो। कहने दिया करो जो कहते हैं। हम तो अब तिड़के घड़े का पानी ठहरे। आज हैं, कल नहीं रहेगें। फेंकने दो कंकर-पत्थर। जो दिन कट जाएं, अच्छा है।”कहानी में वृद्ध और वृद्धा अपने बेटे -बहु के साथ रह रहे हैं |वृद्धावस्था में क्या है उनकी स्थिति ?जानने के लिए सुनते हंं सुभाष नीरव के द्वारा लिखी गई कहानी तिड़के घड़े , शिवानी आनंद के द्वारा
Reviews for: Ulti Ganga (उलटी गंगा)