Saguni was a poor little girl, whose dream was to study in a school, Ipsa, another little girl of class five make Saguni’s dream come true.
यह कहानी हर उस पत्नी की है जो पढ़ी- लिखी और विवेकशील होने के कारण परिस्थितियों से समझौता नहीं कर पाती बल्कि उनसे लड़ती है तब -तक, जबतक कि वह लड़ सकती हैं…
एक बार महाराजा विक्रमादित्य वेश बदलकर अपने राज्य में भ्रमण कर रहे थे ,तभी अचानक से उन्हें एक झोपड़े से कुछ आवाजें सुनाई दी |जिससे उन्हें पता चला कि झोपड़ी में रहने वाला रहने वाले दंपत्ति निसंतान है| उन्हें संतान तभी प्राप्त हो सकती है जब स्वयं महाराजा विक्रमादित्य शिव भगवान की स्तुति में अपने अंग हवन कुंड में काट कर डाल दें| महाराजा विक्रमादित्य ने क्या वास्तव में उस दिन निसंतान दंपत्ति के लिए ऐसा किया? क्या हुआ उसके बाद ?इस पूरी घटना को जानने के लिए सुनते हैं सिंहासन बत्तीसी की कहानियों में से एक कहानी सत्रहवीं पुतली विद्यावती विक्रमादित्य की परोपकार तथा त्याग की भावना,शिवानी आनंद की आवाज में
Amit and sheela are two children who don’t want to leave their house as their father got transferred from one city to another. The story revolves around their emotional and mental strain while leaving their home, city and friends.
कुसुम जिसे घाट पर बैठकर घंटो पानी की लहरें देखना अच्छा लगता था, अपने वैधव्य के बाद प्रेम में पड़कर उसे न पा सकने के दुख को बर्दाश्त न करते हुए उसी घाट पर उन्ही लहरों में समा गई।
सुबोध अवस्थी का जब ट्रांसफर एक शहर से दूसरे शहर के लिए होता है तो उनके बच्चे शीला और सुमित अपने शहर ,अपने घर ,दोस्तों को छोड़कर नए शहर ,नए घर नहीं जाना चाहते हैं | सबके इमोशंस उस घर से, उस शहर से ,अपने दोस्तों से जुड़े हुए हैं | उनकी कोमल भावनाओं को इस बात से गहरा आघात लगता है कि उन्हें यह सब छोड़ कर यहां से नए शहर को जाना होगा ऐसी स्थिति में सुबोध और राधिका अपने बच्चों को समझाने की बहुत कोशिश करते हैं किंतु कहानी इसी ताने-बाने में उलझी हुई है कि ऐसी स्थिति में बच्चों की क्या मनोदशा होती है ? इस भाव को समझने के लिए सुनते हैं गिरिराजशरण अग्रवाल के द्वारा लिखी गई कहानी तबादला शिवानी आनंद की आवाज में..
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ani