धरोहर बाहरवीं शब्दांजलि यशशेष जनकवि विपिन मणि जी की रचनाएं और स्मृतियाँ सुनिये उनके पुत्र डॉ. उदय मणि जी के साथ
कानपुर इतिहास से वर्तमान तक सदैव साहित्य का केंद्र रहा है। पत्रकारिता में कानपुर में सदैव अपने को अग्रणी गिनाया है और साथ ही रोज़गार के अवसर प्रदान करने में कानपुर अग्रणी रहा है। कानपुर की विशुद्ध साहित्यिक धरती नें भारतीय साहित्य को कई अनमोल रत्न प्रदान किये हैं श्री वीरेंद्र आस्तिक जी उन्हीं रत्नों में से एक है । उनके गीतो की संप्रेषण सामर्थ्य, उनका अद्भुत शब्द विन्यास और उनकी भाषाई पकड़ अद्भुत है।
धरोहर उन्नीसवीं शब्दांजलि कीर्तिशेष रचनाकार पं. प्रेमनाथ द्विवेदी “रामायणी”जी की रचनाएँ और संस्मरण सुनिए उनके पुत्र डाॅ.कमलेश द्विवेदी के साथ ।
धरोहर बीसवीं शब्दांजलि कीर्तिशेष रचनाकार श्री संतोष कुमार वर्मा “फ़न” जी की रचनाएँ और संस्मरण सुनिए उनकी कवयित्री पुत्री सपना सोनी जी के साथ ।
शिवोहम साहित्यिक मंच की प्रस्तुति #गीतों_की_ओर में आइये आज सुनते हैं श्री बलराम श्रीवास्तव जी को। पिछले बीस वर्षों में हिंदी कविता के मंचों नें तमाम बदलाव देखे हैं। मंचों की शालीनता और गंभीरता का दुशाला धीरे – धीरे उतारा गया और एक समय ऐसा भी लगा जब लगा कि अब मंच से साहित्य रूपी चादर के खींचकर फेंक ही दिया जाएगा, उस कठिन समय में भी कई रचनाकार ऐसे रहे जिन्होंने अपने मूल्यों से समझौता कभी नहीं किया और श्री बलराम श्रीवास्तव जी उनमें से एक हैं। आदरणीय बलराम जी को सुनकर वह सभी सीख सकते हैं जिन्हें यह लगता है कि कविता की गंभीरता समाप्त करके ही आप मंचों की ऊंचाइयों को छू सकते हैं। आपके गीत साहित्यिक रूप से समृद्ध तो हैं ही साथ में आपका अद्भुत स्वर आपके गीतों को सम्मोहक स्वरूप प्रदान कर देता हैं। आपके गीतों का सस्वर पाठ ऐसा लगता है मानों किसी ने कानों में मिश्री घोल दी हो आपके गीतों की गंगा में आचमन कर मन पवित्र हो उठता है। बात चाहे श्रृंगार की हो , दर्शन की हो अथवा देशभक्ति की आपके गीतों नें हर पहलू को बड़े सलीके से छुआ भी है और उत्कृष्टता के सोपान तक पहुँचाया भी है।
धरोहर नवीं शब्दांजलि यशशेष गीतकार देवल आशीष जी की रचनाएं और स्मृतियाँ सुनिये उनके शिष्य श्री धीरज मिश्र जी और समीक्षक मुनेन्द्र कुमार शुक्ल जी के साथ।
धरोहर इक्कीसवीं शब्दांजलि कीर्तिशेष रचनाकार बृज शुक्ल घायल जी की रचनाएँ और संस्मरण सुनिए उनके साहित्यकार पुत्र डॉ प्रवीण शुक्ल जी के साथ ।
धरोहर आठवीं शब्दांजलि कालजयी रचनाकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कविवर पं़ गोविन्द प्रसाद तिवारी जी की रचनाएं और स्मृतियाँ सुनिये उनके पुत्र श्री अभय तिवारी जी के साथ।
धरोहर बीसवीं शब्दांजलि कीर्तिशेष रचनाकार श्री संतोष कुमार वर्मा “फ़न” जी की रचनाएँ और संस्मरण सुनिए उनकी कवयित्री पुत्री सपना सोनी जी के साथ ।
शिवोहम सहित्यिक मंच धरोहर की प्रथम शब्दांजलि कालजयी रचनाकार डॉ उर्मिलेश शंखधर जी की कविताएं और स्मृतियाँ सुनिये उनकी पुत्री श्रीमती सोनरूपा विशाल जी के साथ।
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