जीभी – संजय शेफर्ड – पल्लवी
शांत वातावरण, पहाड़ी पक्षियों के मधुर गीत , ऊंचे -ऊंचे देवदार के वृक्ष और एक छोटी सी जगह, अगर आप ऐसे किसी प्राकृतिक दृश्य की तलाश में हों, जो किसी भी पर्यटक को अपना कायल बना दे, तो आप बिल्कुल सही सोच रहे हैं घुमंतू की नयी Travel story में जानिए ऐसी ही एक जगह, कुल्लू के पास छोटा सा गांव जीभी के बारे मे Sanjay Shepherd की travel story से Pallavi की आवाज़ में सिर्फ़ गाथा पर…
बजट ट्रिप के लिहाज से देश की पांच सबसे खूबसूरत जगहें – संजय शेफर्ड – पल्लवी
कहीं घूमने जाने का मन है लेकिन आपका बजट allow नहीं कर रहा| तो घुमंतू आपकी यह समस्या भी दूर कर रहा है, घुमंतू को सुनने का यही तो फायदा है ऐसी जगह के बारे में जानिए ,जो कम बजट में टूरिस्ट फ्रेंडली भी हो ।हिमाचल की धर्मशाला एक बेहतरीन विकल्प है वह कैसे? सुनिए पल्लवी गर्ग की आवाज़ में
किब्बर – संजय शेफर्ड – पल्लवी
कभी-कभी हमारा मन भीड़-भाड़ की जगह से हटकर किसी शांत, कम जनसंख्या वाले क्षेत्र और बेहद खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों के बीच में जाने का करता है, तो अब घुमंतू ने आपकी इस समस्या का समाधान कर दिया है। दुनिया की सबसे ऊंचाई में बसे एक गांव किब्बर की ओर आपका ध्यान आकर्षित कराते हुये ।यहां के सादा और उत्साहपूर्ण जीवन को देखकर आपका मन खुशी से झूम उठेगा। हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत गांव किब्बर की यात्रा करें,घुमंतू के साथ पल्लवी की आवाज़ में सिर्फ़ गाथा पर..
प्रकृति प्रेमियों के लिए जो एक ऐसे ऐसे खूबसूरत नज़ारे की तलाश में है जो उनकी आंखों में हमेशा- हमेशा के लिए बस जाएं। तो उन्हें भारत के उत्तराखंड के प्रसिद्ध एक छोटे से पर्यटन स्थल लंढौर को नहीं भूलना चाहिए। अनछुई खूबसूरती जो हिमालय की ऊंची- ऊंची पहाड़ियां, देवदार चीड़ के घने जंगल यहां आने वाले पर्यटकों को खूब लुभाते हैं। यहां की शांति और सादगी का तो अपना ही अलग एक मज़ा है और बहुत कुछ है… जो आप इसके बारे में जानना ही चाहेंगे, तो सुने पल्लवी गर्ग की आवाज़ में…
भारत में बैकपैकिंग के विकल्पों की कमी नहीं लेकिन जानकारी का अभाव बहुत ज्यादा है। खासकर ऐसी जगहों की जहां पर कैंपिंग और बॉनफायर किया जा सके तथा चांदनी रात में खुले आसमान के नीचे चांद तारों के संग आंख मिचौली की जा सके। अभी आप जानेगे बैकपैकिंग के लिहाज से सात खूबसूरत घाटियों के बारे में
धनोल्टी मसूरी के पास एक छोटा खूबसूरत सा हिल स्टेशन है। हिमालय की ऊंची -ऊंची चोटियां यहां की खूबसूरती को और बढ़ा देती है और उसके साथ देवदार के पेड़ धनोल्टी की सुंदरता में चार -चांद लगा देते हैं ।धनोल्टी का इको पार्क पर्यटकों के लिए बस देखते ही बनता है। घुमंतू के साथ इस रोमांचक जगह को और अच्छे से जानने के लिए सुनते हैं संजय शेफर्ड की कवरस्टोरी पल्लवी गर्ग की आवाज़ में…
प्रकृति जैसे मानो अपनी सारी माया लुटा रही हो हसीन पहाड़ी वादियां ,नदी, घाटियां, झीलें .. क्या कुछ नहीं दिया है यहां पर प्रकृति ने? जिसकी खूबसूरती का एहसास ही किसी को भी रोमांचित कर सकता है ।घुमंतू की श्रंखला में भारत के प्रमुख उत्तर- पूर्वी भागों के चुनिंदा और सबसे खास स्थानों को बेहद खूबसूरती से वर्णन किया है संजय शेफर्ड ने और उसे उतने ही सुंदर अंदाज में आवाज़ दी है पल्लवी गर्ग ने.. यह दावा है कि एक बार आपने इसके बारे में सुन लिया तो आप वहां अपने आप को जाने से नहीं रोक सकेंगे..
हीराबाई को नवाब साहब से बेगम के कनफूल नही चाहिए थे नज़राने के तौर पे। उसने एक छोटा सा नज़राना माँगा… नवाब साहब खुशी खुशी तैयार भी हो गए वो नज़राना देने को….. ….पर हीराबाई ने ऐसा क्या माँग लिया, जिस फ़रमाइश को सुनकर नवाब साहब के पैरों तलें ज़मीन खिस
साक्षर होना जीवन में सबसे बड़ा वरदान होता है अतः कविता के माध्यम से यह संदेश प्रेरित किया गया है पढ़ना लिखना हमारे जीवन के लिए कितना आवश्यक है कविता खूब पढ़ते जाना पल्लवी जी की मधुर आवाज
अमृता अपने सपने लिखतीं थीं अपनी डायरी में।
उनींदे सपने, गहरी नींद के सपने, जागती आंखों के सपने…
ये कुछ सपने जो उन्होंने 2001 से ले कर 2003 के बीच देखे और लिखे। कुछ सपनों पर कविता या नज़्म लिखी, कुछ को बस उड़ने के लिए छोड़ दिया।
उनकी आत्मा की चेतना तक पहुंचाते हैं ये सपने
सुनते हैं, मैं तुम्हें फिर मिलूँगी काव्य संग्रह में दर्ज़ अमृता के कुछ सपने, गाथा ऐप्प पे, पल्लवी गर्ग की आवाज़ में
जैसलमेर – संजय शेफर्ड – पल्लवी
जैसलमेर गोल्डन सिटी राजस्थान के शाही महलों और लड़ने वाले ऊंटों के साथ एक रेतीले रेगिस्तान के आकर्षण का प्रतीक है। यह विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल महान थार रेगिस्तान के बीच में स्थित है।संजय शेफर्ड की डायरी से घुमंतू में सैर कीजिए जैसलमेर की, पल्लवी की आवाज़ में..
सुशील यादव जी द्वारा लिखी गई कहानी एक सस्पेंडेड थानेदार का इंटरव्यू आज की कानून प्रणाली पर व्यंग है एक थानेदार का इंटरव्यू लिया जाता है जोकि सस्पेंड हो चुका है जानते हैं कहानी में आखिर थानेदार को क्यों सस्पेंड किया गया और थानेदार का सस्पेंड होना जैसे उसके लिए कोई गर्व की बात हो जानते हैं पूरी कहानी एक सस्पेंडेड थानेदार का इंटरव्यू अमित तिवारी जी की आवाज में
“अपने परिवार पर लगी खुशियों के ग्रहण पर, अपने पति को अपने में समेटता हुआ देखने की पीडा के बारे में, अपने बेटे के कालिख पुते वर्तमान और उसके अंधियारे भविष्य पर। सोचती हूँ, उन लोगों के बारे में जो सजायाफ्ता होकर भी राजनीति में उंची कुर्सियों पर बैठे हैं, क्योंकि उनके केस राजनीति में आने से पहले खारिज हो जाते हैंया माफ कर दिये जाते हैं लेकिन उन भूल से किये गये अपराधों के युवा अपराधियों का क्या जिन्हें अच्छे चरित्र और उच्च शिक्षा के बाद छोटी सी भी सजा मिलने के बाद कोई सरकारी नौकरी नहीं मिलती। सोचती हूँ, जेल के घुटन भरे माहौल में पल पल काटते अपने बाईस साल के युवा बेटे के बारे में उसके पिता की खामोश पीडा के बारे में। “ इस निराशा के बीच वो उम्मीद की किरण कहाँ से ढूँढ कर लाती है- सुनिए कहनी “नयी सम्भावनाओ का आकाश मे”
कहानी में मनसुख कवि बनना चाहता है किंतु कविता लिखने का उसे कोई अभ्यास नहीं है वह अपने गुरु से कविता लिखने के गुण सीखता है उसे भाव विहीन शब्दों से उसके द्वारा लिखी गई कविता को पुरस्कार भी प्राप्त हो जाता है इसी बात पर व्यंग करते हुए पल्लवी त्रिवेदी जी की एक कहानी मनसुख कवि कैसे बने अमित तिवारी जी की आवाज में
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