निशिकांत एक मध्यमवर्गीय ,सुंदर व्यक्ति है | निशिकांत सरकारी दफ्तर में काम कर रहा है |साहित्य में निशिकांत को विशेष रूचि है | उसका सरकारी नौकरी में विशेष मन नहीं लग रहा है |उसका स्वप्न है कि वह भारत मां की सेवा करें |क्या निशिकांत का यह सपना पूरा हो पाता है ? निशिकांत के जीवन में आखिर क्या क्या चल रहा है ? और वह अपने सपने को पूरा करने के लिए क्या प्रयत्न कर रहा है ?इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं विष्णु प्रभाकर की कहानी निशिकांत का स्वप्न नयनी दीक्षित आवाज में
निशिकांत लेखक बनना चाहता है हिंदी के प्रति उसका असीम प्रेम उसे यह करने की प्रेरणा दे रहा है किंतु निशिकांत द्वारा लिखी गई पहली कहानी अपने मित्र को दिखाता है तो मित्र उसकी कहानी को किसी बड़े लेखक की कहानी की नकल बताता है अब ऐसे में निशिकांत का क्या आत्मविश्वास डगमगा जाता है या फिर से कोशिश करता है विष्णु प्रभाकर के द्वारा लिखी गई कहानी जानते हैं
मृत्यु जीवन का एकमात्र सत्य है| प्रसव के बाद निशिकांत की पत्नी रजनी मृत्यु और जीवन के बीच में संघर्ष करती हुई अस्पताल में भर्ती है| रजनी के जीवन की डोर किस बात से बंधी है और निशिकांत के कौन से झूठ का सहारा लेकर रजनी के जीवन की डोर को पकड़ने की चेष्टा कर रहा है?| भावुक कर देने वाली विष्णु प्रभाकर की कहानी कितना झूठ में जानने के लिए सुनते हैं नयनी दिक्षित की आवाज में
कहानी में दो अनजान लोग जब विवाह का बंधन बन जाता है ऐसे में क्या होता है ?इस इस बात को कहानी की मुख्यधारा में शामिल किया गया है|कहानी के मुख्य पात्र निशिकांत का विवाह एक साधारण रंग -रूप की युवती रजनी से हुआ है |दोनों पूरी तरीके से एक दूसरे से अपरिचित है| निशिकांत के मन में अपनी नवविवाहिता के लिए कई प्रश्न गूंज रहे हैं जैसे उसका व्यवहार कैसा होगा ?उसके साथ जीवन की दौड़ में सहारा बन पाएगी ? आदि -आदि | इन सब के बीच एक बात और जुड़ी हुई है |वह क्या है ?इसे जानने के लिए सुनते हैं विष्णु प्रभाकर के द्वारा लिखी गई कहानी अपरिचित नयनी दीक्षित की आवाज में|
निशिकांत एक सरकारी दफ्तर में कार्यरत है |12 साल की नौकरी में बहुत खुश नहीं है| अपनी योग्यता के हिसाब से ही पद की इच्छा रखता है | वास्तव में उसकी इच्छा अपने देश की स्वतंत्रता में योगदान देने की है| ऐसे में आखिर उसके साथ क्या होता है ?क्या होता है आगे निशिकांत की जीवन में ?जानने के लिए सुनते हैं विष्णु प्रभाकर की द्वारा लिखी गई कहानी अरुणोदय, नयनी दीक्षित की आवाज में
निशिकांत पंडित नंद राम बाबू जी के यहां किराएदार के तौर पर रह रहे हैं |पंडित जी की बड़ी-बड़ी आंखें हमेशा निराशा ,अभिमान और क्रोध से तमतमायी सी रहती है अपनी मान्यताओं किसी भी कीमत पर समझौता नहीं कर सकते और पंडित जी स्वभाव कुछ बेबाक किस्म का है इस वजह से सभी लोग उनसे कन्नी काटते हैं |निशिकांत भी पंडित जी के स्वभाव को से हमेशा खिन्न सा रहता है किंतु निशिकांत के जीवन में ऐसी घटना घटी है तब उन्हें सिवाय पंडित जी के अलावा कोई साथ देने वाला नहीं नजर आया |ऐसा क्या हुआ था निशिकांत के जीवन में ?पंडित जी ने किस प्रकार निशिकांत की उस समय मदद करी ? विष्णु प्रभाकर के द्वारा लिखी गई रोचक कहानी पंडित जी ,जानते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में
डायल 100 – महेश दुबे – नयनी दीक्षित
मुंबई महानगर में एक शातिर कातिल हर बार खून कर खुद ही पुलिस को Dial 100 कर जानकारी देता है| मगर यह कातिल अभी तक पकड़ में नहीं आया| इंस्पेक्टर सुधीर और त्यागी उसे जल्द से जल्द पकड़ लेना चाहते हैं परंतु अभी उन्हें कोई सबूत नहीं मिल पाया |कौन है वह Serial Killer ? लोगों का खून करने के पीछे उसका क्या मकसद हो सकता है?महेश दुबे जी के द्वारा लिखी Mysteries and Thrillers से भरपूर कहानी Dial 100 सुनते हैं नए नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
तभी अचानक परेशान और भयभीत 3 लड़कियां मेरे पीछे आ रही थी |अचानक से 20 वर्ष की लड़की ने मेरी बांह पकड़ ली और मेरे कान में कुछ फ़ुसफुसाया और मुझसे कहा मैं उसे बचा लूँ। कहानी के नायक ने उस लड़की से पूछा कि आखिर उसके साथ क्या घटित हुआ है इन परिस्थितियों में कैसे फंस गई? कहानी के नायक को क्या कहानी क्या कहानी सुनाई ? इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं गाय दी मोपासां की कहानी एक अभागिन,नयनी दीक्षित की आवाज में …
क़त्ल का राज़ – महेश दुबे – नयनी दीक्षित
कहानी में गुरूबख़्श मंगतानी सेठ का कत्ल हो जाता है ।इस कत्ल का इल्जा़म उसका दोस्त बाबलानी अपने ऊपर ले लेता है। किंतु जब कहानी से कई राज़ की परतें खुलती है तो क्या वास्तव में बाबलानी सेठ मंगतानी का कातिल होता है या कोई ?और अगर कोई और है तो बाबलानी ने अपने ऊपर इल्जा़म क्यों ले क्यों लिया? बेहद रोमांचक और रहस्य से भरपूर कहानी जानिए नयनी दीक्षित की आवाज़ में ,लेखक महेश दुबे की लिखी कहानी कत्ल का राज में आखिर क्या होता है?
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
शोलागढ़ @34 किलो मीटर में अभिनेत्री शेयाली की मौत एक राज़ बनी हुई है। अभिनेत्री शेयाली के बॉयफ्रेंड विक्रम पर भी शक की सुई जा रही है लेकिन कुछ पक्का नहीं है ।खुफिया पड़ताल में पता लगता है कि शलेष अलंकार की हॉरर फिल्म शोलागढ़@34 किलोमीटर में काम करने वाली थी। सलीम और सोहराब शेयाली के बॉयफ्रेंड विक्रम से मिलने गए तो वहां सलीम को अपनी खोई हुई लूसी बिल्ली मिल गई इसके पीछे की क्या राज़ है .जब सलीम उसी होटल में गया वहाँ कौन सा ऐसा शख्स मिला जिसको देखकर सलीम को अपना भेष बदलना पड़ा। शेयाली द्वारा लांच किया गया मोबाइल ऐप का क्या मामला है? क्या शेयाली की लाश मिल पाई ?ऐसे ही बहुत से रहस्यों से पर्दा उठाने के लिए सुनिए शोलागढ़लग@34 किमी का दूसरा भाग, नयनी दीक्षित की आवाज़ में..
कुएँ का राज – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
200 साल पुरानी एक कोठी, एक बहुत ही पुरानी इमारत और उसके अंदर एक कुआं ।जिसके राज़ को वहां के बाशिंदे आज तक नहीं जान पाए ।ऐसी कौन सी बातें हैं उस कुंए की?जिसे सॉल्व करने के लिए वहाँ पर रहने वाले लोगों को इंस्पेक्टर फ़रीदी की मदद लेनी पड़ी ।घर के अंदर से आती हुई जानवरों की चीखें ,रोज मरते जानवर और फिर आखिरकार एक इंसान ।कुंए के अंदर मिली लाशें, किसी भूत का साया है या किसी की चली हुई चाल और आखिर चली हुई चाल है तो क्यों ?यह सारे राज़ अगर आप जानना चाहते हैं तो सुनिए इब्रेसफ़ी के द्वारा लिखी गई कहानियों की सीरीज़ कुंए का राज़ नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
ग़ुलाम देश के लोगो की आखों में जब आज़ादी का सपना होता है तो एक अनपढ़ इंसान भी सपने देखने लगता है , वो सोचने लगता है सब बदल जायेगा , अब वो भी गोरों के बराबर हो जायेगे ,,,और ज़रूरत पड़ने पर इतने सालों से गोरों ने जो अत्याचार किये हैं उसपे , उनका बदला भी वो ले पायेगा , उसके कानो ने नए कानून के बारे में सुना होता है , पर क्या सच में नए कानून से कुछ बदलेगा ? क्या सच में नया कानून आएगा ?
दंगे में सिराजुद्दीन की पत्नी मर जाती है |मरते समय वह अपनी बेटी सकीना को दंगाइयों से दूर रखने के वास्ते सिराजुद्दीन से उसे लेकर भागने के लिए कहती है| सिराजुद्दीन उसे लेकर गाड़ी में बैठता है लेकिन वहां पर वह बेहोश हो जाता है जब उसे होश आता है तो उसे सकीना नजर नहीं आती| क्या हुआ सकीना का ? क्या सिराजुद्दीन अपनी बेटी सकीना को पुनः को ढूंढ पाएगा? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं सआदत हसन मंटो की लिखी कहानी ‘खोल दो ‘, अनुपम ध्यानी की आवाज में
एक ऐसी मुसलमान राजकुमारी की कहानी जिसने अपनी सेना के हिंदु सेनापति के लिए अपना धर्म और राज्य सब छोड़ दिया लेकिन अपने प्रेम को ना प्राप्त कर सकी।
कहानी मंदी में जान सकते हैं कि मंदी के दौर में किस प्रकार ग्राहकों को लुभाने की कोशिश की जा रही है |नायक किस प्रकार इन बातों को अनुभव कर रहा है |जानने के लिए सुनते हैं मोहन राकेश के द्वारा लिखी गई कहानी मंदी ,सुमन वैद्य की आवाज में
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