बचपन कितना मासूम होता है | कहानी 6- 7 साल की छोटी बच्ची की है जिसका खुद का दिया हुआ नाम है रानी मुखर्जी |बच्ची को एक परिवार गोद लेने के लिए आता है किंतु बच्ची इस बात से पूरी तरीके से अनभिज्ञ है | क्या होता है आगे कहानी में जाने के लिए सुनते हैं संध्या त्रिपाठी जी के द्वारा लिखी गई कहानी रानी मुखर्जी की गुड़िया,पूजा श्रीवास्तव की आवाज में आवाज में
अपनी भावी बहू को ले कर मेरे भी कुछ सपने थे, अरमान थे और बेटा अपनी पसंद से शादी करे मुझे उसमें भी कोई एतराज़ नहीं था। मगर जब ध्रुव ने मीतू यानी मैत्रीय को मेरे सामने ला कर खड़ा किया तो उस दुबली पतली , कटे बालों और ज़ींस टी शर्ट वाली लड़की में मैं अपनी बहू देख ही नहीं पा रही थी । शादी के बाद उसने इस घर को बड़ी सहजता से अपना लिया था पर मैं ना जाने क्यों उसको अपना नहीं पा रही थी । ना जाने क्यों उसकी हर छोटी बात भी मुझे नागवार हो जाती थी .” क्या मीतू अपनी सासू माँ को अपने स्नेहबँध में बांध सकी … सुनिए मालती जोशी जी की कहानी स्नेहबँध मे
क्या बड़ी उम्र में होने वाली शादी में
सपनों और भावनाओं की जगह नहीं बचती?
क्या विवाह सिर्फ़ ज़िम्मेदारियों,
समझौतों और ज़रूरतों का नाम भर है?
और क्या उम्र बढ़ जाने के साथ
मन का साथ, अपनापन और सम्मान चाहने का अधिकार भी खत्म हो जाता है?
अंजू इन्हीं सवालों के बीच अपनी ज़िंदगी जी रही थी।
उम्र बढ़ रही थी, इसलिए भाई ने अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हुए उसकी शादी दो बच्चों के विधुर पिता से कर दी।
आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने के बावजूद,
समझौते उसने भी किए…
लेकिन हर समझौते की एक सीमा होती है।
आख़िर ऐसा क्या हुआ
कि अंजू को अपने जीवन का सबसे बड़ा निर्णय लेना पड़ा?
कौन-सी बातें थीं
जिन्होंने उसके स्वाभिमान को भीतर तक झकझोर दिया?
🎧 सुनिए मालती जोशी की संवेदनशील और विचारोत्तेजक कहानी
“बहुरि अकेला” — केवल Gaatha पर।
रक्षाबंधन…एक ऐसा त्योहार, जहाँ कभी खीर की मिठास, मेहंदी की खुशबू, रेशमी राखियों के धागे और भाई-बहन की मासूम नोक-झोंक रिश्तों को और भी खूबसूरत बना देती थी।
लेकिन क्या होता है जब वही रिश्ते बड़े होते-होते औपचारिकताओं, अहंकार, स्वार्थ और दूरियों के बोझ तले दबने लगते हैं?
कविता और शांतनु भाई बहन है |एक समय ऐसा भी था कि दोनों भाई- बहन में असीम प्रेम झलकता था| किंतु आज क्या? क्यों उनके बीच में इतनी दूरियां पैदा हो गई ?
‘आँखों में किरकिराते रिश्ते’ एक भावनात्मक और कड़वी सच्चाई को सामने लाने वाली कहानी है, जो बचपन की निश्छल मोहब्बत से लेकर बड़े होने पर रिश्तों में आती कड़वाहट तक की यात्रा को बेहद संवेदनशील तरीके से दिखाती है।
यह कहानी सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते की नहीं, बल्कि उन बदलते पारिवारिक संबंधों की भी है, जहाँ कभी बिना शर्त वाला प्यार धीरे-धीरे उम्मीदों, हिसाब-किताब और औपचारिक व्यवहार में बदल जाता है।
सुनिए एक ऐसी कहानी, जो शायद आपको अपने ही रिश्तों के आईने से रूबरू करवा दे…
सिर्फ Gaatha पर।
प्रेम में छली गयी स्त्री – ये कहानी है एक अत्यंत सुंदर युवती निम्मी की .. जो वर्षों बाद एक विवाह में शामिल होने वापस अपने घर जा रही है । रास्ते में ट्रेन में उसकी सहयात्री निकलती है उसके बचपन की सखी और फिर याद आती है वो सब बातें जो उस भाग्यवान रूपवती के विवाह निश्चित होने और उसके टूटने की कई घटनाओं से जुड़ी थी । … निम्मी की सहेली ने उसे ऐसा क्या बताया की निम्मी ने आधे रास्ते से ही वापसी कर ली। क्यों नहीं जा पायी निम्मी फिर उस घर में वापस ….
नाहर एक हिंदुस्तानी युवक है उसने एक विदेशी लड़की कैथी से विवाह किया है और विवाह के बाद जो विदेश में ही रहने लगा | कैथी ने इस विवाह को लेकर नाहर के सामने एग्रीमेंट कराया है | एग्रीमेंट नाहर के लिए एक जी का जंजाल साबित हो रहा है |क्या होगा आगे कहानी में नाहर और कैथी का विवाह टिक पाएगा| जानने के लिए सुनते हैं सुदर्शन प्रियदर्शिनी की लिखी कहानी आचार संहिता, निधि की आवाज में..
साँस लेना भी कैसी आदत है जीये जाना भी क्या रवायत है कोई आहट नहीं बदन में कहीं कोई साया नहीं है आँखों में पाँव बेहिस हैं, चलते जाते हैं इक सफ़र है जो बहता रहता है कितने बरसों से, कितनी सदियों से जिये जाते हैं, जिये जाते हैं आदतें भी अजीब होती मोहनलाल की जीवन को दर्शाती यह कहानी विभिन्न पड़ाव से गुजरती हुई अब चरण में पहुंच चुकी है जब उस चरण में पहुंच गई है जब वहअपनी जीवन को समाप्त करना चाह रहा है | कैसी थी उसकी जीवन यात्रा ?? इस मार्मिक कहानी को सुनते हैं अमित तिवारी जी की आवाज में, मीरा राम निवास द्वारा लिखी कहानी जीवन यात्रा
यह कहानी कृषक वर्ग की चुनौतियों को हमारे सामने रखती है जिसके चलते उन्हें कई बार अपनी जान तक देनी पड़ती है।
मीराबाई के पद संकलन से लिया गया प्रसंग जिसमें मीराबाई कृष्ण जी से कह रही है आपको पाने की खातिर मैंने सभी सुखों का त्याग कर दिया है
Reviews for: Rani Mukharji Ki Gudiya (रानी मुखर्जी की गुड़िया)