6 नवंबर 1861 को कनाडा के ओंटारियो में अलमोंटे शहर में जेम्स नाइस्मिथ का जन्म हुआ। उन्होंने मैकगिल यूनिवर्सिटी से शारीरिक शिक्षा में ग्रेजुएशन किया। साल 1959 को स्प्रिंगफील्ड, मैसाचुसेट्स में जेम्स नाइस्मिथ को बास्केटबॉल हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। खेल को ऐसे समय में पेश किया गया, जब स्कूलों को अलग कर दिया गया था।
31 अक्टूबर, 2019 — जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 लागू हुआ। दोनो केंद्रशासित प्रदेशों के उप-राज्यपालों को जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा पद की शपथ दिलवाई गई
4 अक्टूबर 1977 जब अटल बिहारी वाजपेई विदेश मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल रहे थे, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण देकर हिंदी भाषा का परचम लहराया ।भाषण के बाद UNGA का सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा ।
अमेरिका ने ऑपरेशन इंड्योरिंग फ्रीडम के तहत 7 अक्टूबर को अफगानिस्तान में हवाई हमला शुरू किया. नवंबर-दिसंबर में 1300 अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान पहुंचे
संयुक्त राष्ट्र की इस विशेष संस्था का गठन 16 नवम्बर 1945 को हुआ था। इसका उद्देश्य शिक्षा एवं संस्कृति के अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से शांति एवं सुरक्षा की स्थापना करना है, ताकि संयुक्त राष्ट्र के चार्टर में वर्णित न्याय, कानून का राज, मानवाधिकार एवं मौलिक स्वतंत्रता हेतु वैश्विक सहमति बने।
स्वतंत्रता सेनानी वीर चंद्र गढ़वाली अपने सांप्रदायिक सौहार्द के लिए मशहूर रहे। जब अंग्रेजों ने निहत्ते पठानों पर गोली चलाने का आदेश दिया तो वीर चंद्र गढ़वाली ने गोली चलाने से मना किया तो इन्हें फांसी की सज़ा ब्रिटिश हुकूमत ने सुना दी। ‘पेशावर कांड के नायक’ के रूप में प्रसिद्ध वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की स्मृति में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना की शुरुआत की गई।
आपको चित्तौर का सिंहासन सुखद हो, देश की श्री-वृद्धि हो, हिन्दुओं का सूर्य मेवाड़-गगन में एक बार फिर उदित हो। भील, राजपूत, शत्रुओं ने मिलकर महाराणा का जयनाद किया, दुन्दुभि बज उठी। मंगल-गान के साथ सपत्नीक हम्मीर पैतृक सिंहासन पर आसीन हुए। अभिवादन ग्रहण कर लेने पर महाराणा ने महिषी से कहा-क्या अब भी तुम कहोगी कि तुम हमारे योग्य नहीं हो?इस पूरी कथा को जाने के लिए सुनते हैं जयशंकर प्रसाद के द्वारा लिखी गई कहानी चित्तौड़ निधि मिश्रा की आवाज में
धीरेंद्र अस्थाना की कहानी चीख में, एक अबोध बालक के मन पर मारपीट का प्रभाव उसके जीवन को कहां तक उधर- पुथल के रास्ते पर ले जा सकता है ? इन बातों का प्रभाव एक छोटे से बच्चे के मन पर पड़ता है जो युवा होने के बाद भी उसका पीछा नहीं छोड़ता और किस तरफ अपना मानसिक संतुलन खो बैठता है | यह कहानी समाज के सामने एक प्रश्न रखती है कि क्या इस तरह की चीजों से निपटना सामाजिक दायित्व नहीं है?
सुभागी तुलसी महतो और लक्ष्मी की बेटी है जब वह मात्र 11 वर्ष की थी तब से वह विधवा है| सुभागी बेहद मेहनती और संस्कारी लड़की है |तुलसी महतो का पुत्र रामू आलसी और कामचोर है | रामू पिता से बटवारा करवा लेता है | सुभागी अपने मां-बाप की जिम्मेदारी लेती है |मां- बाप के मरने के बाद उसके जीवन में क्या बदलाव आता है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद जी के द्वारा लिखी गई कहानी सुभागी भूपेश पांड्या की आवाज में
Reviews for: James Naismith – 6 Nov