9 अक्टूबर 1949 आधुनिक प्रादेशिक सेना का गठन किया गया। प्रादेशिक सेना अधिनियम 1948 में पारित होने के बाद इसका गठन किया गया। पहले गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी ने इसका उद्घाटन किया ।1962 ,1965 और 1971 के सैन्य अभियानों में इसकी सक्रिय रूप से इसे शामिल किया गया। रक्षा से जुड़ी कई ज़िम्मेदारियां निभाने में प्रादेशिक सेवा का अहम भूमिका रही है ।आतंक विरोधी अभियान में सेना की मदद ली जाती रही है। कपिल देव और महेंद्र सिंह धोनी भी प्रादेशिक सेना का हिस्सा हैं।
ऑपरेशन पवन: श्रीलंका की धरती पर भारतीय सेना का खतरनाक मिशन|इस मिशन के बाद भारतीय सेना ने लिट्टे को काफी हद तक कमज़ोर कर दिया था. 1987 था जब भारतीय शांति सेना ने श्रीलंका में जाफना को लिट्टे के कब्जे से मुक्त कराने के लिए ऑपरेशन पवन शुरू किया था।
गणेश वासुदेव मावलंकर भारतीय स्वतंत्रता सेनानी एवं भारतीय लोकसभा के प्रथम अध्यक्ष थे। उन्हें ‘दादासाहेब’ के नाम से भी जाना जाता था। वे अहमदाबाद लोकसभा क्षेत्र से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य के रुप में लोकसभा में निर्वाचित हुये थे। उन्होने भारतीय संसदीय संस्थान में एक उत्कृष्ट वक्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई।
यह विचार 2 अगस्त 2000 में साकार हुआ, जब संसद में झारखंड को अलग राज्य का दर्जा देने का बिल पास हुआ और 2000 में ही 15 नवंबर को झारखंड भारत का 28वां राज्य बनाया गया|
27 वर्ष की आयु में ही चंद्रशेखर की खगोल भौतिकीविद के रूप में अच्छी धाक जम चुकी थी। उनकी खोजों से न्यूट्रॉन तारे और ब्लैक होल के अस्तित्व की धारणा कायम हुई जिसे समकालीन खगोल विज्ञान की रीढ़ प्रस्थापना माना जाता है।
खगोल भौतिकी के क्षेत्र में डॉ॰ चंद्रशेखर, चंद्रशेखर सीमा यानी चंद्रशेखर लिमिट के लिए बहुत प्रसिद्ध हैं। चंद्रशेखर ने पूर्णत गणितीय गणनाओं और समीकरणों के आधार पर `चंद्रशेखर सीमा’ का विवेचन किया था और सभी खगोल वैज्ञानिकों ने पाया कि सभी श्वेत वामन तारों का द्रव्यमान चंद्रशेखर द्वारा निर्धारित सीमा में ही सीमित रहता है।
विश्व पोलियो दिवस मनाने की शुरुआत रोटरी इंटरनेशनल ने की है। इसकी शुरुआत पोलियो टीका की खोज करने वाली टीम के सदस्य जोनास साल्क के जन्मदिन पर की गई है। पोलियो वैक्सीन की खोज साल 1955 में की गई थी। वहीं, पोलियो संक्रमितों के सबसे अधिक मामले साल 1980 में देखे गए थे
SSC Aspirants को इस Mindset के साथ पढ़ना चाहिए📋💯 – Vikrant Rajawat – Josh Talks Hindi
मनोहर लाल जब मंत्री बने तो उन्होंने जनता के सामने जिन बातों का वादा किया |क्या वह खुद उन बातों पर अडिग रहे? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं सुभाष नीरव के द्वारा लिखी गई कहानी रंग परिवर्तन ,शिवानी आनंद की आवाज में
“मेरे घर से बाहर के रास्ते में कई बाजार और गलियां पड़ती थी | जहां मेरी आंखों ने देखा कई दिनों से बना पाकिस्तान अब जिंदाबाद हुआ है |” लेखक सआदत हसन मंटो ने हिंदुस्तान -पाकिस्तान बंटवारे के बाद जब पाकिस्तान गए ,तो वहां की स्थिति से रूबरू हुए | जो उन्हें बेहद जो बेहद अचंभित कर देने वाली थी |सुनते हैं अनुपम ध्यानी की आवाज में यह पूरा वृतांत “सवेरे जो कल मेरी आंख खुली “……
भगत सिंह, राज गुरु और सुखदेव की अंतिम रात की कहानी
Reviews for: Pradeshik Sena – 9 Oct