रूहानी इश्क का नाम सुना है आपने ।ऐसा इश्क जो समय के साथ फीका नहीं पड़ता |जो कभी ना मिलकर भी हमेशा साथ रहता है |उषा राजे सक्सेना जी की कहानी आपको रूबरू कराएगी इससे ऐसी की दास्तान से ,पूजा श्रीवास्तव की आवाज में…
तान्या— आज के वक़्त की एक पढ़ी लिखी स्वावलंबी लड़की है . माता पिता से दूर एक बड़े शहर में अच्छी नौकरी करती है। वो आजकल के तौर तरीक़ों यानी की जब तक हो सके शादी बच्चे जैसी जिम्मेदारियो से अलग एक स्व्छन्द जीवन जीना चाहती है । माता पिता अक्सर उसके विवाह की बात छेड़ते रहते है और वो टालती रहती है । फिर ऐसा क्या होता है की रिश्तों से दूर भागने वाली तान्या बदलने लगती है ? कहानी तान्या दीवान में आपको हम सबको ज़िंदगी की बड़ी सामयिक झलक दिखेगी
कहानी में नायिका संजय से बहुत प्रेम करती है| नायिका को कोलकाता एक इंटरव्यू के सिलसिले में जाना है वहां उसका एक पुराना प्रेमी निशिथ रहता है|जिसे नायिका अब बहुत पीछे छोड़ चुकी है कोलकाता में नायिका की मुलाकात निशिथ से होती है निशिथ नायिका की हर तरीके से मदद करता है क्या वह निशिथ का प्रेम है या कुछ और? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं मन्नू भंडारी द्वारा लिखी गई कहानी यही सच है ,पूजा श्रीवास्तव की आवाज में आवाज में
एक महाशय का सिद्धांत यह है किचमड़ी जाए, पर दमड़ी ना जाए| अब ऐसे महाशय को किसी लड़की से प्रेम हो जाता है| अब उनके इस व्यवहार के कारण यह रिश्ता कितनी दूर तक जाता है |जानने के लिए सुनते हैं अर्चना चतुर्वेदी की लिखी कहानी एक कंजूस की प्रेम कहानी ,पूजा श्रीवास्तव की आवाज में….
जीवन में रिश्ते नहीं ,रिश्तो में जीवन ढूंढो| कनक के पिता की मृत्यु हो चुकी है और कनक विदेश से कानपुर अपनी मां के पास आई है, उसके आने का मकसद अपने एक पिता और उनके दोस्त गुप्ता जी के साझा खरीदे हुए प्लॉट को बेचने का भी है |किंतु कहानी के प्रसंग में ऐसा भी आता है कि कनक अपना इरादा बदल देती है| कहानी का वह प्रसंग क्या है ?क्या कनक पर अपने पिता की परवरिश का रंग चढ़ा हुआ है? पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं नीतू मुकुल के द्वारा लिखी गई कहानी, “रंग जो छूटे नाहि” पूजा श्रीवास्तव की आवाज में….
राब की करामात एक हास्य कहानी है। सुनिए ससुराल मे एक शर्मीले दामाद जी का क्या हाल हुआ जब उन्हें राब यानी की खीर बहुत पसंद आ गयी !!
कहानी में दो जिगरी दोस्त मक्खन और प्रवीण एक दूसरे से काफी समय के बाद मिलते हैं | प्रवीर ,मक्खन से उसकी निजी जिंदगी में उसकी पत्नी लाली के बारे में जानना चाह रहा है |मक्खन ,प्रवीर को क्या बतलाता है? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं कमलेश भट्ट के द्वारा लिखी गई कहानी, चिट्ठी आई है “”,पूजा श्रीवास्तव की आवाज में …
दिनांक की किताब का विमोचन होना था उसने इस कार्यक्रम हेतु कुछ प्रतिष्ठित लोगों को बुलाने का मन बनाया किंतु समस्या यह थी उन लोगों की आपस में बनती नहीं थी इस बात का प्रभाव किस प्रकार दिनांक किताब के विमोचन पर पड़ा जाने के लिए सुनते हैं अभिज्ञात द्वारा लिखी गई कहानी अंदर की मौत अमित तिवारी जी की आवाज में
अनंत और ज्योति चांदनी रात में ताजमहल की आलौकिक सुंदरता हो निहार रहे हैं इसी से अभिभूत होकर अनंत और ज्योति उसकी सुंदरता में खो जाते हैं इस प्यार के स्मारक में उनके बीच क्या वार्तालाप चल रही है और वह क्या महसूस कर रहे हैं जानते हैं अब यह की लिखी कहानी ताज की छाया में भूपेश पांडे की आवाज में
कहानी की नायिका का शिशिर के साथ प्रेम विवाह हुआ है| शिशिर पेशे से कवि है |लेकिन विवाह के उपरांत जब कहानी की नायिका स्वयं एक लेखिका बन जाती है ,तब से शिशिर का व्यवहार नायिका के प्रति बेहद वीभत्स हो जाता है | आखिर क्यों ?दिल को छू लेने वाली सिनीवाली की कहानी है पेंडुलम, सुनते हैं निधि मिश्रा की आवाज में….
काकी कहा करती थीं कि लोग मर जाते हैं लेकिन वास्तव में वे मरते नहीं हैं। बस चोला बदल जाता है। तुम्हारे काका भी मरे नहीं हैं। यहां उनका समय पूरा हो गया था, दाना पानी उठ गया था, इसलिए चले गये। हमें भी साथ ही जाना था, लेकिन हमारा टिकट कहीं खो गया है। दूत लोग ढूंढ रहे होंगे। मिलेगा तैसे ही हमें भी जाना है। ये हां इंतजार कर रहे होंगे। तुम्हारे काका हमसे कहे थे कि हम चल रहे हैं तुम आना। एक वृद्धा है जिसे सब काफी कहते हैं अपने पति की मृत्यु के बाद उसका जीवन कैसा हो जाता है किस प्रकार अपने पति की यादों को सहेज कर रखना चाहती है कृष्णकांत जी के द्वारा लिखी गई कहानी काकी में सुनते हैं अमित तिवारी जी की आवाज
मगर तुम यह कैसे कह सकती हो कि जहां तुम जाकर रहोगी, वहां हर चीज़ वैसी ही होगी जैसी तुम चाहती हो मैं तो समझता हूं कि इन्सान जहां भी चला जाए, अच्छी और बुरी तरह की चीज़ें उसे अपने आसपास मिलेंगी ही सूचना विभाग में काम करने वाली महिला मिस पाल की कहानी है मिस कॉल को अपने ऑफिस का माहौल कुछ नहीं आता संगीत और चित्रकला की शौकीन मिस कॉल ऑफिस छोड़कर एक नए शांतिप्रिय स्थान जाना चाहती है मिस पाल आती है क्या होता है पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं मोहन राकेश की लिखी कहानी मिस पाल अमित तिवारी जी की आवाज में
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