रूहानी इश्क का नाम सुना है आपने ।ऐसा इश्क जो समय के साथ फीका नहीं पड़ता |जो कभी ना मिलकर भी हमेशा साथ रहता है |उषा राजे सक्सेना जी की कहानी आपको रूबरू कराएगी इससे ऐसी की दास्तान से ,पूजा श्रीवास्तव की आवाज में…
तान्या— आज के वक़्त की एक पढ़ी लिखी स्वावलंबी लड़की है . माता पिता से दूर एक बड़े शहर में अच्छी नौकरी करती है। वो आजकल के तौर तरीक़ों यानी की जब तक हो सके शादी बच्चे जैसी जिम्मेदारियो से अलग एक स्व्छन्द जीवन जीना चाहती है । माता पिता अक्सर उसके विवाह की बात छेड़ते रहते है और वो टालती रहती है । फिर ऐसा क्या होता है की रिश्तों से दूर भागने वाली तान्या बदलने लगती है ? कहानी तान्या दीवान में आपको हम सबको ज़िंदगी की बड़ी सामयिक झलक दिखेगी
“ अपनी भावी बहू को ले कर मेरे भी कुछ सपने थे, अरमान थे और बेटा अपनी पसंद से शादी करे मुझे उसमें भी कोई एतराज़ नहीं था। मगर जब ध्रुव ने मीतू यानी मैत्रीय को मेरे सामने ला कर खड़ा किया तो उस दुबली पतली , कटे बालों और ज़ींस टी शर्ट वाली लड़की में मैं अपनी बहू देख ही नहीं पा रही थी । शादी के बाद उसने इस घर को बड़ी सहजता से अपना लिया था पर मैं ना जाने क्यों उसको अपना नहीं पा रही थी । ना जाने क्यों उसकी हर छोटी बात भी मुझे नागवार हो जाती थी .” क्या मीतू अपनी सासू माँ को अपने स्नेहबँध में बांध सकी … सुनिए मालती जोशी जी की कहानी स्नेहबँध मे
उसी रात माँ ने देर रात तक बात की जिसका सार था कि मेरे मरुस्थल से जीवन में वही एक हरा-भरा कोना है। और है ही क्या मेरे जीने की वजह तू या वह। मैं कुछ समझी, कुछ नहीं। प्रेम में शक्ति होती है जो किसी मरुस्थल को भी हरा भरा कर सकता है| इस बात का रहस्य एक लड़की को तब समझ में आता है जब मैं खुद उस दौर से गुजरती है |कहानी में एक लड़की अपनी मां को हमेशा बुझा -बुझा सा पाती है किंतु धीरे-धीरे किंतु उनके चेहरे की रौनक बढ़ने लगती है इसके साथ ही साथ लड़की के मन में कई प्रश्न जन्म लेते हैं पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं मनीषा कुलश्रेष्ठ द्वारा लिखी गई कहानी प्रश्न का पेड़,पूजा श्रीवास्तव की आवाज में
अखाड़े: कुंभ मेले की आत्मा
कुंभ मेले की पहचान सिर्फ स्नान और आध्यात्मिकता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके केंद्र में हैं अखाड़े, जो सनातन धर्म की परंपरा, साधना और शौर्य का प्रतीक हैं।
अखाड़ों का महत्व:
अखाड़े विभिन्न संत परंपराओं और साधुओं के संगठन हैं। ये न केवल धर्म की रक्षा करते हैं, बल्कि समाज को ज्ञान, योग, और भक्ति का मार्ग दिखाते हैं।
⚔ आध्यात्म और शौर्य का संगम:
अखाड़ों में साधु अपने शारीरिक और मानसिक बल का प्रदर्शन करते हैं। वे कुंभ मेले में अपने धर्मध्वज के साथ प्रवेश करते हैं, जिसे शाही स्नान के रूप में जाना जाता है।
🕉 प्रमुख अखाड़े:
जैसे जूना अखाड़ा, निरंजनी अखाड़ा, महानिर्वाणी अखाड़ा आदि। हर अखाड़े की अपनी परंपरा और इतिहास है।
गाथा के साथ जानिए अखाड़ों की कहानियां, उनकी परंपराएं और कुंभ मेले में उनके योगदान की अद्भुत गाथा।
कहानी में नायिका का पति कहीं दूर चला गया है|समाज एक अकेली स्त्री को मात्र बस एक ‘देह’ समझता है और नायिका इन्हीं परिस्थितियों से गुजर रही है| यह परिस्थितियां नायिका को एक लिजलिजा एहसास का अनुभव करा रही है | जानते हैं मनीषा कुलश्रेष्ठ द्वारा लिखी गई कहानी “”एक लिजलिजा एहसास “,पूजा श्रीवास्तव की आवाज में..
Kuch Dilchasap baaten aur Sdabhar Naggmen With Pooja
तान्या— आज के वक़्त की एक पढ़ी लिखी स्वावलंबी लड़की है . माता पिता से दूर एक बड़े शहर में अच्छी नौकरी करती है। वो आजकल के तौर तरीक़ों यानी की जब तक हो सके शादी बच्चे जैसी जिम्मेदारियो से अलग एक स्व्छन्द जीवन जीना चाहती है । माता पिता अक्सर उसके विवाह की बात छेड़ते रहते है और वो टालती रहती है । फिर ऐसा क्या होता है की रिश्तों से दूर भागने वाली तान्या बदलने लगती है ? कहानी तान्या दीवान में आपको हम सबको ज़िंदगी की बड़ी सामयिक झलक दिखेगी
रघु और अरुणा दो मासूम बच्चे हैं | रघु के पिता भी विधुर है |दादी उन दोनों बच्चों का ख्याल रखती है |रघु के पिता का पुनर्विवाह मासूम रघु के जीवन में क्या बदलाव लाता है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं राजेंद्र कृष्ण की लिखी बेहद मार्मिक कहानी अतीत की एक ढीठ खिडक़ी पूजा श्रीवास्तव जी की आवाज में
Awoman with great look, good taste was still not getting the attention from her husband. Each day the distance was impacting huge among their relationship that prompted the lady to leave her house.
कहानी चिड़िया घर में चिड़ियाघर की वास्तविकता को बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया है |कहानी जान ने के लिए अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी चिड़ियाघर,सुमन वैद्य जी की आवाज में
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