एक बार एक ज्योतिषी अपनी विद्या का बखान बढ़-चढ़कर अपने दोस्त से कर रहा था| विक्रमादित्य ने उस ज्योतिषी की बात को सुन लिया और उसकी विद्वता की जाँच के लिए उन्होंने क्या किया ?इसे जानने के लिए सुनते हैं सिंहासन बत्तीसी की कहानियों में से एक कहानी बीसवीं पुतली ज्ञानवती राजा विक्रमादित्य तथा ज्ञानियों की कद्र, शिवानी आनंद की आवाज में
एक बार राजा विक्रमादित्य ने एक युवक- युवती के प्राण नदी के बहाव से बचाने के पश्चात विक्रमादित्य को ज्ञात हुआ कि वे युवक –युवती, भाई -बहन है| विक्रमादित्य ने उस युवती को अपनी मुंह- बोली बहन के रूप मंो स्वीकार कर लिया अब विक्रमादित्य ने किस प्रकार अपनी मुंह- बोली बहन का विवाह योग्य व्यक्ति से कराया? इसके पीछे की कहानी जानने के लिए सुनते हैं इसी की कहानियों में से एक कहानी उन्तीसवीं पुतली मानवती राजा विक्रम की बहन की शादी, शिवानी आनंद की आवाज में..
समय द्वारा अपने मनोरंजन के लिए वायु. जल, अग्नि और कई प्रकार के जीवों के उपरांत मनुष्य के बनाए जाने की कथा।
यह एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जो अपनी बाल विधवा पड़ोसन से प्रेम तो करता है किंतु समाज और अन्य भय से कह नहीं पाता। वहीं उसका एक मित्र जो कि उसी से कविताएं सीखने आता है, उसी की लिखी कविताएं सुनाकर उसकी पड़ोसन से प्रेम विवाह कर लेता है।
राजा भोज को राजा विक्रमादित्य के देवताओं वाले गुणों की कथाएँ सुनकर उन्हें ऐसा लगा कि इतनी विशेषताएँ एक मनुष्य में असम्भव हैं और मानते हैं कि उनमें बहुत सारी कमियाँ है। अत: उन्होंने सोचा है कि सिंहासन को फिर वैसे ही उस स्थान पर गड़वा देंगे जहाँ से इसे निकाला गया है। सिंहासन के गड़वा पुनः देने के पश्चात आगे क्या हुआ ?इसे जानने के लिए सुनते हैं सिंहासन बत्तीसी की कहानियों में से एक कहानी बत्तीसवीं पुतली रानी रूपवती, शिवानी आनंद की आवाज में..
एक युवक एक राजकुमारी से प्रेम करता है और विवाह करना चाहता है किंतु राजकुमारी का विवाह उसी से हो सकता है जो खोलते हुए तेल से सकुशल लौट आए| इस बात से हताश युवक की राजा विक्रमादित्य किस प्रकार मदद करते हैं पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में सिंहासन बत्तीसी की कहानियों में से एक कहानी सिंहासन बत्तीसी-दसवीं पुतली – प्रभावती
चौथी पुतली कामकंदला की कथा से भी विक्रमादित्य की दानवीरता तथा त्याग की भावना का पता चलता है कैसे ?पूरी कहानी जानने के लिए के लिए सुनते हैं सिंहासन बत्तीसी की कहानी सिंहासन बत्तीसी-चौथी पुतली कामकंदला शिवानी आनंद की आवाज में…
विक्रमादित्य के सिंहासन की दूसरी पुतली चित्रलेखा द्वारा सुनाई गई कहानी जिसमें एक साधु विक्रमादित्य को एक फल देता है और उसे एक यशस्वी पुत्र की प्राप्ति होने का वरदान देता है |क्या है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में कहानी विक्रम और बेताल की कहानियों में से एक कहानी सिंघासन बत्तीसी -दूसरी पुतली चित्रलेखा
वास्तव में सच्ची प्रेमिका अपने प्रेमी से प्रेम करती हैं ,ना कि उनके धन से | विक्रमादित्य के राज्य में एक ऐसी प्रेमिका की कहानी है जो अपने प्रेमी की सहायता से अपने निरपराध पति की हत्या कराना चाहती है |आखिर क्यों ?विक्रमादित्य इस पर क्या न्याय देते हैं?इसे जानने के लिए सुनते हैं सिंहासन बत्तीसी की कहानियों में से एक कहानी चौबीसवीं पुतली करुणावती चरित्रहीन स्त्री से प्रेम सिर्फ विनाश की ओर ले जाता है, शिवानी आनंद की आवाज में…
Reviews for: Sinhasan Battisi – twentyth Putli gyanwati (सिंहासन बत्तीसी -बीसवीं पुतली – ज्ञानवती )