शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
श्रेया को अगवा करने वाले लोगों से बचाकर सोहराब ,सलीम और श्रेया कोठी की तरफ चले जाते हैं। मालगाड़ी से सोहराब ,सलीम और श्रेया कहां रवाना हुये ? क्या वज़ह है कि वे टैक्सी से ना जाकर मालगाड़ी से रवाना हुए ?कौन है वह चार लोग जिन्होंने श्रेया को अगवा किया था ?हाशना को किस चीज की तलाश है? श्रेया का पूरे मामले में क्या रोल है ? क्या शेयाली को जंगलियों से आज़ाद कराया जा सका ?ऐसे बहुत से प्रश्नों के राज़ खोलने के लिए सुनते हैं शोलागढ़@34 का यह भाग
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
स्पेक्टर सोहराब और सार्जेंट सलीम का माल- गाड़ी का सफ़र किस मुकाम तक पहुंचा? शूटिंग आखिर क्यों कैंसिल करनी पड़ी? स्टूडियो में वह चार व्यक्ति कौन थे? और वह किस की तलाश में थे ?इसे जानने के लिए सुनते हैं शोलागढ़@34 का यह भाग..
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
शोलागढ़@34किमी. के अंतिम भाग में जान सकेंगे कि शेयाली की मौत का कौन जिम्मेदार है और उसकी मौत के पीछे कीअसली वज़ह क्या थी ?क्या श्रेया , श्लेष अलंकार, विक्रम ,हाशना या फिर कैप्टन किशन या इनके अलावा कोई और है कातिल? सार्जेंट सलीम और इंस्पेक्टर सोहराब ने इस पूरे केस कि गुत्थी कैसे सुलझायी, जानने के लिए सुनते हैं नयनी दीक्षित की आवाज मेंशोलागढ़@34 किलोमीटर का अंतिम भाग…
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
शोलागढ़ @34 किलो मीटर में अभिनेत्री शेयाली की मौत एक राज़ बनी हुई है। अभिनेत्री शेयाली के बॉयफ्रेंड विक्रम पर भी शक की सुई जा रही है लेकिन कुछ पक्का नहीं है ।खुफिया पड़ताल में पता लगता है कि शलेष अलंकार की हॉरर फिल्म शोलागढ़@34 किलोमीटर में काम करने वाली थी। सलीम और सोहराब शेयाली के बॉयफ्रेंड विक्रम से मिलने गए तो वहां सलीम को अपनी खोई हुई लूसी बिल्ली मिल गई इसके पीछे की क्या राज़ है .जब सलीम उसी होटल में गया वहाँ कौन सा ऐसा शख्स मिला जिसको देखकर सलीम को अपना भेष बदलना पड़ा। शेयाली द्वारा लांच किया गया मोबाइल ऐप का क्या मामला है? क्या शेयाली की लाश मिल पाई ?ऐसे ही बहुत से रहस्यों से पर्दा उठाने के लिए सुनिए शोलागढ़लग@34 किमी का दूसरा भाग, नयनी दीक्षित की आवाज़ में..
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
रात के अंधेरे में सोहराब से टकराने वाला व्यक्ति कौन था ?श्रेया को गुस्सा क्यों आ रहा था? शोलागढ़ में क्या गुल खिलने वाले थे? चार आदमी श्रेया को कहां ले जा रहे थे ?सार्जेंट सलीम ने सुबह श्रेया को ना पाकर क्या किया? इंस्पेक्टर सोहराब यहां क्या करने आया था ?ऐसे बहुत से सवालों का जवाब पाने के लिए सुनते हैं उपन्यास का अगला भाग…
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
जंगल में क्या होने वाला था? पेंटिंग की तलाश हर किसी को क्यों थी ?इंस्पेक्टर सोहराब शोलागढ़ क्यों जा रहा है ?सार्जेंट सलीम को कौन मिल गया था? क्या वह किसी नई मुसीबत में फंसने वाला था ?इंस्पेक्टर सोहराब का शोलागढ़ जाने के पीछे क्या मकसद है? ऐसे बहुत से सवालों से पर्दा उठाने के लिए सुनते हैं कहानी का यह भाग
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
विक्रम के खान की लाश शेयाली के बंगले में मिलती है वहां पीले रंग का एक बाल भी मिलता है । क्या असली वज़ह है विक्रम की मौत का? कौन है वह नकाबपोश क्या हुआ हाशना के साथ है? आखिरकार शेक्सपियर कैफे में मिली लड़की रैक्सीना इस पूरे प्रकरण में क्या रोल है? जानने के लिए सुनते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में शोलागढ़@34 किलोमीटर का यह भाग
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
रात के अंधेरे में सोहराब से टकराने वाला व्यक्ति कौन था ?श्रेया को गुस्सा क्यों आ रहा था? शोलागढ़ में क्या गुल खिलने वाले थे? चार आदमी श्रेया को कहां ले जा रहे थे ?सार्जेंट सलीम ने सुबह श्रेया को ना पाकर क्या किया? इंस्पेक्टर सोहराब यहां क्या करने आया था ?ऐसे बहुत से सवालों का जवाब पाने के लिए सुनते हैं उपन्यास का अगला भाग…
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
स्पेक्टर सोहराब और सार्जेंट सलीम का माल- गाड़ी का सफ़र किस मुकाम तक पहुंचा? शूटिंग आखिर क्यों कैंसिल करनी पड़ी? स्टूडियो में वह चार व्यक्ति कौन थे? और वह किस की तलाश में थे ?इसे जानने के लिए सुनते हैं शोलागढ़@34 का यह भाग..
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
शोलागढ़@34किमी. के अंतिम भाग में जान सकेंगे कि शेयाली की मौत का कौन जिम्मेदार है और उसकी मौत के पीछे कीअसली वज़ह क्या थी ?क्या श्रेया , श्लेष अलंकार, विक्रम ,हाशना या फिर कैप्टन किशन या इनके अलावा कोई और है कातिल? सार्जेंट सलीम और इंस्पेक्टर सोहराब ने इस पूरे केस कि गुत्थी कैसे सुलझायी, जानने के लिए सुनते हैं नयनी दीक्षित की आवाज मेंशोलागढ़@34 किलोमीटर का अंतिम भाग…
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
विक्रम और हाशना की दोस्ती उस न्यूड पेंटिंग के कारण है ।विदेशी ने आखिर विक्रम को क्यों बाउंसर के कत्ल में फंसा दिया? आखिर वह क्या चाहता है? क्या इसके पीछे हाशना कहीं कोई हाथ तो नहीं? ऐसे बहुत से राज़ जो अभी खुलने बाकी है सुनिए कहानी का अगला भाग
डायल 100 – महेश दुबे – नयनी दीक्षित
मुंबई महानगर में एक शातिर कातिल हर बार खून कर खुद ही पुलिस को Dial 100 कर जानकारी देता है| मगर यह कातिल अभी तक पकड़ में नहीं आया| इंस्पेक्टर सुधीर और त्यागी उसे जल्द से जल्द पकड़ लेना चाहते हैं परंतु अभी उन्हें कोई सबूत नहीं मिल पाया |कौन है वह Serial Killer ? लोगों का खून करने के पीछे उसका क्या मकसद हो सकता है?महेश दुबे जी के द्वारा लिखी Mysteries and Thrillers से भरपूर कहानी Dial 100 सुनते हैं नए नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
पर्दा किस भावना का अविलंब हो सकता है इस मार्मिक कहानी के माध्यम से महसूस किया जा सकता है। कहानी चौधरी पीर ब़ख्श की की है जो अपनी कम आमदनी में अपने बड़े परिवार का भरण -पोषण कर रहा है ।चौधरी पीर ब़ख्श कर्ज़ में डूबा हुआ है। अपनी इज्जत को किसी तरह पर्दे की आड़ में छुपायें हुए हैं। सुनते हैं क्या होता है जब उसके घर का पर्दा हट जाता है ।ऐसे में चौधरी पीर ब़ख्श की क्या मनोस्थिति होगी ? इसे जानने के लिए सुनते हैं यशपाल के द्वारा लिखी गई कहानी पर्दा, जिसे आवाज़ दी है नयनी दीक्षित ने..
ऐसारक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि कैप्टन रूबी ने पकड़े हुए नौज़वान से गोपाल शंकर के द्वारा बनाई यंत्र से कई तरह के राज़ उगलवा लिए। यह एक यंत्र था जो दिल की धड़कनों के ज़रिए सच और झूठ का पता लगा लेता था। मगर अब तक गोपाल शंकर और नगेंद्र नरसिंह का पता नहीं चल पाया था। आगे क्या किया कैप्टन रूबी ने ?और क्या हुआ ब्रिटिश हुकूमत के साथ सुनिए इस अगले भाग में..।
दु:शासन द्वारा केश खींचने के बाद द्रौपदी रौद्र-रूप धारण कर लेती है| वह सिंहनी के समान गरजती हुई दु:शासन को ललकारती है। द्रौपदी की गर्जना से पूरा राजमहल हिल जाता है। और समस्त सभासद स्तब्ध रह जाते हैं| जैसे ही वे द्रौपदी का चीर हरण करने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाता है द्रोपदी की सतीत्व ज्वाला से पराजित हो जाता है|
धीरेंद्र अस्थाना की कहानी पतन बोध में, इंसान पूरी दुनिया से झूठ बोल सकता है लेकिन क्या वह अपने आप से झूठ बोल सकता है ?इंसान जब अकेला होता है खासतौर पर मानसिक रूप से अकेला तो वह सारे सच उसके सामने आते हैं जिनसे वह सारी जिंदगी बचता रहा है लेकिन यही सच क्या कभी-कभी उसके पतन का कारण बनते हैं या नहीं ?
चट्टानो में आग – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
जासूसी कहानी चट्टानों में आग की पूरी कहानी एक मिलिट्री अफ़सर के इर्द-गिर्द घूमती है ।जो नशीली पदार्थों की तस्करी करने वाला गिरोह है। कर्नल ज़रग़ाम उस गिरोह में जब नहीं शामिल होना चाहता तो उसे धमकियाँ मिलनी शुरू हो जाती है ।ऐसे में परेशान ज़रग़ाम ,कैप्टन फ़ैयाज़ से मदद के लिए लिखता है और कैप्टन फ़ैयाज़ ,इमरान को उसकी मदद के लिए भेजता है क्या इमरान अपनी सूझबूझ से नकली दवाइयां बेचने वाले गिरोह को गिरोह का पर्दाफाश कर पाएगा पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं चट्टानों में आग, नयनी दीक्षित की आवाज में..
बाबू बटुक चंद्र का बेटा किसी के द्वारा अगवा कर लिया जाता है और फिरौती में ₹100000 की मांग की जाती है एक तो बच्चे के अगवा होने के कारण और दूसरा खुद राय साहब ना बन पाने के कारण बटुक चंद बुरी तरह से आहत हो जाते हैं और वह चाह कर भी पुलिस की मदद नहीं ले पाते क्या होगा उनके बेटे का जो अभी तक अगवा है आगे की कहानी जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल
अतृप्त आत्माओं से भरे एक महल की कथा जिसका एक एक पत्थर जिंदा व्यक्तियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
सत्यान्वेषी – Byomkesh Bakshi (व्योमकेश बक्शी) – Nayani Dixit
सबसे पहले कहानी ब्योमकेश बक्शी के संकलन में है सत्यान्वेषी कहानी में सबसे पहली बार व्योमकेश और अजीत बंदोपाध्याय का एक दूसरे से मिलते हैं और एक दूसरे के दोस्त हो जाते हैं |लेकिन व्योमकेश बख्शी अपना इतना बड़ा घर छोड़कर एक सराय में रहने के लिए जाते हैं उन्हें ऐसा क्या पता करना है उस सराय के चारों ओर जो उन्हें अपना इतना बड़ा घर छोड़कर जाना मजबूर करता है और अजीत इसमें ब्योमकेश बक्शी का साथ कैसे देते हैं ?
हेज़ल: क्या तुम्हें मालूम है कि कल रात किसी ने गरीब पीटर को चाकू मार कर कत्ल कर दिया?
एलिज़ाबेथ: मैं यह भी जानती हूँ कि पीटर का कातिल और कोई नहीं, बल्कि तुम्हारा पति रेमंड ही है।
हेज़ल: (हैरान होते हुए) यह नामुमकिन है! मेरे पति तो एक रोड हादसे में मर चुके हैं। वह भला पीटर की हत्या कैसे कर सकते हैं?
वाल्टर: एलिज़ाबेथ! तुम्हें हेज़ल के मरे हुए पति के बारे में ऐसा नहीं कहना चाहिए।
यहां पर कई सवाल उभरते हैं: एलिज़ाबेथ ने हेज़ल के पति रेमंड पर पीटर की हत्या का इल्जाम क्यों लगाया? आखिर यह पीटर कौन है और उसकी हत्या की वजह क्या हो सकती है? रेमंड का पीटर की हत्या से क्या संबंध हो सकता है? अगर रेमंड ने पीटर की हत्या नहीं की, तो असली कातिल कौन है? और एलिज़ाबेथ का रेमंड के साथ क्या रिश्ता है?
इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए सुनिए एरूनिका पार्कर जोन्स द्वारा लिखी गई रहस्यमय कहानी ‘साजिशबाज़ औरत’ शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।
Reviews for: Sholagarh@34km (Part-12)