किसी झूठ की बार- बार पुनरावृत्ति होने पर ,वह सच की भांति प्रतीत होने लगता है किंतु ऐसे समय अपनी बुद्धि का प्रयोग करना अति आवश्यक हो जाता है| ऐसा ही कुछ उस ब्राह्मण के साथ होता हैजब वह अपनी बुद्धि का प्रयोग और अपने पर विश्वास ना करके ठगों के द्वारा ठगा जाता है | किस प्रकार?इसे जानने के लिए सुनते हैं पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी बकरा और ब्राह्मण, शिवानी आनंद की आवाज में…
कर्ण को पिता अधिरथ के समान रथ चलाने की बजाय युद्ध कला में अधिक रुचि थी| कर्ण ,परशुराम जी के पास अपने को ब्राह्मण बता कर युद्ध कला की शिक्षा ले रहे थे, किंतु जब परशुराम को उनके ब्राह्मण ना होने की सच्चाई का पता चला, तब आगे क्या हुआ? इसके पीछे कौन सी कहानी छिपी हुई है? इसे जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी कर्ण को श्राप, शिवानी आनंद की आवाज में…
यह कहानी शिक्षा व्यवस्था पर एक व्यंग्यात्मक कटाक्ष है जिससे हमे यह बोध होता है कि आखिर किस प्रकार उच्च अधिकारियों द्वारा शिक्षा के नाम पर केवल अपने स्वार्थ ही सिद्ध किए जाते हैं।
महा महाभारत युद्ध में जब युधिष्ठिर चारों तरफ से कौरवों की सेना से घिर चुके थे| भीमसेन के पराक्रम ने युधिष्ठिर को किस प्रकार बचाया और उनका पराक्रम कौरवों पर किस प्रकार भारी पड़ा ?पूरा विवरण जानने के लिए सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में महाभारत की कहानियों में से एक कहानी भीम का पराक्रम …
बेताल, विक्रमादित्य से पूछता है कि यदि मां और पुत्री में अगर एक ऐसा रिश्ता बन जाए कि पुत्री अपनी मां की ही सास बन जाए और मां ,अपनी पुत्री की बहू.. तो बताओ राजन् कि माँ-बेटी के जो बच्चे हुए, उनका आपस में क्या रिश्ता हुआ ?क्या विक्रमादित्य बेताल के इस प्रश्न का उत्तर दे पाते हैं ,इसे जानने के लिए सुनते हैं बेताल पच्चीसी की कहानियों में से एक कहानी मां -बेटी के बच्चों में क्या रिश्ता हुआ?, शिवानी आनंद की आवाज में..
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