हरसुंदरी ने मां न बन पाने के कारण अपने पति निवारण का विवाह शेलबाला नाम की किशोरी से तो कर दिया पर उसे क्या पता था कि इसके बाद उसका जीवन इतनी मुश्किलों से भर जाएगा।
हरसुंदरी ने मां न बन पाने के कारण अपने पति निवारण का विवाह शेलबाला नाम की किशोरी से तो कर दिया पर उसे क्या पता था कि इसके बाद उसका जीवन इतनी मुश्किलों से भर जाएगा।
दो भाईयों की ऐसी कहानी जो अपनी पत्नियों के रोज़ रोज़ के झगड़े से आहत हैं। एक दिन खाना मांगने पर न मिलने से क्रुद्ध हो एक भाई अपनी पत्नी के सर पर प्रहार करता है जिससे कि उसकी मृत्यु हो जाती है लेकिन दूसरा भाई सबके सामने बताता है कि खून भाई ने नहीं बल्कि उसकी पत्नी ने किया है क्योंकि उसका मानना है कि पत्नी तो उसे और मिल जाएगी लेकिन भाई तो दूसरा नहीं मिल सकता।
सुभाषिनी नाम की ऐसी लड़की की कहानी जो बोल नहीं सकती, इसलिए उसकी मित्रता भी मूक प्राणियों से अधिक है जिसे बोलने वाले समाज से हमेशा निरादर ही प्राप्त हुआ।
The story shows how the groom side of the family used to take upperhand in every area during a marriage settlement. Sometimes it goes to such extent as exploitation and mental torture.
कादम्बिनी में प्राण तब वापस आए जब उसे जलाने के लिए शमशान में रखकर, लोग लकड़ी लेने चले गए। अपने आस पास किसी को ना पाकर कादंबनी को लगा कि वह मर चुकी है और जीवन तथा मृत्यु के बीच लटक रही है, उसकी इसी जीवन और मृत्यु के बीच की यात्रा की कहानी।
यह कहानी हर उस पत्नी की है जो पढ़ी- लिखी और विवेकशील होने के कारण परिस्थितियों से समझौता नहीं कर पाती बल्कि उनसे लड़ती है तब -तक, जबतक कि वह लड़ सकती हैं…
कहानी मकड़ी आपको एहसास दिलाएगी इंसान किस प्रकार बाह्यआडंबर जालके में फंसता चला जाता है| जिस से निकल पाना कितना कठिन होता है |जानने के लिए सुनते हैं सुभाष नीरव द्वारा लिखी गई कहानी मकड़ी ,शिवानी आनंद की आवाज में
कहानी एक इंडिया की टॉप राइट “श्रेया जयेश्वरी की है जो अपने सपने पूरे करने के लिए बारात आने से 1 घंटे पहले घर से भाग जाती है |कहानी के प्रसंग में उसकी मुलाकात आर्मी के एक नौजवान युवक शिखर से होती है इनकी मुलाकात आगे क्या रंग लाती है ?जानने के लिए सुनते हैं सिमरन द्वारा लिखी गई कहानी जो अधूरा रह जाए वही तो इश्क है, निधि मिश्रा की आवाज में
सीमित आय वाला निशिकांत जब अपना मासिक बजट बनाता है तो उसकी मनोदशा समझने लायक होती है |अब ऐसी अवस्था में यदि निशिकांत के पास अतिरिक्त खर्चे आ जाते हैं तो फिर वह किस तरीके से अपना बजट बना पाता है| विष्णु प्रभाकर के द्वारा लिखी गई कहानी जीवन एक कहानी में जानते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में…
एक जहाज के कप्तान से एक सौदागर उसके पिता की मृत्यु के बारे में प्रश्न पूछता है वह जानना चाहता है कि उसे वही कार्य करने में डर क्यों नहीं लगता जिस कारण उसके पिता की मृत्यु हुई कप्तान क्या उत्तर देता है ? इस छोटी सी कहानी से क्या सीख मिलती है जाने के लिए सुनते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी निराला द्वारा लिखी गई कहानी सौदागर और कप्तान और निधि मिश्रा जी की आवाज में
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